{"_id":"581b7f6e4f1c1bc52b4369be","slug":"teacher-recruitment-scam-sit-arrested-co-accused-from-bhiwani","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"टीचर भर्ती घोटाला: एसआईटी ने भिवानी से सहआरोपी को दबोचा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
टीचर भर्ती घोटाला: एसआईटी ने भिवानी से सहआरोपी को दबोचा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 03 Nov 2016 11:48 PM IST
विज्ञापन
अरेस्ट
- फोटो : Demo Pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टीचर भर्ती घोटाले में यूटी पुलिस की एसआईटी ने बृजेंद्र नैन नामक सहआरोपी को गिरफ्तार किया है। सोनीपत निवासी बृजेंद्र को भिवानी से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपी को वीरवार को जिला अदालत में पेश कर चार दिन का रिमांड हासिल किया।
केस के जांच अधिकारी डीएसपी कृष्ण कुमार के अनुसार यूटी पुलिस की ओर से मामले में की गई यह पहली गिरफ्तारी है। इससे पहले दिनेश कुमार यादव को पुलिस ने पंजाब विजिलेंस से प्रोडक्शन वारंट पर लिया था। उन्होंने कहा कि अब बृजेंद्र से मामले के मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी करनी है। इसके लिए उसे लखनऊ और सोनीपत लेकर जाना है। उससे वे वाहन भी बरामद करने हैं, जिनमें वह कैंडिडेट्स को लेकर डील फाइनल करने के लिए अलग-अलग शहरों में गया था।
नैन पर आरोप है कि उसने दो कोचिंग इंस्टीट्यूट के 25 कैंडिडेट्स से 7-7 लाख रुपये में टीचर भर्ती का पेपर पास करवाने की डील फाइनल की थी। बृजेंद्र के पास सबसे अधिक कैंडिडेट्स सोनीपत से थे। इसके अलावा हरियाणा के अन्य हिस्सों से भी उसके पास कैंडिडेंट्स आए थे ।
विज्ञापन
विज्ञापन
केस के जांच अधिकारी डीएसपी कृष्ण कुमार के अनुसार यूटी पुलिस की ओर से मामले में की गई यह पहली गिरफ्तारी है। इससे पहले दिनेश कुमार यादव को पुलिस ने पंजाब विजिलेंस से प्रोडक्शन वारंट पर लिया था। उन्होंने कहा कि अब बृजेंद्र से मामले के मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी करनी है। इसके लिए उसे लखनऊ और सोनीपत लेकर जाना है। उससे वे वाहन भी बरामद करने हैं, जिनमें वह कैंडिडेट्स को लेकर डील फाइनल करने के लिए अलग-अलग शहरों में गया था।
विज्ञापन
नैन पर आरोप है कि उसने दो कोचिंग इंस्टीट्यूट के 25 कैंडिडेट्स से 7-7 लाख रुपये में टीचर भर्ती का पेपर पास करवाने की डील फाइनल की थी। बृजेंद्र के पास सबसे अधिक कैंडिडेट्स सोनीपत से थे। इसके अलावा हरियाणा के अन्य हिस्सों से भी उसके पास कैंडिडेंट्स आए थे ।
विज्ञापन
ये है मामला
गिरफ्तार
- फोटो : file photo
यूटी शिक्षा विभाग ने पिछले साल 1150 जेबीटी और टीजीटी टीचरों की भर्ती की थी। इसके बाद विजिलेंस जांच में सामने आया था कि भर्ती के लिए लिखित परीक्षा से तीन दिन पहले ही पेपर परीक्षार्थियों के हाथों में था। इसके लिए दलालों ने परीक्षार्थियों से सात-सात लाख रुपये लिए थे।
पंजाब विजिलेंस की पूछताछ के दौरान आरोपी दिनेश ने कबूला था कि टीचर भर्ती घोटाले में धांधली हुई है। इसके बाद पंजाब विजिलेंस ने एक रिपोर्ट यूटी प्रशासन और पुलिस को भेजी थी और मामले की छानबीन करने को कहा था। शिक्षक भर्ती घोटाले के सामने आने पर यूटी पुलिस ने एसआईटी गठित की थी। इसका नेतृत्व एसपी रवि कुमार कर रहे हैं।
पंजाब विजिलेंस की पूछताछ के दौरान आरोपी दिनेश ने कबूला था कि टीचर भर्ती घोटाले में धांधली हुई है। इसके बाद पंजाब विजिलेंस ने एक रिपोर्ट यूटी प्रशासन और पुलिस को भेजी थी और मामले की छानबीन करने को कहा था। शिक्षक भर्ती घोटाले के सामने आने पर यूटी पुलिस ने एसआईटी गठित की थी। इसका नेतृत्व एसपी रवि कुमार कर रहे हैं।