सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जजों के सामने निगला जहर
पंजाब के अमृतसर में केबल ऑपरेटरों पर हुए सेमिनार में एक ऑपरेटर ने सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट से आए जजों के सामने जहर निगल लिया। उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
चौक मन्ना सिंह निवासी ऑपरेटर जसविंदर सिंह जस्सी ने जहर निगलने से पहले सुसाइड नोट की कॉपियां भी फेंकी और कहा कि वह फास्ट वे केबल अमृतसर के एमडी सरबजीत सिंह राजू और ट्रांसपोर्टर गुरदीप सिंह से दुखी होकर जान दे रहा है। इन लोगों ने उसका पूरा कारोबार बंद करवा दिया है और उसे लगातार जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं।
रेगुलेटरी फ्रेमवर्क एंड डिसप्यूट रेजोल्यूशन इन टेलीकॉम, ब्रॉडकास्टिंग एंड केबल सर्विस सेक्टर की ओर से शनिवार को रणजीत एवेन्यू स्थित होटल में सेमिनार आयोजित किया गया था। सेमिनार में चेयरमैन जस्टिस आफताब आलम सहित सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस आदर्श कुमार गोयल, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के जज जस्टिस सतीश कुमार मित्तल समेत पूरे पंजाब से करीब 250 केबल ऑपरेटर पहुंचे थे।
सीबीआई कोर्ट में सेक्स रैकेट में गवाह है
इसी दौरान केबल ऑपरेटर जसविंदर सिंह अपनी कुर्सी से उठे और उन्होंने तैयार की गई अपनी फाइल कमेटी के सामने पेश की। उसने चिल्लाते हुए कहा कि वह फास्ट वे केबल के एमडी सरबजीत सिंह राजू और ट्रांसपोर्टर से बेहद परेशान है।
वह दोनों से दुखी होकर सुसाइड कर रहा है। इसके बाद उन्होंने अपनी जेब से जहर निकाला और निगल लिया। जहर निगलते ही वे जमीन पर गिर गए। साथियों ने उसे गुरु नानक देव अस्पताल पहुंचाया जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
जस्सी, राजू के खिलाफ सीबीआई कोर्ट में चल रहे सेक्स रैकेट में गवाह है। जस्सी का आरोप है कि राजू और गुरदीप सिंह उसे परेशान कर रहे हैं कि वह अपनी गवाही वापस ले ले।
इन लोगों ने उसका केबल का धंधा चौपट कर दिया है। इसी परेशानी के कारण उसकी पत्नी को पैरालिसिस अटैक आ गया और वह बिस्तर पर है। आर्थिक हालात बदतर होने के चलते बच्चों की पढ़ाई बीच में छूट रही है।