फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   RS ATM managed to find it in one piece of iron hook

शातिर ठग एटीएम तोड़ने को अपनाते थे ये गजब फार्मूला

Mon, 06 Jan 2014 04:20 PM IST
अमर उजाला चंडीगढ़
अमर उजाला चंडीगढ़ Updated Mon, 06 Jan 2014 04:20 PM IST
विज्ञापन
RS ATM managed to find it in one piece of iron hook
सेक्टर-22 स्थित यूको बैंक के एटीएम के की-पैड में लोहे का छोटा सा पतला टुकड़ा (पत्ती) फंसाकर लोगों के रुपये निकालने वाले दो युवकों को पुलिस ने रविवार को दबोच लिया।
विज्ञापन


पकड़े गए युवकों की पहचान दिल्ली स्थित गोबिंदपुर के नेहरू कैंप निवासी अजहरुद्दीन और विपिन कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ में पता चला कि अजहरुद्दीन बीए सेकंड में पढ़ता है और विपिन एलजी कंपनी में सेल्समैन की नौकरी करता है।
विज्ञापन


पुलिस ने उनके पास से चार एटीएम कार्ड और लोहे की पत्ती बरामद की है। उन्होंने बताया कि एटीएम के की-पैड में पिन फंसाकर रुपये निकालने का आइडिया उन्होंने एक चैनल पर देखा था।
विज्ञापन
विज्ञापन


सेक्टर 22 चौकी पुलिस ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया। दोनों वारदात को अंजाम देने दिल्ली से चंडीगढ़ आते थे। वे चौथी बार वारदात को अंजाम देने चंडीगढ़ आए थे।

ऐसे पकड़े गए आरोपी
अजहरुद्दीन और विपिन कुमार ने 25 दिसंबर को सेक्टर 22 के ही यूको बैंक से सेक्टर-36 निवासी जगदीप कौर और 29 दिसंबर को पटियाला निवासी धर्मवीर सिंह के दस-दस हजार रुपये ठगे थे।

इसके बाद युवकों ने एक और बार रुपये निकालने की कोशिश की थी लेकिन वे कामयाब नहीं हो सके। शिकायत मिलने पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज देखी तो पाया कि ठगी करने वाले एक युवक के हाथ में प्लास्टर बंधा हुआ है। वहीं एटीएम के बाहर खडे़ उसके साथी के हाथ में भी चोट लगी थी।


इस पर सेक्टर-22 चौकी इंचार्ज रामरतन शर्मा और एएसआई गुरदीप ने योजना बनाते हुए यूको बैंक के एटीएम के पास पुलिसकर्मी तैनात कर दिए।

डीएसपी आशीष कपूर ने बताया कि सेक्टर-22 चौकी इंचार्ज रामरतन शर्मा को रविवार को सूचना मिली कि हाथ में प्लास्टर बांधे एक युवक एटीएम के पास नजर आया है।

उसके साथ एक और युवक था जिसके हाथ में भी चोट लगी थी। पुलिस ने तुरंत सीसीटीवी से मिली तस्वीर से उनका मिलान किया तो उनके चेहरे मिलते पाए गए। इस पर पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।

इस तरह देते थे वारदात को अंजाम
- अजहरुद्दीन और विपिन एटीएम की की-पैड़ में ओके बटन पर लोहे का छोटा सा पतला टुकड़ा (पत्ती) फंसा देते थे।
- लोग रुपये निकालने के लिए सारी प्रक्रिया पूरी कर ओके बटन दबाते थे तो यह दबता नहीं था।
- इतने में एक आरोपी एटीएम के अंदर आता और कहता कि एटीएम मशीन खराब है। इससे पैसे नहीं निकलेंगे।
- जब रुपये निकालने वाला व्यक्ति चला जाता तो आरोपी लोहे के टुकड़े को हटा देते। इसके बाद ओके का बटन दबाकर रुपये निकाल लेते।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed