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चंडीगढ़ रेप: पांचों आरोपी दो दिन के रिमांड पर

Tue, 24 Dec 2013 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Updated Tue, 24 Dec 2013 12:50 AM IST
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rape in PCR van :  accused policeman  remand for two-day

17 वर्षीय नाबालिग छात्रा से पुलिसवालों द्वारा दुराचार करने के मामले की सुनवाई सोमवार को सिविल जज अनिल कौशिक की अदालत में हुई।

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एसआईटी इंचार्ज डीएसपी कमला मीणा ने पांच आरोपी कांस्टेबल अक्षय, सुनील, अनिल , जगतार और हिम्मत को पेश किया।

सभी ने अपने चेहरे छुपा रखे थे। सरकारी वकील ने अदालत से पांचो आरोपियों का चार दिन का पुलिस रिमांड मांगा। उन्होंने कहा कि अभी तक पीड़िता छात्रा के बयान दर्ज नहीं हुए है।

पीड़िता छात्रा के बयानों के बाद ही आरोपियों से सवाल जवाब करने हैं। इसके अलावा घटनास्थल की पहचान भी करानी है।

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पीड़िता के वकील गगन अग्रवाल ने बताया कि छात्रा काफी डरी हुई है। इसके लिए पुलिस के सामने नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि मामले की एफआईआर पुलिस वेबसाइड पर डाउनलोड कर दी है।
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इसके अलावा कई नेता और सेलीब्रिटी ने पीड़िता के घर जाकर उसकी पहचान सार्वजनिक करवा दी है। इसपर जज ने कहा कि छात्रा को एसआईटी के सामने बयान दर्ज करवाए ताकि जांच प्रभावित न हो।

सरकारी वकील ने कहा कि पीड़िता छात्रा को पार्षद सौरभ जोशी ने अपनी कस्टडी में ले रखा है। पुलिस ने सौरभ जोशी को फोन और एसएमएस किए लेकिन उन्होंने कोई रिस्पांस नहीं दिया।

अक्षय और सुनील के वकील मंजीत सिंह ने पुलिस के रिमांड का विरोध किया। आरोपी अनिल के वकील हरीश भारद्वाज ने कहा कि रिमांड की कोई जरूरत नहीं है।

पीड़िता के वकील ने कहा कि आरोपी कांस्टेबल पीड़िता की तीन सहेली को भी तंग करते थे। इसपर डीएसपी जगबीर ने कहा कि जांच में अभी यह जानकारी सामने नहीं आई है।

अदालत ने सभी पक्षों की दलीले सुनने के बाद आदेश दिए कि पीड़िता छात्रा को घर जाकर न पूछताछ की जाए। पीड़िता और उसके परिवार को ऐसी जगह पर लेकर जाए जिसकी जानकारी आम लोगो का पता न चल सके।

इसके बाद अदालत ने पांचों आरोपियों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
 
आरोपियों की पहचान छुपाने में लगी रही पुलिस
दो चोरी के आरोपियों को पकड़ लेने पर भी फोटो खींचने के लिए मीडिया को आमंत्रित करने वाली चंडीगढ़ पुलिस आरोपी कांस्टेबलों की पहचान छुपाने की हर कोशिश कर रही है।


उनके नाम भी आधे-अधूरे ही एफआईआर में दर्ज हैं। पुलिस की ओर से आरोपियों के बारे में कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

दूसरी और योग गुरु रामदेव और समर्थकों की भीड़ के साथ पीड़िता के घर जाकर पुलिस अधिकारियों ने उसकी पहचान सार्वजनिक करने में अहम भूमिका निभाई।

सोमवार को जब पांचों बर्खास्त कांस्टेबलों अक्षय, सुनील, अनिल ,जगतार और हिम्मत  को कोर्ट में पेश किया गया तो पुलिस ने इसकी पूरी कोशिश की कि उन्हें ज्यादा लोग देख न सकें।

आरोपियों को लाने से पहले पुलिस कोर्ट रूम के बाहर बैठे लोगों को खदेड़ दिया।

इस काम के लिए सुबह नौ बजे से ही जिला अदालत के चारों तरफ पुलिस की रिजर्व फोर्स, दो दर्जन से ज्यादा पुलिस जवान, पांच कांस्टेबल और तीन डीएसपी डीएसपी जगबीर सिंह, डीएसपी आशीष कपूर और अनिल जोशी तैनात थे।

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