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NRI की हत्या के तीन दोषियों को उम्रकैद, जमीन के झगड़े में मारी थी गोली
ब्यूरो/अमर उजाला, मोगा(पंजाब)
Updated Mon, 27 Mar 2017 11:13 PM IST
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- फोटो : Demo Pic
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एडिशनल जिला एवं सेशन जज राजिंदर अग्रवाल की अदालत ने थाना सदर के तहत गांव कालिएवाला में एनआरआई की हत्या के मामले में महिला समेत तीन को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा एक हथियार धारक दोषी को आर्म्स एक्ट के अंतर्गत एक माह की कैद का आदेश दिया गया है। केस में नामजद दो गैंगस्टरों और पुलिस इंस्पेक्टर समेत पांच आरोपियों को अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।
थाना सदर अधीन गांव कालिएवाला में दो साल पहले बैसाखी पर कनाडा के एनआरआई हरिंदर सिंह काला की जमीनी झगड़े में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। थाना सदर पुलिस ने इस केस में पुलिस इंस्पेक्टर भोला सिंह, बलजिंदर कौर, दो भाइयों कुलदीप सिंह और कुलबीर सिंह गांव कालिएवाला के अलावा राजिंदर सिंह गांव बहराम जिला रोपड़ और हथियार लाइसेंस धारक मोहण सिंह के अलावा दो गैंगस्टरों परविंदर सिंह उर्फ लिखारी और गुरप्रीत सिंह गुरी खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दायर किया था।
इस केस में एडिशनल जिला एवं सेशन जज राजिंदर अग्रवाल की अदालत ने दोनों गुटों के वकीलों को सुनने और तथ्यों को पढ़ने के बाद 17 मार्च को बलजिंदर कौर, कुलदीप सिंह और कुलबीर सिंह को हत्या और मोहण सिंह को आर्म्स एक्ट के अंतर्गत दोषी करार देकर सजा के लिए सोमवार की तारीख तय की थी। इस केस में नामजद दो गैंगस्टरों परविंदर सिंह उर्फ लिखारी और गुरप्रीत सिंह गुरी के अलावा पुलिस इंस्पेक्टर भोला सिंह समेत पांच आरोपियों को अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था।
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सोमवार को बलजिंदर कौर, कुलदीप सिंह और कुलबीर सिंह को उम्र कैद और 1-1 लाख रुपये जुर्माना और जुर्माना अदा न करने पर एक साल अतिरिक्त कैद का आदेश सुनाया गया। आर्म्स एक्ट के अंतर्गत दोषी करार दिए मोहण सिंह को एक माह कैद और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
लापरवाही सामने आने के बाद 4 अफसर हुए थे बर्खास्त
इस बहुचर्चित मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आने के बाद पीड़ित परिवार ने रोष प्रकट करते हुए मृतक एनआरआई का कई दिन अंतिम संस्कार नहीं किया था। मामला मुख्यमंत्री तक गया था। इसके बाद लापरवाही के आरोप में इंस्पेक्टर कुलजिंदर सिंह, सब इंस्पेक्टर गुलजिंदर पाल सिंह सेखों और एएसआई भाग मल्ल के अलावा हत्या में नामजद इंस्पेक्टर भोला सिंह को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। हत्या में नामजद इंस्पेक्टर भोला सिंह को अदालत ने बरी कर दिया है और बर्खास्त एएसआई भाग मल्ल को विभाग ने बहाल कर दिया है। इंस्पेक्टर कुलजिंदर सिंह, सब इंस्पेक्टर गुलजिंदर पाल सिंह सेखों (दोनों तत्कालीन थाना सदर प्रमुख) की बहाली की अर्जी विभाग के पास लंबित है।
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थाना सदर अधीन गांव कालिएवाला में दो साल पहले बैसाखी पर कनाडा के एनआरआई हरिंदर सिंह काला की जमीनी झगड़े में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। थाना सदर पुलिस ने इस केस में पुलिस इंस्पेक्टर भोला सिंह, बलजिंदर कौर, दो भाइयों कुलदीप सिंह और कुलबीर सिंह गांव कालिएवाला के अलावा राजिंदर सिंह गांव बहराम जिला रोपड़ और हथियार लाइसेंस धारक मोहण सिंह के अलावा दो गैंगस्टरों परविंदर सिंह उर्फ लिखारी और गुरप्रीत सिंह गुरी खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दायर किया था।
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इस केस में एडिशनल जिला एवं सेशन जज राजिंदर अग्रवाल की अदालत ने दोनों गुटों के वकीलों को सुनने और तथ्यों को पढ़ने के बाद 17 मार्च को बलजिंदर कौर, कुलदीप सिंह और कुलबीर सिंह को हत्या और मोहण सिंह को आर्म्स एक्ट के अंतर्गत दोषी करार देकर सजा के लिए सोमवार की तारीख तय की थी। इस केस में नामजद दो गैंगस्टरों परविंदर सिंह उर्फ लिखारी और गुरप्रीत सिंह गुरी के अलावा पुलिस इंस्पेक्टर भोला सिंह समेत पांच आरोपियों को अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था।
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सोमवार को बलजिंदर कौर, कुलदीप सिंह और कुलबीर सिंह को उम्र कैद और 1-1 लाख रुपये जुर्माना और जुर्माना अदा न करने पर एक साल अतिरिक्त कैद का आदेश सुनाया गया। आर्म्स एक्ट के अंतर्गत दोषी करार दिए मोहण सिंह को एक माह कैद और दो हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
लापरवाही सामने आने के बाद 4 अफसर हुए थे बर्खास्त
इस बहुचर्चित मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आने के बाद पीड़ित परिवार ने रोष प्रकट करते हुए मृतक एनआरआई का कई दिन अंतिम संस्कार नहीं किया था। मामला मुख्यमंत्री तक गया था। इसके बाद लापरवाही के आरोप में इंस्पेक्टर कुलजिंदर सिंह, सब इंस्पेक्टर गुलजिंदर पाल सिंह सेखों और एएसआई भाग मल्ल के अलावा हत्या में नामजद इंस्पेक्टर भोला सिंह को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। हत्या में नामजद इंस्पेक्टर भोला सिंह को अदालत ने बरी कर दिया है और बर्खास्त एएसआई भाग मल्ल को विभाग ने बहाल कर दिया है। इंस्पेक्टर कुलजिंदर सिंह, सब इंस्पेक्टर गुलजिंदर पाल सिंह सेखों (दोनों तत्कालीन थाना सदर प्रमुख) की बहाली की अर्जी विभाग के पास लंबित है।