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चंडीगढ़ में बढ़ रहा साइबर क्राइम: पुलिस से दो कदम आगे अपराधी, हर बार नए तरीके से हो रही साइबर ठगी 

Tue, 01 Feb 2022 05:30 PM IST
निवेदिता वर्मा संजीव खत्री, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संजीव खत्री, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 01 Feb 2022 05:30 PM IST
सार

साइबर ठग हर बार ठगी का नया तरीका आजमाते हैं। कभी कार्ड ब्लॉक तो कभी केवाईसी करवाने के नाम पर लोगों को अपने झांसे में लेते हैं। कोरोना आया तो वैक्सीन लगवाने के लिए किए जाने वाले ऑनलाइन पंजीकरण को भी ठगी का जरिया बना लिया।

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Online fraud cases are increasing in Chandigarh
साइबर क्राइम - फोटो : Demo

विस्तार

चंडीगढ़ में ऑनलाइन ठगी के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। ठगों को पकड़ने के लिए पुलिस के पास साइबर क्राइम सेल है, लेकिन फिर भी ऑनलाइन ठगी के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। कारण है कि, बेहद शातिर ठगों ने आज की जरूरत के हिसाब से खुद को अपग्रेड कर लिया है।

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साइबर ठग हर बार ठगी का नया तरीका आजमाते हैं। कभी कार्ड ब्लॉक तो कभी केवाईसी करवाने के नाम पर लोगों को अपने झांसे में लेते हैं। कोरोना आया तो वैक्सीन लगवाने के लिए किए जाने वाले ऑनलाइन पंजीकरण को भी ठगी का जरिया बना लिया। हनी ट्रैप और सामान बेचने के नाम पर तो ठगी बदस्तूर जारी है। देश में बेरोजगारी है तो नौकरी लगवाने के नाम पर युवाओं को ठगा जा रहा है। पुलिस एक तरीके का पता लगाती है, इतने में ठग 10 नए तरीके ईजाद कर लेते हैं। मतलब ठग आगे-आगे और पुलिस पीछे-पीछे, लेकिन ठग हमेशा पुलिस से हमेशा दो कदम आगे रहते हैं। पुलिस अपनी ड्यूटी कर रही है और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को जागरूक भी कर रही है, लेकिन यह काफी नहीं है। लगभग रोजाना भोले-भाले लोग ऑनलाइन ठगी का शिकार हो रहे हैं और अपनी गाढ़ी कमाई लुटा रहे हैं।
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17 दिसंबर: फौजी बनकर कार बेचने के नाम पर ठगी
सेक्टर-38 वेस्ट के सौरभ वर्मा को पुरानी कार की तलाश थी। उन्होंने ओएलएक्स पर खोज शुरू की। कुछ घंटों के बाद उन्हें एक फोन आया और फोन करने वाले ने अपना परिचय एक फौजी के रूप में दिया। ठग ने अपना खाता नंबर मुहैया कराया और करीब 20 हजार रुपये जमा करवा लिए। हालांकि, बाद में सौरभ को एहसास हो गया कि उसके साथ ठगी हो चुकी है। 
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4 दिसंबर : नौकरी दिलाने के नाम पर 91000 ठगे
मनीमाजरा निवासी महिला ने सितंबर 2021 में नौकरीडॉटकॉम पर पंजीकरण कराया था। उसे दिल्ली से अज्ञात नंबर से कॉल आई और पंजीकरण के लिए 2800 रुपये जमा करने के लिए कहा। इस दौरान आरोपी ने विभिन्न खातों में 91000 रुपये ट्रांसफर करवा लिए। महिला ने एसएसपी पब्लिक विंडो में शिकायत दर्ज कराई और साइबर सेल ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के बाद साइबर सेल ने पांच दिसंबर को आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया।

7 जनवरी : एयरफोर्स अधिकारी को हनी ट्रैप में फंसाया, ठगे 50 हजार रुपये
सेक्टर-34 निवासी 50 वर्षीय चंद्रमोहन सेक्टर-34 के एयरफोर्स के दफ्तर में कार्यरत हैं। उन्हें एक अनजान युवती ने फेसबुक पर दोस्ती के लिए फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर जाल में फंसा लिया। युवती ने एयरफोर्स अधिकारी को वीडियो कॉल कर अपने कपड़े उतार दिए। युवती ने कॉल को रिकॉर्ड कर लिया। उसके बाद युवती ने अधिकारी को कॉल कर वीडियो वायरल करने की धमकी दी। अधिकारी के साथ 50 हजार रुपये की ठगी हुई।

26 जनवरी : केवाईसी खत्म होने का झांसा देकर 10 लाख उड़ाए
सेक्टर-21 निवासी हीरा लाल महाजन के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से मैसेज आया कि आपके बैंक खाते की केवाईसी खत्म हो गई है। आरोपी ने हीरा लाल के मोबाइल पर एक लिंक भेजा और टीम व्यूअर एप डाउनलोड करवाकर एचडीएफसी के बैंक खाते से तीन बार में 9 लाख 99 हजार 30 रुपये उड़ गए। साइबर सेल के प्रभारी हरिओम शर्मा ने बताया कि एप डाउनलोड करने के बाद पीड़ित के मोबाइल की स्क्रीन आरोपी के मोबाइल पर दिखे लगती है, जिससे वह ठगी आसानी से कर लेते हैं।

28 जनवरी : रिटायर्ड कर्नल की पत्नी के खाते से उड़ाए 10 लाख
सेक्टर-19 निवासी रिटायर्ड कर्नल की 60 वर्षीय पत्नी के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से मैसेज आया कि आपके सिम की केवाईसी खत्म होने वाली है। उसने पीड़ित को कॉल कर कहा कि केवाईसी न करवाने पर दो घंटे में उनका मोबाइल बंद हो जाएगा। आरोपी ने टीम व्यूअर के नाम से एक एप डाउनलोड करने के लिए लिंक भेजा। महिला ने जैसे ही यह एप डाउनलोड किया तो उनके बैंक खाते से 10 लाख रुपये उड़ गए।

वर्ष 2021 में इस तरह से हुई धोखाधड़ी

- एटीएम/डेबिट/क्रेडिट क्लोनिंग और मिसयूज, कार्ड चेंजिंग और एटीएम से रुपये निकाल 785 लोगों से ठगी
- एटीएम कार्ड का पिन नंबर हासिल कर ऑनलाइन रुपये निकालने की 545 लोगों से ठगी
- यूपीआई लिंक के जरिए फ्रॉड ट्रांजेक्शन कर 186 लोगों से ठगी
- फेंक लिंक भेजकर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर 125 लोगों से ठगी
- व्हाट्सएप, आईएमओ और वीओआईपी कॉल कर 1066 लोगों से ठगी
- फेसबुक और इंस्टाग्राम की आईडी को हैक कर 458 लोगों से ठगी
- ईमेल ट्विटर व अन्य वेबसाइट को हैक कर और जाली आईडी बनाकर 195 लोगों से ठगी
- ओएलएक्स पर खरीदने और बेचने को लेकर 303 लोगों से ठगी
- नौकरी लगवाने और वीजा और वर्क परमिट लगवाने के नाम पर 280 लोगों से ठगी
- लॉटरी लगने, गिफ्ट और प्राइज मनी का लालच देकर 125 लोगों से ठगी
- लोन दिलवाने के नाम पर 136 लोगों से ठगी
- फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर सामान खरीदने बेचने को लेकर 653 लोगों से ठगी
- बीमा और एलआईसी पॉलिसी के नाम पर 27 लोगों से ठगी

साइबर प्रभारी के सुझाव

लोगों को आजकल व्हाट्सअप पर शातिर कौन बनेगा करोड़पति की ओर से एक मैसेज भेज रहे हैं। वह कहते हैं कि आपकी 25 लाख रुपये की लॉटरी लगी है। यह बिल्कुल फर्जी है, उनसे बात ही मत करें। किसी अंजान व्यक्ति को अपने बैंक खाते से जुड़ी कोई जानकारी शेयर न करें। इंस्टाग्राम, फेसबुक व सोशल मीडिया पर किसी अंजान की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार मत करें। सोशल मीडिया पर शातिर किसी की तस्वीर लगाकर उनके जानकार बनकर रुपये मांग रहे हैं। जब तक जानकार से बात न हो जाए उसे रुपये मत दें। कोई भी बैंक अधिकारी या यूट्यूब चैनल का अधिकारी बनकर इंटरनेट कॉल करता है तो उसे रिसीव मत करें।  -हरिओम शर्मा, प्रभारी निरीक्षक, साइबर सेल 

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