फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   old man commit suicide

घोड़ी पर नहीं चढ़ पाया, तो लगा लिया फंदा

Sun, 14 May 2017 09:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा) Updated Sun, 14 May 2017 09:32 AM IST
विज्ञापन
old man commit suicide
घोड़ी पर नहीं चढ़ा तो कर लिया सुसाइड - फोटो : Demo Pic
घोड़ी पर चढ़ने को नहीं मिला, तो शख्स ने फंदा लगा कर सुसाइड कर लिया। सुनने में थोड़ा अजीब जरुर लगेगा, लेकिन ये सच है, घटना हरियाणा के रोहतक के कच्चा चमारिया रोड पर हनुमान मंदिर के निर्माणाधीन हिस्से में नाथ संप्रदाय के 72 वर्षीय जीतनाथ ने फंदा लगाकर जान दे दी। आशंका है कि रात को वह अपने साथ लाई घोड़ी पर चढ़ने का प्रयास कर रहा था, लेकिन कामयाब नहीं हो सका। इस जद्दोजहद में घोड़ी भी घायल हो गई। इसके बाद उसने अपनी चादर लोहे के सरिये में डाली और फंदा लगा लिया। 
विज्ञापन


पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया है। गोकर्ण चौकी प्रभारी सतपाल सिंह ने बताया कि झज्जर जिले के गांव सुभानी माजरा निवासी जीतनाथ अपने गांव के ही एक मंदिर में लंबे समय से सेवा करता था। परिजनों ने बताया कि कुछ समय पहले जीतनाथ को पता चला कि रोहतक के कच्चा चमारिया रोड पर स्थित बाला जी मंदिर में बाबा दीपक नाथ तपस्या कर रहे हैं। वह दीपक नाथ से मिलने के लिए चार दिन पहले बुधवार को घोड़ी लेकर मंदिर में पहुंच गया। 
विज्ञापन

शव बाला जी मंदिर के गेट पर लटका मिला

old man commit suicide
72 वर्षीय जीतनाथ ने फंदा लगाकर जान दी - फोटो : Demo Pic
पुलिस के मुताबिक दीपक नाथ से मुलाकात के बाद शुक्रवार की रात एक बजे बाबा जीतनाथ मंदिर में यह कहकर अपनी घोड़ी लेकर निकल गया कि वह अपने गांव जा रहा है। शनिवार की सुबह जीतनाथ का शव बाला जी मंदिर के गेट पर लटका मिला।

मामले की सूचना मिलने पर सिटी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतारा। साथ ही फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉक्टर सरोज दहिया को मौके पर बुलाया गया। पड़ताल के बाद परिजनों के बयान दर्ज किए, जिन्होंने कहा कि जीतनाथ गुर्दे की बीमारी से परेशान था। हो सकता है इस कारण उसने फंदा लगाकर जान दी हो। 

जीतनाथ ने आत्महत्या की है। संभावना है कि वह रात को घोड़ी पर सवार होकर घर जाना चाहता था, लेकिन घोड़ी पर चढ़ नहीं सका। इसके बाद उसने फंदा लगाकर जान दे दी। परिजनों ने बीमारी से परेशान रहने की बात कही है। आत्महत्या मानकर शव को परिजनों के हवाले कर दिया गया है।
- राजेश कुमार, सिटी थाना प्रभारी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed