चलती बस में फिर छेड़छाड़, वो भी महिला कांस्टेबल से
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दो बहनों से चलती बस में कथित छेड़छाड़ के बाद अब महिला पुलिसकर्मी ही मनचले का शिकार हो गई। महम से रोहतक आ रही बस में महिला कांस्टेबल के साथ एक युवक ने छेड़छाड़ कर दी। महिला ने तुरंत फोन कर परिजनों को सूचना दे दी।
महिला के घर वालों ने महम के गोहाना मोड़ पर ही बस को रुकवा लिया और आरोपी को दबोच लिया। काफी देर हंगामे के बाद आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया। गिरफ्तार युवक सीसर खास गांव का रहने वाला विकास है और हाल ही में पटवारी लगा है। विकास ट्रेनिंग के लिए रोहतक आ रहा था। महम पुलिस बुधवार को उसे अदालत में पेश करेगी।
महम थाना प्रभारी राकेश ने बताया कि महम निवासी एक महिला पुलिस में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत है। उसने शिकायत दी है कि ड्यूटी के चलते उसे हर रोज महम से रोहतक बस में आना-जाना पड़ता है। एक युवक कई दिन से उसे परेशान कर रहा था।\
मंगलवार सुबह जब ड्यूटी पर जाने के लिए अड्डे से बस में सवार हुई तो सीट पर आरोपी युवक सीसरखास निवासी विकास ने छेड़छाड़ की। उसने विरोध किया तो झगड़ा करने लगा। तत्काल पीड़िता ने फोन करके अपने पति को सूचना दी। वह परिजनों के साथ महम के गोहाना मोड़ पर आ गया और बस को रुकवा लिया। तुरंत आरोपी युवक विकास को दबोच लिया गया।
घटना ने पुलिस सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी
थाना खुर्द गांव निवासी दो बहनों से चलती बस में छेड़छाड़ के बाद चाहे पुलिस बसों में महिला यात्रियों की सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन हकीकत इससे परे है।
असलियत ये है कि बसों में महिलाएं कतई सुरक्षित नही हैं। न बस अड्डों पर छेड़छाड़ की घटनाएं रुक रही हैं और न ही बसों के अंदर। मंगलवार की घटना ने सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी।
महिला पुलिसकर्मी वर्दी में सफर करें तो कम हो घटनाएं
हाल ही में डीजीपी ने आदेश जारी किए हैं कि पूरे प्रदेश में पुलिसकर्मी रोडवेज बसों के अंदर वर्दी में सफर करेंगे। चाहे वे ड्यूटी पर हों या नहीं। तर्क दिया गया कि इससे बसों में खासकर महिलाओं में सुरक्षा का भाव जगेगा। लेकिन सवाल ये है कि अगर महिला पुलिसकर्मी वर्दी में सफर करें तो इससे भी दूसरे यात्रियों में सुरक्षा का अहसास जगेगा और वे खुद भी महफूज रहेंगी।