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नकाबपोश लुटेरे फैक्टरी में घुसे, वर्करों को बंधक बनाकर लूटे साढ़े 4 लाख
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना(पंजाब)
Updated Tue, 31 Jan 2017 09:46 AM IST
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इंडस्ट्री एरिया स्थित आरके रोड पर हथियारबंद लुटेरा गिरोह के सदस्यों ने एक ऑटो पार्टस फैक्टरी को अपना निशाना बनाया। लुटेरों ने फैक्टरी के वर्करों को बंधक बना कर फैक्टरी में पड़ी एक लाख रुपये की नकदी, अलमारी में पड़े सोने चांदी के सिक्के व अन्य कीमती सामान लूट लिया। मोटरसाइकिल पर आए करीब दस लुटेरे वारदात को अंजाम देकर वहां से फरार हो गए। किसी तरह एक वर्कर ने खुद को खोला और फैक्ट्री मालिक को सूचना दी। इस सूचना के बाद थाना डिवीजन नंबर-6 के एसएचओ सुभाष आरोड़ा अपनी टीम के साथ पहुंचे। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात लुटेरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फैक्ट्री मालिक दीपक सोनी ने कहा कि आरके रोड पर माया ऑटो इंडस्ट्री के नाम से उनकी फैक्टरी है। यहां साइकिल पार्ट्स तैयार किए जाते है। फैक्ट्री में दिन और रात की शिफ्ट होती है। रविवार होने की वजह से दिन की शिफ्ट थी। फैक्टरी में दो चौकीदार कुलवंत सिंह, कृष्णा बहादुर मेन गेट के पास थे। दल बहादुर ऑफिस के अंदर सोया था और वर्कर हरि लाल फैक्ट्री के पीछे एक कमरे में था। फैक्टरी मालिक दीपक सोनी का कहना है कि जब लुटेरों ने फैक्ट्री के पीछे बने शटर को उखाड़ने की कोशिश की तो हरि लाल को आवाज आई।
उसने देखा तो वहां लुटेरे थे। लुटेरों ने उसे देख लिया और दबोच लिया। एक लुटेरे ने उसकी गर्दन पर तेजधार हथियार रखकर उसे बंधक बना लिया। फिर दीवार फांदकर सभी लुटेरे अंदर घुस आए। उन्होने मेन गेट पर बैठे चौंकीदार कुलवंत सिंह और कृष्णा बहादूर को हथियारों की नोक पर बंधक बना लिया। लुटेरों ने कुलवंत सिंह की पगड़ी उतारकर उसके हाथ पैर बांध दिए और रस्सियों और तारों से कृष्ण बहादुर को बांध दिया।
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फैक्ट्री मालिक दीपक सोनी ने कहा कि आरके रोड पर माया ऑटो इंडस्ट्री के नाम से उनकी फैक्टरी है। यहां साइकिल पार्ट्स तैयार किए जाते है। फैक्ट्री में दिन और रात की शिफ्ट होती है। रविवार होने की वजह से दिन की शिफ्ट थी। फैक्टरी में दो चौकीदार कुलवंत सिंह, कृष्णा बहादुर मेन गेट के पास थे। दल बहादुर ऑफिस के अंदर सोया था और वर्कर हरि लाल फैक्ट्री के पीछे एक कमरे में था। फैक्टरी मालिक दीपक सोनी का कहना है कि जब लुटेरों ने फैक्ट्री के पीछे बने शटर को उखाड़ने की कोशिश की तो हरि लाल को आवाज आई।
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उसने देखा तो वहां लुटेरे थे। लुटेरों ने उसे देख लिया और दबोच लिया। एक लुटेरे ने उसकी गर्दन पर तेजधार हथियार रखकर उसे बंधक बना लिया। फिर दीवार फांदकर सभी लुटेरे अंदर घुस आए। उन्होने मेन गेट पर बैठे चौंकीदार कुलवंत सिंह और कृष्णा बहादूर को हथियारों की नोक पर बंधक बना लिया। लुटेरों ने कुलवंत सिंह की पगड़ी उतारकर उसके हाथ पैर बांध दिए और रस्सियों और तारों से कृष्ण बहादुर को बांध दिया।
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सोना-चांदी के सिक्के और सामान लूट ले गए
उसके बाद वह ऑफिस में घुसे और दल बहादूर को बंधक बना लिया। लुटेरों ने चारों वर्करो को एक साथ फैक्ट्री के आंगन में बिठा दिया और दो हथियारबंद लुटेरे उसके पास खड़े हो गए। इसके बाद लुटेरों ने सबके मोबाइल फोन से सिम निकाल लिए और मोबाइल फेंक दिए।
फिर लुटेरों ने ऑफिस में पड़ी सभी अलमारियों के लॉक तोड़े और एक अलमारी में पड़े करीब एक लाख रुपये और दूसरी अलमारी में दीवाली पूजा के सोने और चांदी के सिक्के और अन्य सामान लूट लिया।
दीपक सोनी ने कहा कि सोने चांदी के सिक्कों की कीमत करीब 3.50 लाख रुपये है। लुटेरों के जाने के बाद कुलवंत सिंह ने किसी तरह खुद को बंधक मुक्त कर वारदात की सूचना दी। फैक्ट्री में सीसीटीवी कैमरे लगे थे। लुटेरे इतने शातिर थे कि जाते हुए वह डीवीआर तोड़ गए। डीवीआर के भीतर हार्ड डिस्क बच गई। इसे फैक्टरी मालिक ने रिकवरी के लिए भेजा है। थाना डिवीजन छह सीसीटीवी कैमरे की फुटेज अभी हासिल नहीं हुई है। फिलहाल अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
फिर लुटेरों ने ऑफिस में पड़ी सभी अलमारियों के लॉक तोड़े और एक अलमारी में पड़े करीब एक लाख रुपये और दूसरी अलमारी में दीवाली पूजा के सोने और चांदी के सिक्के और अन्य सामान लूट लिया।
दीपक सोनी ने कहा कि सोने चांदी के सिक्कों की कीमत करीब 3.50 लाख रुपये है। लुटेरों के जाने के बाद कुलवंत सिंह ने किसी तरह खुद को बंधक मुक्त कर वारदात की सूचना दी। फैक्ट्री में सीसीटीवी कैमरे लगे थे। लुटेरे इतने शातिर थे कि जाते हुए वह डीवीआर तोड़ गए। डीवीआर के भीतर हार्ड डिस्क बच गई। इसे फैक्टरी मालिक ने रिकवरी के लिए भेजा है। थाना डिवीजन छह सीसीटीवी कैमरे की फुटेज अभी हासिल नहीं हुई है। फिलहाल अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।