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बारात दरवाजे पर खड़ी थी, पुलिस ने आकर रुकवा दी शादी, जानिए क्यों?

Mon, 18 Jul 2016 10:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा) Updated Mon, 18 Jul 2016 10:08 AM IST
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शादी में हुआ हंगामा - फोटो : getty
लड़की की शादी हो रही थी, बारात आने वाली थी कि पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शादी रुकवा दी। इसके पीछे का कारण जानकर चौंक जाएंगे। मामला हरियाणा के रोहतक का है। एक बाप अपनी नाबालिग बेटी की शादी कर रहा था। ऐन मौके पर पुलिस और बाल संरक्षण अधिकारी पहुंच गए और नाबालिग लड़की की शादी रुकवा दी।
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लड़की को 16 साल होने में एक माह बाकी था, लेकिन अभिभावकों ने उसका रिश्ता तय कर दिया था। हालांकि, इसके पीछे मुख्य वजह पिता का कैंसर पीड़ित होना बताया जा रहा है। पिता जिम्मेदारी से जल्द मुक्त होना चाहते थे, इसलिए बेटी की शादी करा रहे थे।
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जानकारों का कहना है कि ग्रामिणों को नियमों की जानकारी नहीं होने के चलते ऐसे मामले सबसे ज्यादा सामने आ रहे हैं। शनिवार को मायना गांव में एक नाबालिग लड़की की शादी होनी थी। इसके लिए लड़के और लड़की पक्ष के लोगों ने पूरी तैयारी कर रखी थी। इसी बीच जिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी करमिंद्र कौर को इसकी सूचना मिली।
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कैंसर से जूझ रहा था बाप, इसलिए कर रहा था शादी

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शादी में नहीं आए गांववाले - फोटो : Getty
मामले की जांच के लिए वह एएसआई हवाकौर, एएसआई राजपाल और कांस्टेबल शर्मिला को साथ गांव पहुंची। लड़की के उम्र संबंधी कागजात की जांच की गई, तो पाया गया कि लड़की अभी 16 वर्ष की भी नहीं हुई है। वह गांव के एक सरकारी स्कूल में 11वीं कक्षा में पढ़ती है।

परिजनों ने बताया कि लड़की के पिता कैंसर की बीमारी से जूझ रहे हैं। इसलिए कटवाड़ा गांव के लड़के के साथ 16 जुलाई को शादी कराई जा रही है। इसके बाद टीम ने लड़कों के परिजनों से बात की और बारात रुकवाई।

वर पक्ष ने कहा कि केवल 5 से 7 व्यक्ति पहुंचकर गोद भराई की रस्म को पूरा करेंगे। शादी लड़का-लड़की के बालिग होने के बाद कराई जाएगी। इसके लिए उनसे लिखित में शपथपत्र लिया गया। परिजनों ने बताया कि बाल विवाह निषेध कानून की जानकारी नहीं थी। पता होता तो शादी नहीं करते।
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