पीजीआई में मरीज से रेप, MMS बना ब्लैकमेलिंग
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पीजीआई के सीनियर लैब टेक्नीशियन पर एक महिला ने ब्लड सैंपल लेने के बहाने बेहोश करके रेप करने और अश्लील वीडियो क्लिपिंग बनाने का आरोप लगाया है।
इसी क्लिपिंग से वह महिला को ब्लैकमेल कर तीन साल तक दुराचार करता रहा। आखिरकार, शनिवार को उसने आईजी आरपी उपाध्याय की ई-मेल पर शिकायत भेजी।
पालमपुर (हिमाचल) निवासी महिला ने बताया कि वर्ष 2001 में उसकी शादी हुई और दो बच्चे हैं। वर्ष-2005 में उसका तलाक हो गया और वह घर-घर जाकर पेशेंट केयर का काम कर दोनों बच्चों को पालने लगी। दूसरे बच्चे के जन्म लेने के बाद अक्सर उसे पेट दर्द की शिकायत रहती थी।
लैब टेक्नेशियन ने इलाज के बहाने किया रेप
इलाज कराने में बाद कुछ महीने तक राहत मिली, लेकिन नवंबर 2011 से पेट में फिर दर्द होने लगा। इसके बाद वह पीजीआई आई। यहां उसे ऑपरेशन के लिए कहा गया।
ऐसे में उक्त टेक्नीशियन से उसकी मुलाकात हुई और उसने सारा इलाज खुद कराने का आश्वासन दिया। उसने कहा कि वह जांच के लिए सैंपल उसके घर आकर ले लेगा। उसने उसका फोन नंबर भी ले लिया।
उसके बाद उसने खुड्डा लाहौरा स्थित घर आकर उसे इंजेक्शन दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। उसके बाद जब उसे होश आया तो उसके शरीर पर कपड़े नहीं थे और टेक्नीशियन जा चुका था। उसके बाद टेक्नीशियन उसे उसकी अश्लील वीडियो दिखाकर उसे धमकाकर बुलाने लगा और रेप करता रहा। यह सिलसिला तीन साल तक चला।