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Hindi News ›   Chandigarh ›   Government jobs with help of forged certificates

फर्जी तरीके से नौकरी करने वालों की लिस्ट ऑनलाइन

Mon, 28 Apr 2014 09:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली Updated Mon, 28 Apr 2014 09:07 AM IST
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Government jobs with help of forged certificates

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने उन लोगों पर शिकंजा कस दिया है। जिन्होंने जाली दस्तावेज तैयार कर विभिन्न विभागों में सरकारी नौकरियां हासिल की थीं।

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यह पोल पीएसईबी में विभिन्न विभागों से पहुंचे सर्टिफिकेटों की वेरीफिकेशन से खुली। जांच में यह बात भी सामने आई है कि जाली दस्तावेजों से नौकरियां हासिल करने में केवल पुरुष ही नहीं, बल्कि महिलाएं भी आगे हैं।
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अब ऐसे लोग केवल पंजाब ही नहीं, बल्कि हिमाचल में सक्रिय हो गए हैं। बोर्ड ने सभी विभागों को वेरीफिकेशन की रिपोर्ट भेज दी है। साथ ही ऐसे लोगों को अपने रिकॉर्ड में ब्लैक लिस्ट घोषित कर दिया है।
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इनका रिकॉर्ड अपनी वेबसाइट पर डाल दिया है। ताकि ऐसे लोग दोबारा किसी को चूना न लगा पाएं। बोर्ड से मिली जानकारी के मुताबिक अप्रैल में अब तक कई सरकारी विभागों एवं यूनिवर्सिटीज से सर्टिफिकेट वेरीफिकेशन के लिए आए थे।

इनमें चार सर्टिफिकेट जाली पाए गए हैं। लेकिन इन सर्टिफिकेटों की वेरीफिकेशन में एक  बात यह सामने भी आई है हि उन्होंने सर्टिफिकेट उसी सीरीज में तैयार किए थे, जो कि चल रही थी।

इस दौरान एसएसपी फिरोजपुर ऑफिस से आए दसवीं के दो सर्टिफिकेट जाली पाए गए हैं। इनमें एक सुरिंदर सिंह एवं दूसरा वीर सिंह नाम के व्यक्ति पर बना हुआ था। दोनों सर्टिफिकेट क्रमश: सितंबर 2010 एवं मार्च 2010 के बने हुए थे।

इसी तरह डिप्टी डॉयरेक्टर एलिमेंटरी शिक्षा विभाग हमीरपुर हिमाचल प्रदेश से वेरीफिकेशन के लिए आया सर्टिफिकेट भी जाली पाया गया है। यह दसवीं का सर्टिफकेट था। जो कि 1989 का बना हुआ दिखाया गया था।


यह कांता देवी महिला के नाम बना हुआ था। जबकि इसका रिकॉर्ड में कोई भी मिलान नहीं हुआ। बोर्ड ने इस संबंध में सूचना हिमाचल शिक्षा विभाग को भेज दी है।

पासपोर्ट ऑफिस से आया सर्टिफिकेट भी जाली निकला
पीएसईबी में पासपोर्ट ऑफिस चंडीगढ़ से वेरीफिकेशन के लिए आया सर्टिफिकेट भी जाली पाया गया है। यह सर्टिफिकेट 1976 का बना हुआ था। जो कि राज कौर महिला के नाम पर था। जबकि बोर्ड के रिकॉर्ड में इसका कोई मिलान नहीं हुआ है।

न ही बोर्ड द्वारा यह सर्टिफिकेट जारी किया गया था। पीएसईबी ने पासपोर्ट ऑफिस को इस संबंधी रिपोर्ट भेज दी है। साथ ही उक्त रिकॉर्ड को अपनी वेबसाइट पर डाल दिया है।

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