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कोलकाता के मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने के नाम पर 30 लाख ठगे
ब्यूरो/अमर उजाला, मानसा
Updated Wed, 13 Apr 2016 11:03 AM IST
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ऑनलाइन फ्रॉड
- फोटो : फाइल फोटो
मानसा के डॉक्टर दंपति से कुछ लोगों ने बेटे को कोलकाता के एक मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये ठग लिए। रोहतक में हुई इस लेनदेन के बावजूद बेटे को प्रवेश नहीं दिलवाया गया। बाद में उनकी ओर से दी शिकायत पर रोहतक पुलिस ने केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। सरदूलगढ़ निवासी डॉक्टर प्रोमिला ने बताया कि उनके बेटे विक्रमजीत ने अप्रैल 2015 को एपीएमटी, पीएमटी का फार्म भरा था।
उक्त फार्म से नंबर लेकर उन्हें विशाल बांसल नामक व्यक्ति का फोन आया। उसने 30 लाख रुपये का पैकेज बताते हुए उनके बेटे को मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाने का झांसा दिया। उनके बताए अनुसार उन्होंने मेडिकल कॉलेज हलदीया (पश्चिमी बंगाल) जाने के लिए फ्लाइट बुक करवा दी। वह अपने बेटे विक्रमजीत और पति प्रीथी बेेनीवाल के साथ रोहतक पहुंच गई। रोहतक में किले दिनेश अग्रवाल ने उनसे 70 फीसदी राशि एडवांस मांगी। इस पर उन्होंने उसे 19 लाख रुपये दे दिए।
14 अगस्त को वे लोग कॉलेज पहुंचे, जहां डायरेक्टर संतोष रमन सिंह से उन्हें मिलवाया गया। उसने सात हजार रुपये लेकर उनके फार्म भरवाए। उन्हें कहा गया कि यदि वे 23 अगस्त को टेस्ट देने नहीं आ सकते तो बाकी की रकम जमा करवा दें, उनके बेटे का लिस्ट में नंबर आ जाएगा। लेकिन वे फार्म भरकर लौट आए। 21 अगस्त को दिनेश का फोन उनको आया कि वह किसी अन्य विद्यार्थी की पेमेंट लेने आया है। आप भी बकाया जमा करवा दो।
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उन्होंने संतोष रमन से बात करके दिनेश के हस्ताक्षर समेत वोटर कार्ड, पेन कार्ड की कॉपी व रसीद लेकर उसे 11 लाख रुपये दे दिए। डॉक्टर प्रोमिला ने बताया कि जहां उक्त कागजात जाली पाए गए। वहीं 31 अगस्त को जारी लिस्ट में उनके बेटे का नाम भी शामिल नहीं था। इसके बाद कॉलेज से संपर्क करने पर बहानेबाजी शुरू कर दी गई। अब उक्त लोगों के नंबर भी बंद आ रहे हैं। ठगी को लेकर डॉक्टर प्रोमिला ने रोहतक पुलिस को शिकायत दी। इसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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उक्त फार्म से नंबर लेकर उन्हें विशाल बांसल नामक व्यक्ति का फोन आया। उसने 30 लाख रुपये का पैकेज बताते हुए उनके बेटे को मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाने का झांसा दिया। उनके बताए अनुसार उन्होंने मेडिकल कॉलेज हलदीया (पश्चिमी बंगाल) जाने के लिए फ्लाइट बुक करवा दी। वह अपने बेटे विक्रमजीत और पति प्रीथी बेेनीवाल के साथ रोहतक पहुंच गई। रोहतक में किले दिनेश अग्रवाल ने उनसे 70 फीसदी राशि एडवांस मांगी। इस पर उन्होंने उसे 19 लाख रुपये दे दिए।
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14 अगस्त को वे लोग कॉलेज पहुंचे, जहां डायरेक्टर संतोष रमन सिंह से उन्हें मिलवाया गया। उसने सात हजार रुपये लेकर उनके फार्म भरवाए। उन्हें कहा गया कि यदि वे 23 अगस्त को टेस्ट देने नहीं आ सकते तो बाकी की रकम जमा करवा दें, उनके बेटे का लिस्ट में नंबर आ जाएगा। लेकिन वे फार्म भरकर लौट आए। 21 अगस्त को दिनेश का फोन उनको आया कि वह किसी अन्य विद्यार्थी की पेमेंट लेने आया है। आप भी बकाया जमा करवा दो।
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उन्होंने संतोष रमन से बात करके दिनेश के हस्ताक्षर समेत वोटर कार्ड, पेन कार्ड की कॉपी व रसीद लेकर उसे 11 लाख रुपये दे दिए। डॉक्टर प्रोमिला ने बताया कि जहां उक्त कागजात जाली पाए गए। वहीं 31 अगस्त को जारी लिस्ट में उनके बेटे का नाम भी शामिल नहीं था। इसके बाद कॉलेज से संपर्क करने पर बहानेबाजी शुरू कर दी गई। अब उक्त लोगों के नंबर भी बंद आ रहे हैं। ठगी को लेकर डॉक्टर प्रोमिला ने रोहतक पुलिस को शिकायत दी। इसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।