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PNB में एक और घोटाला आया सामने, अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहा था खेल
ब्यूरो/अमर उजाला, भिवानी(हरियाणा)
Updated Thu, 01 Mar 2018 11:24 AM IST
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पंजाब नेशनल बैंक में एक और बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसमें अधिकारियों की मिलीभगत से सालों से फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। नीरव मोदी व मेहुल चौकसी का बड़ा घोटाला सामने आने के बाद हरियाणा में भिवानी जिले के पंजाब नेशनल बैंक में साढ़े पांच करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा सामने आया है।
चौंकाने वाली बात यह है कि 10 साल पहले जिस जमीन के कागजातों के नाम पर लोन लिया गया वह सब फर्जी निकले। कागजातों की जांच के बिना ही बैंक अधिकारियों ने इतना बड़ा लोन दिया। शहर थाना पुलिस ने बैंक के चीफ मैनेजर की शिकायत पर एक महिला, उसके बेटे व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
जानकारी के अनुसार घंटाघर स्थित पंजाब नेशनल बैंक से वर्ष 2009 से 2010 के बीच भूरी देवी शिक्षा समिति के नाम गांव तालू निवासी रिसाल देवी व उनके बेटे अशोक कुमार ने स्कूल भवन बनाने के लिए लोन फाइल अप्लाई की थी। बाद में बैंक अधिकारियों से मिलीभगत कर 6 फरवरी 2009 को 3 करोड़ 20 लाख रुपये का लोन बैंक से स्वीकृत कराया गया।
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इस लोन के लिए बैंक में जमा कराए गए 131 मरला/4 जमीन जो कि मोहम्मद नगर लोहारू में बताई गई। आरोप है कि इस जमीन की बैंक के पास फर्जी पॉवर अटॉर्नी ही जमा कराई। इतनी मोटी रकम का लोन लेने के बाद 6 अप्रैल 2010 को फिर से दो करोड़ रुपये का लोन पास करा लिया।
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चौंकाने वाली बात यह है कि 10 साल पहले जिस जमीन के कागजातों के नाम पर लोन लिया गया वह सब फर्जी निकले। कागजातों की जांच के बिना ही बैंक अधिकारियों ने इतना बड़ा लोन दिया। शहर थाना पुलिस ने बैंक के चीफ मैनेजर की शिकायत पर एक महिला, उसके बेटे व अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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जानकारी के अनुसार घंटाघर स्थित पंजाब नेशनल बैंक से वर्ष 2009 से 2010 के बीच भूरी देवी शिक्षा समिति के नाम गांव तालू निवासी रिसाल देवी व उनके बेटे अशोक कुमार ने स्कूल भवन बनाने के लिए लोन फाइल अप्लाई की थी। बाद में बैंक अधिकारियों से मिलीभगत कर 6 फरवरी 2009 को 3 करोड़ 20 लाख रुपये का लोन बैंक से स्वीकृत कराया गया।
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इस लोन के लिए बैंक में जमा कराए गए 131 मरला/4 जमीन जो कि मोहम्मद नगर लोहारू में बताई गई। आरोप है कि इस जमीन की बैंक के पास फर्जी पॉवर अटॉर्नी ही जमा कराई। इतनी मोटी रकम का लोन लेने के बाद 6 अप्रैल 2010 को फिर से दो करोड़ रुपये का लोन पास करा लिया।
शिक्षा समिति पर मेहरबान रहे बैंक अधिकारी
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- फोटो : सोशल मीडिया
मामला यहीं नहीं थमा, बैंक अधिकारी इस समिति व उसके सदस्यों पर पूरी तरह से मेहरबान रहे। घंटाघर पीएनबी बैंक शाखा अधिकारियों ने उसी जमीन पर स्कूली बच्चों के लिए हॉस्टल बनाए जाने के लिए 6 अप्रैल 2009 को फिर से दो करोड़ रुपये का लोन जारी कर दिया। शिक्षा समिति ने बिल्डिंग निर्माण कार्य बीच में ही रुका होने की बात कहकर उन्हीं जमीनी कागजातों पर एक अक्तूबर 2010 को फिर से 30 लाख रुपये लोन के लिए आवेदन किया। बैंक अधिकारियों की दरियादिली इस बार भी समिति सदस्यों पर बनी रही और 30 लाख रुपये का लोन और दे दिया गया।
बैंक मैनेजर का तबादला हुआ तो सामने आया मामला
पुलिस व बैंक अधिकारियों की जांच पड़ताल में पता चला कि बैंक से लोन लेने बाद तीन-चार किश्त ही बैंक में जमा कराई। लोन जारी करने वाले तत्कालीन मैनेजर का तबादला होकर अब नए मैनेजर आए तो यह मामला सामने आया।
तहसीलदार से जमीन के कागजातों की जांच कराई तो पाए फर्जी
घंटाघर पीएनबी बैंक शाखा में हाल ही में स्थानांतरित होकर आए चीफ मैनेजर सुरेंद्र कुमार गुप्ता ने एक करोड़ रुपये से अधिक की पुरानी लोन फाइलों को खंगाला। केवल मात्र जमीन की पॉवर अटॉर्नी पर ही साढ़े पांच करोड़ का लोन जारी किए जाने को लेकर संदेह हुआ। लोन लेने वाली शिक्षा समिति के जमीन के कागजात जांच के लिए तहसीलदार के पास भेजे गए। जांच में पाया कि यह जमीन समिति या उसके किसी भी सदस्य के नाम ही नहीं है और कागजात फर्जी हैं।
बैंक मैनेजर का तबादला हुआ तो सामने आया मामला
पुलिस व बैंक अधिकारियों की जांच पड़ताल में पता चला कि बैंक से लोन लेने बाद तीन-चार किश्त ही बैंक में जमा कराई। लोन जारी करने वाले तत्कालीन मैनेजर का तबादला होकर अब नए मैनेजर आए तो यह मामला सामने आया।
तहसीलदार से जमीन के कागजातों की जांच कराई तो पाए फर्जी
घंटाघर पीएनबी बैंक शाखा में हाल ही में स्थानांतरित होकर आए चीफ मैनेजर सुरेंद्र कुमार गुप्ता ने एक करोड़ रुपये से अधिक की पुरानी लोन फाइलों को खंगाला। केवल मात्र जमीन की पॉवर अटॉर्नी पर ही साढ़े पांच करोड़ का लोन जारी किए जाने को लेकर संदेह हुआ। लोन लेने वाली शिक्षा समिति के जमीन के कागजात जांच के लिए तहसीलदार के पास भेजे गए। जांच में पाया कि यह जमीन समिति या उसके किसी भी सदस्य के नाम ही नहीं है और कागजात फर्जी हैं।
जांच पूरी होने पर फंस सकते हैं बैंक अधिकारी
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पुलिस की आर्थिक अन्वेषण शाखा ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद इस मामले में बैंक अधिकारियों की संलिप्तता भी उजागर हो सकती है।
फरवरी 2017 में सील किया था समिति का बीडीएम स्कूल
वर्ष 2017 में पीएनबी बैंक ने शिक्षा समिति को डिफाल्टर घोषित कर स्कूल भवन पर सील लगा दी थी। इसके बाद से ही अलग स्थान पर यह स्कूल चलाया जा रहा है। साथ ही बैंक में गारंटी के तौर पर रखे गए भिवानी के उत्तम नगर स्थित शिक्षा समिति के चेयरमैन अशोक कुमार के 400 गज के प्लाट को पीएनबी बैंक ने बेच कर 36 लाख रुपये की रिकवरी की थी। स्कूल होने और प्लाट बिक्री की पुष्टि खुद अशोक कुमार ने की।
मुझे गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। लोहारू के गांव मोहम्मद नगर में बीडीएम के नाम से भूरी देवी शिक्षा समिति स्कूल चला रही है। बैंक अधिकारी गलत आरोप लगाकर फंसा रहे हैं। स्कूल की यह जमीन 28 कैनाल 6 मरले है, जो समिति के नाम है। अब इन कागजातों को बैंक फर्जी बताकर फंसा रहा है। कागज सही हैं।
- अशोक कुमार, स्कूल संचालक बीडीएम एवं भूरी देवी शिक्षा समिति
करोड़ों रुपयों के लोन की फाइलें चेक की गईं तो भूरी देवी शिक्षा समिति को दिए साढ़े पांच करोड़ की लोन फाइल के कागजातों पर संदेह हुआ। जांच कराने पर कागजात फर्जी पाए गए। इसके बाद ही पुलिस को शिकायत देकर मामला दर्ज कराया गया।
- सुरेंद्र कुमार गुप्ता, चीफ मैनेजर, पीएनबी शाखा घंटाघर
पुलिस ने प्राथमिक आधार पर इस मामले में बैंक के चीफ मैनेजर की शिकायत पर गांव तालू निवासी रिसाल कौर व उसके बेटे अशोक कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। इस मामले में शिक्षा समिति के साथ ही बैंक के अधिकारी या फिर कर्मचारी संलिप्त पाए जा सकते हैं।
- श्रीभगवान, एसएचओ, सिटी थाना
फरवरी 2017 में सील किया था समिति का बीडीएम स्कूल
वर्ष 2017 में पीएनबी बैंक ने शिक्षा समिति को डिफाल्टर घोषित कर स्कूल भवन पर सील लगा दी थी। इसके बाद से ही अलग स्थान पर यह स्कूल चलाया जा रहा है। साथ ही बैंक में गारंटी के तौर पर रखे गए भिवानी के उत्तम नगर स्थित शिक्षा समिति के चेयरमैन अशोक कुमार के 400 गज के प्लाट को पीएनबी बैंक ने बेच कर 36 लाख रुपये की रिकवरी की थी। स्कूल होने और प्लाट बिक्री की पुष्टि खुद अशोक कुमार ने की।
मुझे गलत तरीके से फंसाया जा रहा है। लोहारू के गांव मोहम्मद नगर में बीडीएम के नाम से भूरी देवी शिक्षा समिति स्कूल चला रही है। बैंक अधिकारी गलत आरोप लगाकर फंसा रहे हैं। स्कूल की यह जमीन 28 कैनाल 6 मरले है, जो समिति के नाम है। अब इन कागजातों को बैंक फर्जी बताकर फंसा रहा है। कागज सही हैं।
- अशोक कुमार, स्कूल संचालक बीडीएम एवं भूरी देवी शिक्षा समिति
करोड़ों रुपयों के लोन की फाइलें चेक की गईं तो भूरी देवी शिक्षा समिति को दिए साढ़े पांच करोड़ की लोन फाइल के कागजातों पर संदेह हुआ। जांच कराने पर कागजात फर्जी पाए गए। इसके बाद ही पुलिस को शिकायत देकर मामला दर्ज कराया गया।
- सुरेंद्र कुमार गुप्ता, चीफ मैनेजर, पीएनबी शाखा घंटाघर
पुलिस ने प्राथमिक आधार पर इस मामले में बैंक के चीफ मैनेजर की शिकायत पर गांव तालू निवासी रिसाल कौर व उसके बेटे अशोक कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। इस मामले में शिक्षा समिति के साथ ही बैंक के अधिकारी या फिर कर्मचारी संलिप्त पाए जा सकते हैं।
- श्रीभगवान, एसएचओ, सिटी थाना