पंजाब: तरनतारन में नशा तस्कर के परिवार के चार सदस्यों सहित पांच की गला रेतकर हत्या
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तरनतारन के गांव कैरों में बुधवार देर रात नशा तस्कर, उसके बेटे, दो बहू और एक नौकर की गला रेतकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मौके से नशा तस्कर के छोटे बेटे को नशे की हालत में हिरासत में ले लिया है। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी कुलजिंदर सिंह, थाना प्रभारी अजय खुल्लर समेत अन्य अधिकारी पहुंचे और शवों को कब्जे में लिया। मृतकों की पहचान बृजलाल (55), उसके बेटे बंटी (25), बहू अमन पत्नी परमजीत पम्मा, जस्सी पत्नी बख्शीश सोना और ड्राइवर गुरसाहिब सिंह (35) के तौर पर हुई है। वहीं दोनों बहुओं के चार बच्चे सुरक्षित हैं। रात भर मासूम शवों के साथ ही लेटे रहे।
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गांव कैरों में बृजलाल अपने चार बेटों के साथ रहता था। उसके दो बेटे परमजीत पम्मा और बख्शीश सोना विवाहित हैं। इस समय दोनों का इलाज नशा छुड़ाओ केंद्र में चल रहा है। वहीं, मारा गया छोटा बेटा बंटी और गिरफ्तार हुआ गुरजंट सिंह अविवाहित है। जानकारी के अनुसार बुधवार रात करीब साढ़े ग्यारह बजे बृजलाल ने अपने नौकर गुरसाहिब सिंह को फोन कर तुरंत अपने घर आने को कहा। गुरसाहिब ने अपने परिवार को बताया कि बृजलाल के घर में हंगामा हो रहा है और वह वहां जा रहा है। परिजनों ने मना भी किया लेकिन गुरसाहिब नहीं रुका।
गुरुवार सुबह पौने पांच बजे घर की छोटी बच्ची परी ने पड़ोसियों को बताया कि रात को घर में बहुत झगड़ा हुआ था और अब सारे सो रहे हैं। लोग घर पहुंचे तो बृजलाल और उसके नौकर गुरसाहिब के शव एक कमरे में खून से सने पड़े थे। दूसरे कमरे में बंटी का शव पड़ा था। दोनों बहू अमन और जस्सी का शव भी अलग-अलग कमरों से बरामद हुआ। सभी का गला काटा गया था। मरने वाली दोनों बहुओं के चार बच्चों को हत्यारों ने कुछ नहीं कहा।
मौके पर पहुंची पुलिस ने बृजलाल के छोटे बेटे गुरजंट सिंह को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। उस समय वह पूरी तरह नशे में था। बदमाशों ने घर के एक कमरे का सामान भी पूरी तरह से बिखेरा था। ऐसे में पुलिस लूट वाले एंगल से भी जांच कर रही है। वहीं, मृतक ड्राइवर के चाचा ने आरोप लगाया कि बृजलाल का परिवार नशे का कारोबार करता था और ड्राइवर गुरसाहिब भी नशे का आदी होने के कारण इनके पास ही रहता था।
मृतकों के मोबाइल फोन भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए हैं। दोनों महिलाओं और बंटी का शव तीन अलग-अलग कमरों में बरामद हुआ। जबकि बृजलाल और उनके ड्राइवर गुरसाहिब सिंह का शव एक ही कमरे में बरामद हुआ है। पुलिस इस घटना की हर पहलू से जांच कर रही है।जगजीत सिंह वालिया, एसपी (देहात)
पूरे परिवार पर नशा तस्करी के केस
मृतक बृजलाल धत्तू के खिलाफ नशा तस्करी के 12 से अधिक मामले दर्ज हैं, जबकि उसके चारों बेटे भी इसी कारोबार में जुड़े हैं। उनके खिलाफ भी अलग अलग थानों में मामले दर्ज हैं। बृजलाल की पत्नी रणजीत कौर को भी नशा तस्करी में दस साल की सजा हुई थी। 22 मई को अमृतसर जेल में उसकी मृत्यु हो गई थी।
सूत्रों के अनुसार, बृजलाल ने अपने दोनों बड़े शादीशुदा बेटों को किसी निजी नशा छुड़ाओ केंद्र में दाखिल करवाया था। इसका वे अकसर विरोध करते थे और अपने पिता के साथ झगड़ते रहते थे। वे केंद्र में रहना नहीं चाहते थे। जानकारी के अनुसार, तीन-चार दिन पहले बृजलाल ने उन्हें दोबारा दाखिल करवा दिया था।