दस साल के बच्चे को हेरोइन की लत
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पंजाब में नशे का जाल इतना अधिक फैल चुका है कि अब बच्चे भी हेरोइन के आदी होने लगे हैं। ये चौंकाने वाला तथ्य सामने आया पंजाब के शहर जालंधर में। यहां चल रहे नशा छुड़ाओ केंद्र में एक दस साल का बच्चा भी पुलिस ने भरती करवाया है, जो हेरोइन का आदी बन चुका था।
कमिश्नर कुंवर विजय प्रताप सिंह ने उस 10 साल के बच्चे से बातचीत भी की। उसको नशे की लत कैसे लगी, किसने लगाई, कहां से मिला नशा ? इसकी तह तक जानकारी हासिल की। इसके साथ ही वहां पर कार्य कर रहे चिकित्सकों डॉ. एसपी सिंह, डॉ. पंकज मल्होत्रा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर फिनी सेम जोनसन से भी लंबी जानकारी हासिल की।
संस्था के साथ मिलकर इलाज मुफ्त
जालंधर के एडीसीपी सिटी-2 परमिंदर भंडाल की तरफ से दोनों केंद्रों को शुरू करवाया गया है। इसमें पहला केंद्र खांबरा में बोलस्टर नाम की संस्था के साथ मिलकर मुफ्त शुरू करवाया गया है। यह संस्थान पहले नशा छुड़ाने का काम करता था, लेकिन वहां पर मरीजों की संख्या न के बराबर थी।
एडीसीपी सिटी टू भंडाल ने इलाके में पड़ने वाले दोनों विधानसभा कैंट व वेस्ट से नशे के आदी लोगों की सूचियां बनाकर उनको मोटिवेट कर इलाज के लिए बोलस्टर व न्यू होप संस्था द्वारा संचालित अस्पताल में दाखिल करवाकर इलाज शुरू करवा दिया गया है। पुलिस कमिश्नर कुंवर विजय प्रताप सिंह ने पूरे सेंटर का दौरा किया और पाया कि वहां पर 25 साल के अधिकतर युवा नशे की गिरफ्त में थे। डॉ. ऋषि ने अंदर चल रहे योगा व ध्यान केंद्र का भी दौरा करवाया, जहां पर 100 के करीब नशेड़ियों को ध्यान व योग के जरिये शरीर को तंदरुस्त करने की प्रेक्टिस करवाई जा रही थी।
40 के करीब युवाओं को दाखिल करवाया
इसके बाद पुलिस कमिश्नर कुंवर विजय प्रताप सिंह, डीसीपी नवीन सिंगला, एडीसीपी परमिंदर भंडाल के साथ न्यू होप केंद्र पहुंचे। एक आलीशान कोठी में न्यू होप को पुलिस की सहायता से आधुनिक ढंग से शुरू किया गया है, जहां पर पुलिस द्वारा बीते 2-3 दिन में 40 के करीब युवाओं को दाखिल करवाया गया। इसमें 10 साल का बच्चा भी शामिल था।
कमरों को आधुनिक ढंग से तैयार कर अंदर एयरकंडीशन से लेकर टेलीविजन तक की सुविधा दी गई थी। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि दोनों सेंटरों में पुलिस द्वारा दाखिल करवाए जा रहे नशे का शिकार युवकों का इलाज बिलकुल फ्री करवाया जाएगा और इनका फॉलोअप करने के लिए भी ठोस योजना व नीति तैयार की जा रही है।