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Chandigarh News: 10 हजार की रिश्वत लेते ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी का कर्मी गिरफ्तार, विजिलेंस ने जाल बिछा दबोचा
Mon, 06 Mar 2023 11:41 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 06 Mar 2023 11:41 PM IST
सार
एसटीए के अधिकारियों का कहना है कि बलविंदर सिंह बैक डेट में जाकर किसी भी बीएस-4 गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नहीं करा सकता था, क्योंकि पोर्टल का सिस्टम ऐसा है कि जो बीएस-4 गाड़ियों की डिटेल नहीं उठता है। ऐसे में आरोपी किसी भी तरह बीएस-4 गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नहीं करा पता। उसने सिर्फ झांसा दिया और उसी के आधार पर शिकायतकर्ता से पैसे ऐेंठे।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
चंडीगढ़ विजिलेंस ने रविवार को स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) के एक कर्मी को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान बलविंदर सिंह के रूप में हुई है, जो एसटीए में एक ड्राइवर है। उसने बीएस-4 गाड़ी को बैक डेट में रजिस्ट्रेशन कराने के नाम पर शिकायतकर्ता से 70 हजार रुपये मांगे थे।
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जानकारी के अनुसार बलविंदर सिंह ने शिकायतकर्ता को आश्वासन दिया था कि वह उसकी पुरानी बीएस-4 टैक्सी को एसटीए में रजिस्टर करा देगा। इसके बदले उसने कुल 70 हजार रुपये की मांग की थी। बताया जा रहा है कि बलविंदर सिंह ने 40 हजार रुपये ले लिए थे और बाकी के 30 हजार रुपये में से 10 हजार की रकम लेते विजिलेंस ने उसे एसटीए के दफ्तर के बाहर से ही गिरफ्तार किया है।
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आरोपी बलविंदर को रंगे हाथ पकड़ने के लिए विजिलेंस ने वाहन मालिक को उसे रिश्वत देने भेजा था। जैसे ही बलविंदर ने वाहन मालिक से रिश्वत ली। विजिलेंस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। चीफ विजिलेंस ऑफिसर-कम-प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि भ्रष्टाचारियों के खिलाफ चंडीगढ़ प्रशासन जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रहा है। आने वाले समय में जिन कर्मियों व अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत मिलेगी, उन्हें ट्रैप लगाकर गिरफ्तार किया जाएगा और सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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2020 में बंद हो गया था बीएस-4 गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन
स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी ने वर्ष 2020 में ही बीएस-4 गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया था। इसके बाद से इन गाड़ियों की जगह बीएस-6 गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है। शहर की सभी कमर्शियल गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन एसटीए करता है। इसके लिए एक राष्ट्रीय पोर्टल केंद्रीय परिवहन मंत्रालय की तरफ से बनाया गया है, जहां पर इन गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन होता है।
एसटीए के अधिकारियों का कहना है कि बलविंदर सिंह बैक डेट में जाकर किसी भी बीएस-4 गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नहीं करा सकता था, क्योंकि पोर्टल का सिस्टम ऐसा है कि जो बीएस-4 गाड़ियों की डिटेल नहीं उठता है। ऐसे में आरोपी किसी भी तरह बीएस-4 गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नहीं करा पता। उसने सिर्फ झांसा दिया और उसी के आधार पर शिकायतकर्ता से पैसे ऐेंठे।