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और भी पुलिसवाले नाबालिग छात्रा से करते थे रेप
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 22 Dec 2013 09:29 AM IST
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चंडीगढ़ में दसवीं कक्षा की छात्रा से डेढ़ माह तक रेप करने वालों में कुछ और पुलिस कर्मियों के भी शामिल होने की जानकारी सामने आ रही है।
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पीड़िता लड़की और गिरफ्तार पांच कांस्टेबलों की काल डिटेल से यह खुलासा हुआ है। नए तथ्य के अनुसार इन सबकी तैनाती भी पीसीआर में है।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार जो नए नाम सामने आए हैं, उनसे भी पूछताछ की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि क्या और लड़कियों को भी गैंग ने अपनी चंगुल में फंसा रखा था।
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उधर, आईजी आरपी उपाध्याय ने पब्लिक के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए शनिवार को पुलिस के आधिकारियों के साथ बैठक कर एसआईटी का गठन किया।
'जब स्कूल से लौटती हूं तो पापा गंदा काम करते हैं...'
एसआईटी को यह पता लगाने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है कि क्या अन्य लड़कियों से कांस्टेबलों ने दुराचार किया है।
चंडीगढ़ रेपकांड: आईजी ने किया एसआईटी का गठन
वार्ड पार्षद एवं वकील सौरभी जोशी ने शुक्रवार को जिला अदालत में स्कूल की और लड़कियों को आरोपी कर्मचारियों द्वारा शिकार बनाने का आरोप लगाया था।
दूसरी ओर नाबालिग छात्रा से दुराचार करने वाले पुलिस कर्मियों के गैंग के खिलाफ सीएफएसएल और एसआईटी की टीमों ने कुछ पुख्ता सुबूत जुटाए हैं।
दुष्कर्म के लिए इस्तेमाल की गईं पीसीआर की दो गाड़ियों की भी पहचान कर ली गई है। शहर में रोष प्रदर्शनों और पुलिस के खिलाफ बने गुस्से से आला अधिकारी सकते में हैं।
इसे देखते हुए आईजी ने शनिवार सुबह ही एसआईटी का गठन कर दिया। साथ ही थाना-11 पुलिस को आदेश दिया कि एक माह के भीतर मामले का चालान पेश किया जाए।
गठन के तत्काल बाद ही एसआईटी ने जांच शुरू कर दी। दुराचार और छेड़छाड़ में इस्तेमाल होने वाली दो पीसीआर जिप्सी ने कब्जे में लेकर जांच की।
यह पीसीआर सेक्टर 11 थाने के अंतर्गत चलती थी और उनकी लोकेशन खुड्डा लौहरा में होती थी। एसआईटी की टीम के साथ सीएफएसएल टीम ने भी दोनों पीसीआर की जांच की और कई अहम सुबूत इनमें मिले हैं।
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सीएफएसएल टीम कांस्टेबल अक्षय और सुनील निशानदेही पर खड्डा लौहरा स्थित उनके कमरे पर गई। जांच टीम ने कमरे से बेडशीट, टावल और अंडर गारमेंटस बरामद किए हैं।
एसआईटी ने अक्षय और सुनील की निशानदेही पर उन जगहों की भी पहचान की जहां दुराचार किया गया। ये मुल्लापुर के आसपास के सुनसान इलाके और कांस्टेबल का कमरा था।
पुलिस ने स्कूल केआसपास खड़े होने वाले रेहड़ी वालों और दुकानदारों से भी पूछताछ की। उन्होंने बताया कि पीसीआर जिप्सी स्कूल के पास खड़ी होती थी।
बर्खास्त कांस्टेबल के मोबाइल जब्त
एसआईटी ने बर्खास्त कांस्टेबल अक्षय और सुनील का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है।
पुलिस ने उनकी कॉल डिटेल खंगाली तो पता चला कि अक्षय और सुनील दोनों ही पीड़ित छात्रा को फोन करते थे।
यहीं नहीं, जब वह दुकान से घर आती थी तो खुड्डा लाहौरा पुल के पास ही उसे रोक लेते थे और अपने साथ जंगल और कमरे में ले जाते थे।