'दो पुलिसवाले करते थे मेरी बहन से रेप'
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दसवीं क्लास की छात्रा से दुराचार मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंशुल शुक्ला की अदालत बुधवार को पीडि़ता के भाई समेत तीन के बयान दर्ज हुए।
पीडि़ता के भाई विनोद कुमार ने बताया कि 19 दिसम्बर को बहन ने बताया था कि पांच कांस्टेबल उसे तंग करते है। जिनमें से अक्षय और सुनील ने दुराचार किया है जबकि जगतार, अनिल और हिम्मत ने छेड़छाड ़की थी।
जिसके बाद वह बहन को लेकर मामला दर्ज करवाने डीएसपी के पास गया था। पीडि़ता की पड़ोसन खुड्डा लौहरा निवासी सुरेश कौर ने बताया कि 18 दिसम्बर को पीडि़ता उसके पास आई और पांच कांस्टेबल द्वारा तंग करने की बात उसे बताई। पीडि़ता ने उसके सामने कह रही थी वह कांस्टेबलों से तंग आकर आत्महत्या कर लेगी।
स्कूल में पढ़ने वाले प्रिया ने बताया कि सुनील सेक्टर 15 में पीडि़ता को लेने गाड़ी में आया था। वह उसके साथ पीजीआई तक गई थी। उसके बाद सुनील पीडि़ता को लेकर चला गया था। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 23 मई को तय की है।
ये हैं बलात्कार करने वाले हैवान पुलिसवाले
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चंडीगढ़ रेप: आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार
दसवीं क्लास की छात्रा से दुराचार मामले में एसआईटी ने चंडीगढ़ पुलिस के बर्खास्त पांच कांस्टेबलों के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर ली है।
चार्जशीट अलग-अलग धाराओं के तहत तैयार की है। पुलिस इसमें सभी कांस्टेबलों के खिलाफ मेडिकल और फोरेंसिक सुबूत लगा रही है।
चार्जशीट को एसआईटी ने एसएसपी डॉ सुखचैन सिंह गिल को चेक करवा दिया है। उन्होंने मामले में दो पहलुओं पर जांच करने के लिए कहा है।
इसकी जांच के बाद एसएसपी चार्जशीट को आईजी को चेक करवाएगी। इसके बाद एसआईटी 20 जनवरी तक अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नाजर सिंह की अदालत में चार्जशीट दायर कर सकती है।
चंडीगढ़ रेप: चार्जशीट में किस पर कौन सी धारा?
दसवीं क्लास की छात्रा से दुराचार मामले में एसआईटी ने चंडीगढ़ पुलिस के बर्खास्त पांच कांस्टेबलों के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर ली है।
चार्जशीट अलग-अलग धाराओं के तहत तैयार की है। एसआईटी 20 जनवरी तक अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नाजर सिंह की अदालत में चार्जशीट दायर कर सकती है।
अक्षय और सुनील पर लगाई दुराचार की धारा
अक्षय और सुनील पर दुराचार और पासको की धारा जबकि हिम्मत, जगतार और अनिल पर छेड़छाड़ की धाराएं लगाई हैं। चार्जशीट में पुलिस ने कहा कि अक्षय और सुनील ने अपने कमरे और पीसीआर में दुराचार किया है जबकि हिम्मत, जगतार, अनिल ने मिलकर छेड़छाड़ की घटना को अंजाम दिया है।
19 दिसंबर को दी थी शिकायत
खुड्डा लाहौरा की दसवीं क्लास की छात्रा ने 19 दिसंबर 2013 को डीएसपी आशीष कपूर को शिकायत दी थी। इसके बाद सेक्टर-11 थाना पुलिस ने अक्षय, सुनील, जगतार, हिम्मत और अनिल को गिरफ्तार किया था।
अगले दिन पुलिस विभाग ने पांच कांस्टेबलों को नौकरी से बर्खास्त कर केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की सिफारिश की थी। मामले की जांच के लिए पुलिस विभाग ने डीएसपी कमला मीणा के नेतृत्व में एसआईटी बनाई थी। एसआईटी ने ही मामले में सारे पहलुओं पर जांच की थी।
इन पर है दुराचार के आरोप
अक्षय
मुख्य आरोपी कांस्टेबल अक्षय ही है। सबसे पहले अक्षय ही पीड़ित लड़की के संपर्क में आया था। उसी ने सबसे पहले दुराचार किया। वह वर्ष 2006 में चंडीगढ़ पुलिस में भर्ती हुआ था। अक्षय मूल रूप से हरियाणा के सोनीपत के सेक्टर-12 का निवासी है।
सुनील
सुनील खुड्डा लाहौरा में रहता है। वह वर्ष 2010 में कांस्टेबल भर्ती हुआ था। सुनील मूल रूप से हिसार के गांव धामी का निवासी है। वह सीआईए में तैनात था।
इन पर है छेड़छाड़ के आरोप
जगतार
जगतार की ड्यूटी भी उसी पीसीआर में रहती थी जो स्कूल के बाहर सुरक्षा में तैनात होती थी। जगतार वर्ष 2010 में भर्ती हुआ था। वह मूल रूप से पंजाब के गुरदासपुर के गांव तलवंडी का रहने वाला है।
हिम्मत
हिम्मत 2010 में चंडीगढ़ पुलिस में भर्ती हुआ था। वह मूल रूप से रेवाड़ी के धामी कोला का निवासी है। आरोप है कि हिम्मत ने लड़की पर कई बार फोन करके तंग भी किया है।
अनिल
अनिल ने साल 2010 में कांस्टेबल की नौकरी हासिल की है। अनिल यहां पर मनीमजारा के पिपली वाला टाउन का निवासी है। अनिल मूल रूप से गांव लंबी, राजस्थान का ही निवासी है।
पहले भी छेड़छाड़ मामले में फंसे हैं पुलिस जवान
शांतिकुंज में बैठी पीयू की छात्रा पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने वाले चंडीगढ़ पुलिस के कांस्टेबल कुलदीप और अनिल को पुलिस विभाग ने निलंबित कर दिया गया।
ये मामला पहली बार नहीं हुआ। पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें छात्रा या महिला से छेड़छाड़ के मामलों में पुलिस के जवान शामिल रहे हैं। पिछले दिनों चंडीगढ़ रेपकांड इसका उदाहरण है। अन्य मामले इस प्रकार हैं।
19 दिसंबर 2013- दसवीं की छात्रा से दुराचार और छेड़छाड़ मामले में चंडीगढ़ पुलिस के कांस्टेबल अक्षय, सुनील, अनिल, जगतार और हिम्मत पर मामला दर्ज हुआ और सभी को गिरफ्तार किया गया
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सुनिए पीड़िता ने जो पुलिस को दिया था बयान
मेरी उम्र 17 साल है। मैं दसवीं कक्षा में पढ़ती हूं। मेरे साथ पुलिस वालों ने जबरदस्ती की। उन्होंने मुझे और मेरे मां-बाप को मारने की धमकी दी। पांच पुलिस वाले थे। दो पुलिस वालों ने मेरा बलात्कार किया। एक ने कहा कि तू मेरे साथ छह महीने तक रिलेशन रख नहीं तो मैं तुझे मार डालूंगा।
बाकी तीन पुलिस वाले मुझे ब्लैक मेल करते और धमकी देते हम पुलिस वालों का कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। मुझे जबरदस्ती गाड़ी में बिठाया और सुनसान जगह पर ले गए। मैंने बलात्कार से पहले भागने की कोशिश की तो मुझे मारा और सिर पर रिवाल्वर लगा दी। ...बीच रास्ते में पीसीआर वाले पीछे लग जाते थे और रेप करने के बाद मुझे दवाई खिलाते थे।
न खाने पर मार डालने की धमकी दी जाती। इस डर से में खुदकुशी करने चली थी मगर मेरे भाई ने मुझे बचा लिया। मैं चाहती हूं कि मुझे इंसाफ मिले। पुलिस वालों के नाम जगतार, अक्षय, हिम्मत, सुनील हैं पांचवे पुलिस वाले को में शक्ल से पहचान सकती हूं।
छात्रा ऐसे फंसी वर्दी वाले बलात्कारियों के चंगुल में
पीड़िता काफी गरीब परिवार से है। स्कूल से आने के बाद सेक्टर-15 में एक दुकान पर भी काम करती है। गत अक्तूबर में पिता ने शराब पीकर घर में झगड़ा किया तो पीसीआर को कॉल किया गया था।
उसके बाद दशहरे से एक दिन पहले जब लड़की रामलीला देखकर लौट रही थी तो पीसीआर पर तैनात अक्षय ने उससे फोन नंबर लिया तब उसे कोई शक नहीं हुआ। उसके बाद अक्षय उसे निरंतर तंग करने लगा। उसने अन्य कर्मचारियों को भी लड़की का मोबाइल नंबर बांट दिया।
भाई ने बताया कि एक बार सितंबर में अक्षय पीसीआर की गाड़ी लेकर उनके घर पर आया था। पीड़ित लड़की ने पुलिस को बताया कि आरोपी अक्षय और सुनील ने उसके साथ अपने कमरे, पीसीआर गाड़ी के साथ एक निजी गाड़ी में भी दुराचार किया।
एक बार आरोपी उसे मुलापुर के जंगलों में भी ले गए और दुराचार किया। लड़की ने पुलिस को बताया कि सेक्टर-15 से जब काम से वह वापस लौटती थी तो आरोपी कर्मचारी उसे अपने साथ दुराचार के लिए ले जाते थे। कई बार दुकान के बाहार से और स्कूल के बाद भी ले जाते थे। कई बार पीड़ित लड़की का अपना मोबाइल फोन भी बंद कर लेती थी। अब पुलिस लड़की के मोबाइल नंबर की भी जांच कर रही है जिससे यह पता चल सके कि किस किस कर्मचारी ने कब कब फोन किया है।
चंडीगढ़ रेप: पुलिस ने पेश किया चालान
खुड्डा लाहौरा में नाबालिग से कांस्टेबलों द्वारा गैंगरेप मामले में पुलिस ने आखिरकार दो माह बाद शुक्रवार को जिला अदालत में चालान पेश कर दिया है।
चालान के अनुसार दुराचार और छेड़छाड़ के इस मामले में पांच पुलिसकर्मी आरोपी हैं। पुलिस द्वारा पेश किए चालान में कांस्टेबल अक्षय और सुनील पर दुराचार की धारा लगाई गई है अन्य तीन पर छेड़छाड़ की धारा लगाई गई है। जबकि सभी पांचों आरोपियों पर पास्को एक्ट के तहत आरोप लगाए गए हैं।
चालान के साथ पुलिस ने पीड़ित लड़की की मेडिकल रिपोर्ट के अलावा सीएफसीएल की जांच रिपोर्ट भी पेश की है। इसके साथ ही आरोपियों द्वारा नाबालिग को किए फोन का रिकार्ड भी पेश किया गया है।
ज्यादातर फोन अक्षय के मोबाइल से पीड़िता को हुए हैं जबकि पीड़िता की ओर से भी अक्षय के मोबाइल पर फोन हुए हैं। अब इस चार्जशीट की प्रति सभी आरोपियों को अगली सुनवाई में मुहैया करवाई जबकि इसके बाद लगाए गए आरोपों पर बहस होगी।
इसके साथ ही अब इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने का निर्णय लिया जाएगा। मालूम हो कि गिरफ्तार होने के बाद पुलिस के पास आरोपियों के खिलाफ चालान पेश करने का तीन माह का समय होता है। इस मामले में एसआईटी की टीम ने चालान तैयार किया है।
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चंडीगढ़ रेपः आरोपी कांस्टेबलों पर आरोप तय
13 मार्च को मामले में सजा पर फैसला होगा। गौरतलब है कि पुलिस ने गत 21 फरवरी को जिला अदालत में आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया था। एसआईटी की टीम ने चालान तैयार किया था।
चालान के अनुसार दुराचार और छेड़छाड़ के इस मामले में पांचों पुलिसकर्मियों को आरोपी बताया गया था। कांस्टेबल अक्षय और सुनील पर दुराचार की धारा लगाई गई थी। अन्य तीन पर छेड़छाड़ की धारा लगाई गई थी। सभी पांचों आरोपियों पर पास्को एक्ट के तहत आरोप लगाए गए हैं।
चालान के साथ पुलिस ने पीड़ित लड़की की मेडिकल रिपोर्ट के अलावा सीएफसीएल की जांच रिपोर्ट भी पेश की थी। इसके साथ ही आरोपियों द्वारा नाबालिग को किए फोन का रिकार्ड भी पेश किया गया था।
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पांच कांस्टेबलों पर दुराचार और छेड़छाड़ का आरोप
खुड्डा लाहौरा निवासी दसवीं क्लास की छात्रा ने 19 दिसंबर 2013 को चंडीगढ़ पुलिस के पीसीआर और क्राइम ब्रांच में तैनात पांच कांस्टेबलों पर दुराचार और छेड़छाड़ की शिकायत दी थी। इस पर पुलिस ने अक्षय सुनील, अनिल, जगतार और हिम्मत के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस विभाग ने पांचों कांस्टेबलों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। जांच के लिए पुलिस विभाग ने डीएसपी कमला मीणा के नेतृत्व में एसआईटी बनाई थी। एसआईटी ने 21 फरवरी को पांचों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दायर की थी। अदालत ने अक्षय और सुनील पर पद का दुरुपयोग करने, अपहरण, दुराचार (पार्ट-2), धमकाने, साजिश रचने, पोस्को एक्ट की धारा-6 के तहत आरोप तय किए। वहीं, जगतार, हिम्मत और अनिल पर छेड़छाड़, गलत नियम से रोकने, आपराधिक साजिश रचने और पोस्को एक्ट की धारा-12 के तहत आरोप तय किए थे।