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चंडीगढ़ साइबर सेल का गाजियाबाद में छापा, फर्जी कॉल सेंटर पकड़ा, 200 लोगों को बना चुके हैं शिकार

Fri, 31 Jan 2020 10:55 PM IST
खुशबू गोयल अमित गुप्ता, अमर उजाला, चंडीगढ़
अमित गुप्ता, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 31 Jan 2020 10:55 PM IST
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Chandigarh Cyber Cell Raid in Call Center, Six People Arrest
प्रतीकात्मक तस्वीर

गाजियाबाद के वसुंधरा में पिछले दो साल से चल रहे इंश्योरेंस पॉलिसी के फर्जी कॉल सेंटर पर साइबर सेल ने छापेमारी कर दो सगे भाइयों समेत छह शातिरों को गिरफ्तार किया है। ये लोग डाटा इकट्ठा कर लोगों को इंश्योरेंस पॉलिसी लैप्स होने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम ऐंठते थे। शातिर उस वक्त साइबर सेल के हत्थे चढ़ गए, जब वे ठगी करने वाले मोबाइल नंबर से स्वीगी एप पर खाना बुक करवा दिया। इसके बाद टीम उनकी लोकेशन के आधार पर आरोपियों तक पहुंच गई। 

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आरोपियों में गाजियाबाद के कृष्णा नगर निवासी मुनीष कुमार (30), संजय नगर निवासी मुकेश कुमार (23), शास्त्री नगर निवासी अंकुर वर्मा (28), गौरव वर्मा (28), झारखंड के सिंघभूमि निवासी राजू रंजन (21) और सूरज मरमू (23) शामिल हैं, जबकि गिरोह की मुख्य आरोपी महिला ममता की तलाश में पुलिस जुटी हुई है। 
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एसपी सिटी विनीत कुमार ने बताया कि सेक्टर-21 निवासी चंद्र मोहन मुंजाल ने साइबर सेल को शिकायत दी थी कि अगस्त 2019 में उनके मोबाइल पर किसी शख्स का फोन आया। उसने कहा कि वह एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस कॉल सेंटर से बोल रहा है। उनकी इंश्योरेंस लैप्स हो गई है। इस झासे में आकर शिकायतकर्ता ने शातिर के बैंक खाते में 3 लाख 58 हजार रुपये जमा करवा दिए। 
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इस शिकायत के आधार पर साइबर सेल ने सेक्टर-19 थाने में धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मामला दर्ज करवाया। इसके बाद साइबर सेल डीएसपी रश्मि यादव की अगुवाई में इंस्पेक्टर देवेंद्र सिंह की टीम ने बीते वीरवार को एक सूचना पर गाजियाबाद स्थित वसुंधरा इलाके में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर छह लोगों को दबोच लिया। पकड़े गए शातिरों के कब्जे से 100 सिम, 100 एटीएम कार्ड, 25 मोबाइल, 2 लैपटॉप, 70 चेकबुक, 100 पासबुक और 40 रजिस्टर बरामद हुए हैं। 

रोजाना 10 से 15 लाख का होता था टारगेट 
पकड़े गए शातिरों को बाकायदा ट्रेंड किया जाता था। इसके बाद कॉल सेंटर पर युवक और युवतियों को 10 से 15 लाख रुपये का रोजाना टारगेट मिलता था। इसमें 50 प्रतिशत हिस्सा मुख्य आरोपियों का होता था, जबकि बाकी के रुपये फर्जी बैंक खाता खुलवाने वाले, कॉलर समेत उनकी अन्य टीम आपस में बांट लेती थी। शातिरों ने अब तक करीब 200 लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। डीएसपी रश्मि यादव ने बताया कि इस गैंग में और भी लोग शामिल हैं, जल्द ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


दो भाइयों ने बनाया ठगी का गिरोह  
पुलिस जांच में शातिर ठगी करने के लिए अलग-अलग बैंकों में फर्जी नाम से खाता खुलवाते थे। इन्हीं खातों में ठगी के पैसे मंगवाते थे। एसपी के अनुसार मास्टर माइंड अंकुर वर्मा ने एमकॉम की पढ़ाई की है। उसने 12वीं पास अपने भाई गौरव के साथ मिलकर ठगी का गिरोह बनाया था, जबकि डाटा इकट्ठा करने का काम ममता का था। टीम ने गाजियाबाद पुलिस से भी संपर्क किया है कि आरोपियों ने कैसे इतने दिनों से किराए के मकान में कॉल सेंटर बना रखा था। 

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