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Hindi News ›   Chandigarh ›   Big reveals about the network of heroin smuggling in the country

जालंधर: पुर्तगाल में बैठा पंजाब का नवप्रीत बन गया हेरोइन तस्करी का बेताज बादशाह, ऐसे देश की रगों में घोल रहा 'जहर'

Sun, 11 Jul 2021 01:54 PM IST
ajay kumar सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Sun, 11 Jul 2021 01:54 PM IST
सार

नव के हिजुबल मुजाहुद्दीन से भी गहरे संबंध हैं। आतंकी रियाज अहमद नायकू से भी नव के तार जुड़े हुए हैं। एजेंसियों के अनुसार नव ने पिछले साल एक आतंकवादी अहमद वागे को अमृतसर भेजा था। उसे ड्रग मनी एकत्रित कर आगे नवप्रीत नव को भेजनी थी। वागे को कुख्यात आतंकवादी रियाज अहमद नायकू ने अमृतसर भेजा था। लिहाजा, यह साफ है कि नवप्रीत सिंह नव नारको टेररिज्म का बड़ा बादशाह बन चुका है। 

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Big reveals about the network of heroin smuggling in the country
हेरोइन - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

माझा के गांव वजीर भुल्लर का रहने वाला नवप्रीत सिंह नव हेरोइन तस्करी का बेताज बादशाह बन गया है। नवप्रीत सिंह जहां पाक में बैठे आतंकवादियों का करीबी है वहीं अफगानिस्तान के हेरोइन के सौदागरों का बड़ा डीलर बन चुका है।

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दिल्ली में 354 किलो हेरोइन की खेप पुर्तगाल से नवप्रीत सिंह नव ने अपने तस्करों जालंधर के जमशेर के रहने वाले गुरप्रीत गोपी व गुरजोत गोलू को भिजवाई थी, जिसको आगे रसायन मिलाकर एक हजार किलो बनाकर पंजाब व अन्य प्रदेशों में बेचा जाना था। इस हेरोइन की कीमत 2500 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इससे पहले अमृतसर में 2700 करोड़ रुपये की हेरोइन पकड़ी गई थी। 
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नवप्रीत नव अकेला हेरोइन तस्कर ही नहीं बल्कि हथियारों व आतंक का सौदागर भी है। पिछले साल मोहाली में आर्म्स और एनडीपीएस एक्ट में दर्ज केस समेत पंजाब के विभिन्न हिस्सों में वांछित राजिंदर सिंह उर्फ गंजा उर्फ मिट्ठू को जीरकपुर के रीवर डेल एरोविस्टा स्थित फ्लैट से गिरफ्तार करने के बाद उसके कब्जे से 530 ग्राम हेरोइन, .32 बोर की पिस्टल और 4 कारतूस बरामद किए गए थे। गंजा कुख्यात तस्कर और कत्ल के मामलों में गिरफ्तार नवप्रीत सिंह उर्फ नव के साथ मिलकर ड्रग सप्लाई के धंधे से जुड़ा था। 

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राजिंदर सिंह उर्फ गंजा दिल्ली और श्रीनगर से आने वाली नशे की खेप को हासिल करके पंजाब में सप्लाई करता था। ड्रग मनी को हवाला राशि के रूप में नवप्रीत को वापस भेज देता था। नव के तार प्रतिबंधित संगठन खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के साथ जुड़े हैं।

जांच एजेंसियों के अनुसार खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के जजबीर सिंह उर्फ जज को जब गिरफ्तार किया गया था तो उसने पूछताछ में यह कुबूल किया था कि वह राजिंदर सिंह गंजा के द्वारा हेरोइन की सप्लाई करता था।

जजबीर सिंह के कब्जे से दो हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए जो हरमीत सिंह उर्फ पीएचडी द्वारा सीमा पार से सप्लाई किए गए थे। अटारी में पाकिस्तान के रास्ते नमक की बोरियों के बीच 532 किलो हेरोइन लाने वाले नशा तस्कर रणजीत सिंह उर्फ चीता को पंजाब पुलिस ने मई में गिरफ्तार किया था। इस खेप के तार भी नवप्रीत नव से जुड़े पाए गए थे।

चीता ने भी पूछताछ में बताया था कि वह हरप्रीत सिंह उर्फ चिंटू निवासी फिल्लौर को नशा सप्लाई करता था। नवप्रीत सिंह उर्फ नव भी बड़ी मात्रा में हेरोइन हरप्रीत सिंह उर्फ चिंटू को सप्लाई करता था। बाद में उसने नशे के कारोबार में रंजिश के कारण नेकदीप सिंह उर्फ सन्नी के साथ मिलकर चिंटू को मारने की साजिश रची। तभी से राजिंदर सिंह ने नवप्रीत के इशारे पर पंजाब में हेरोइन तस्करी के नेटवर्क को चलाना शुरू कर दिया था।

कपूरथला में 400 किलो हेरोइन बेचने के नेटवर्क के पीछे भी नवप्रीत सिंह नव था। पिछले साल मई में कपूरथला पुलिस ने जालंधर के हरगोबिंद नगर के नेकदीप उर्फ सन्नी से पूछताछ की तो सामने आया कि इस रैकेट ने पिछले डेढ़ साल में करीब 400 किलो चिट्टे की डिलीवरी सूबे में दी है। उन दिनों नवप्रीत नव दुबई में ठहरा हुआ था। उसी के कहने पर नेकदीप डिलीवरी करता था। 

नेकदीप से ही कपूरथला के एक बड़े कांग्रेस नेता के चेले ओंकार सिंह कारी ने चार किलो चिट्टे की डिलिवरी ली थी। पुलिस ने कारी को गिरफ्तार किया तो तार नवप्रीत सिंह नव से ही जुड़े पाए गए। खुफिया एजेंसियों के अनुसार नवप्रीत की दुबई की लोकेशन उन तक पहुंच गई थी, जिसके बाद नव ने अपना ठिकाना दुबई से बदलकर पुर्तगाल कर लिया। वह यूरोपी देश में है, जहां से ठिकाना बदलना बेहद आसान है। 

पाक में बैठे 14 तस्कर खेल रहे हैं आईएसआई की गोद में 

भारत-पाक सीमा का 553 किलोमीटर का इलाका पंजाब से सटा है। इसका पूरा फायदा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी उठा रही है और सीमावर्ती किसानों व युवाओं को लालच देकर नशे का सौदागर बना रही है। आईएसआई ने 14 ऐसे नामी तस्करों को टास्क दे रखी है, जो बेरोक टोक सीमा से हेरोइन की खेप धकेल रहे हैं। 

पाकिस्तान के लाहौर में बैठे वारिस डोगर, शकील डोगर, बूटा रियात, आरिफ, हाजी, नवाज, लियाकत और अहमद्दीन, काफिल मसीह उर्फ कोदर, कालू, बिलाल राणा, आबाद अली, भोला नदीन, कादर शाह वली, मोहम्मद काजिफ, अली, आबादी व उसका बेटा सिकंदर मुख्य रूप से पंजाब में तस्करी कर रहे हैं।

पंजाब व देश में जितनी भी हेरोइन की खेप बरामद हो रही हैं उनके तार प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रुप से पंजाब के सीमावर्ती इलाके के रहने वाले लोगों से जुड़ रहे हैं। खासकर फिरोजपुर व तरनतारन में बड़ी संख्या में युवा नशे की तस्करी के धंधे में लिप्त हो चुके हैं।

एक लाख की किलो बिकती है आठ करोड़ में
दरअसल, हेरोइन तस्करी का धंधा मोटा मुनाफे वाला है। अफगानिस्तान से हेरोइन एक लाख रुपये किलो में खरीदी जाती है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत आठ करोड़ रुपये किलो तक पहुंच जाती है। इसमें कोरियर से लेकर तस्कर और सप्लायर तक अपना हिस्सा रखते हैं।

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