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अरदास पर गुरुद्वारे में नामधारी गुट भिड़े, 10 घायल
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 23 Mar 2014 10:11 PM IST
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सेक्टर-30 के नामधारी गुरुद्वारे में रविवार को कीर्तन के बाद जमकर हंगामा हुआ। सतगुरु दलीप सिंह और सतगुरु उदय सिंह के अनुयायी अरदास के मुद्दे को लेकर आपस में भिड़ गए।
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दोनों पक्षों ने चिमटे और कीर्तन का जो भी सामान हाथ लगा उसी से एक दूसरे पर हमला किया। हमले में दस भक्त घायल हो गए।
घायलों में महिलाएं भी शामिल हैं। करीब आधे घंटे तक मारपीट चलती रही और पुलिस ने मौके पर पहुंच कर दोनों गुटों को शांत करवाया।
पुलिस और अधिकारियों के पहुंचने केबावजूद तीन घंटे तक गुरुद्वारे में तनातनी का माहौल रहा। अधिकारी दोनो गुटों को शांत करवाने में जुटे रहे।
दोनो गुट अपने गुरु की अरदास करवाने की मांग को लेकर अड़े रहे। डीएसपी अंजिता चेपियाल, डयूटी मजिस्ट्रेट बलबीर सिंह ढोल और मोहाली के विधायक बलबीर सिंह सिद्धू मौके पर पहुंचे।
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ये हुए घायल
घायलों में बलबीर सिंह, जसविंदर, गुरुबख्श, सतनाम सिंह और हरप्रीत सिंह शामिल हैं। कुछ महिलाओं को भी मामूली चोटें आई हैं।
सतनाम सिंह के सिर में गहरी चोट है। इस मारपीट में कई भक्तों के कपड़े भी फट गए। घायलों का पुलिस ने जीएमसीएच-32 में भर्ती कराया।
ऐसे शुरू हुआ विवाद
भक्तों के अनुसार रविवार सुबह दस बजे के करीब कीर्तन खत्म हुआ और अरदास होनी थी। एक गुट चाहता था कि सतगुरु उदय सिंह के नाम की अरदास हो, जबकि दूसरा गुट चाहता था कि सतगुरु दलीप सिंह के नाम की अरदास हो।
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इस बीच सतगुरु दलीप सिंह की अरदास शुरू की जाने लगी तभी सदगुरु उदय सिंह के भक्त आपत्ति जताने लगे। वहीं गुरुद्वारे के अंदर कुछ लोग अरदास को वीडियो अपने मोबाइल पर बनाने लगे।
कुछ भक्तों ने उन्हें रोकने की कोशिश की और हंगामा मारपीट में बदल गया। भक्त अमनदीप सिंह के अनुसार लुधियाना के गुरुद्वारा भैणी साहिब से काफी संख्या में सतगुरु उदय सिंह के समर्थक आए हुए थे। हंगामे में उनकी भूमिका रही।
गद्दी विवाद पुरानी वजह
नामधारियों में अरदास को लेकर पंजाब में पहले भी कई जगह विवाद हो चुके हैं। सतगुरु जगजीत सिंह के वर्ष 2012 में निधन के बाद ही उनके उत्तराधिकार को लेकर गद्दी विवाद चला आ रहा है।
एक गुट उदय सिंह को सतगुरु मानता है और दूसरे का दावा है कि गद्दी दलीप सिंह को प्राप्त हुई है। दोनों गुट दावा करते हैं कि सतगुरु जगजीत सिंह अपने रहते ही उनके सतगुरु को उत्तारधिकारी घोषित कर गए थे।