मैदान में खड़ी कार आग की लपटों में घिरी, फिर हुआ जोरदार धमाका, युवक जिंदा जला
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चंडीगढ़ के सेक्टर-23 स्थित छोटे चौक के पास गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल से लगते खाली ग्राउंड में मंगलवार दोपहर करीब सवा तीन बजे एक ऑल्टो कार में अचानक आग लग गई। कार के अंदर एक युवक मौजूद था, जो जलते हुए तड़पने लगा।
आग की लपटों को देखकर दूर खड़े कुछ लोग कार की ओर दौड़ पड़े और दरवाजे खोलकर युवक को बचाने की कोशिश करने लगे लेकिन कार के दरवाजे अंदर से बंद थे। कार का शीशा तोड़कर बाल्टी से पानी अंदर फेंका। लेकिन आग बुझाने में कामयाबी मिलती, उससे पहले ही करीब 12 से 15 मिनट बाद कार में रखे गैस सिलिंडर में धमाका हो गया। इससे कार की छत उड़ गई और युवक की कार के अंदर ही पूरी तरह जलने से मौत हो गई।
कार में रखे सिलिंडर में जब धमाका हुआ तब फायरब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंच गई। दमकल कर्मियों ने आग को बुझाया और पूरी तरह जल चुके युवक को गाड़ी से बाहर निकाला। मृतक की पहचान सेक्टर-23 निवासी सीए की पढ़ाई कर रहे 27 वर्षीय रोहन नैय्यर के रूप में हुई। पुलिस अब इस बात की जांच में जुट गई है कि यह कोई हादसा है या रोहन ने खुद को आग लगाकर आत्महत्या की है।
रोहन के पिता हरीश नैय्यर पंजाब के सिंचाई विभाग में कार्यरत हैं। सिलिंडर में धमाके के समय घटनास्थल से करीब 45 फुट की दूरी पर खड़े प्रवीन शर्मा (55) की पीठ से कार का कोई पुर्जा जा टकराया। इससे वह घायल हो गए और उनकी पीठ से खून बहने लगा। इलाज के दौरान उन्हें पांच टांके लगे। कार में धमाके की सूचना पर पीसीआर की गाड़ियां और सेक्टर-17 थाना एसएचओ व डीएसपी समेत अन्य पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे।
दुर्घटना के काफी देर बाद तक पुलिस कार को आग लगने के कारणों के संबंध में पशोपेश में पड़ी रही। देर शाम तक जांच के बाद पुलिस ने रोहन के खुदकुशी करने के कयास लगाए। पुलिस जांच में पता लगा कि कार ग्राउंड में काफी देर से खड़ी थी। पास में खड़े कुछ लोगों ने कार से पहले आग की लपटें उठती देखीं।
इसके बाद कार के पास पहुंच उसके दरवाजे खोलने का प्रयास किया लेकिन दरवाजे अंदर से बंद मिले। फिर लोगों ने कार का शीशा तोड़ा तो अंदर रोहन को आग की लपटों से घिरा देखा। उसे बचाने के प्रयास शुरू किए ही जा रहे थे कि करीब 12 मिनट बाद कार में रखा गैस सिलिंडर फट गया।
सीएफएसएल टीम ने जुटाए नमूने, अपनी तरह की पहली घटना
पुलिस की सूचना पर सीएफएसएल एक्सपर्ट्स ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। एक्सपर्ट्स ने मौके से कई नमूने जुटाए। एक्सपर्ट्स ने काफी देर तक मौका मुआयना किया। इस दौरान घटनास्थल की फोटोग्राफी भी करवाई गई।
स्कीन एलर्जी से तंग था रोहन
पुलिस जांच में पता लगा कि रोहन को स्कीन एलर्जी थी। वह इससे लंबे समय से इससे परेशान था। इसी कारण रोहन के मानसिक तनाव में होकर खुदकुशी करने के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जीएमएसएच-16 की मोर्चरी में रखवाया है। पोस्टमार्टम के बाद विसरा भी जांच के लिए भेजा जाएगा ताकि घटना से संबंधित अन्य कारण स्पष्ट हो सकें।
सीएफएसएल टीम ने जुटाए नमूने, अपनी तरह की पहली घटना
जांच में यह बात सामने आई है कि रोहन ने परिजनों से कहा कि उसे अपने एक दोस्त को गैस सिलेंडर देकर आना है। यह कहकर वह कार में सवार होकर घर से निकला था लेकिन किसी दोस्त के पास जाने के बजाय वह सेक्टर-23 स्थित स्कूल के बाहर की तरफ छोटे चौक से लगते ग्राउंड में पहुंचा। वहां कार पार्क की और कुछ ही देर बाद कार से आग की लपटें उठती दिखीं। फिर उसमें बलास्ट हो गया।
बेटे की मौत की सूचना पर रोहन के मामा भी घटनास्थल पर पहुंचे। रोहन की मौत से पूरा परिवार गहरे सदमे में है। रोहन अविवाहित था। उसका एक बड़ा भाई मुंबई में नौकरी करता है।
डीएसपी बोले-जांच कर रहे हैं
रोहन की मौत खुदकुशी है या एक हादसा, यह जानने के लिए यूटी पुलिस के पीआरओ, डीएसपी चरणजीत सिंह से बात की गई तो उन्होंने इस सवाल का सीधा जवाब न देकर जांच जारी होने की बात कही। डीएसपी से दोबारा पूछा गया कि रोहन की मौत खुदकुशी थी या हादसा, तो उन्होंने जांच टीम से बात करके बताने को कहा, लेकिन इसके बाद डीएसपी ने कोई जवाब नहीं दिया।