लुधियाना: थाने में व्यक्ति ने लगाई आग, सब इंस्पेक्टर पर परेशान करने का आरोप, 40 फीसदी तक झुलसा
गुरदीप ने आरोप लगाया कि एसआई रंजीत सिंह ने ही डॉक्टरों को गोली नहीं निकालने दी और लिखवा दिया कि गोली सेफ जोन में है। अगर उसे निकालने की कोशिश की जाएगी तो अमन टैटू की मौत भी हो सकती है।
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पंजाब पुलिस के सब इंस्पेक्टर से परेशान होकर थाना डाबा इलाके में रहने वाले गुरदीप सिंह (58) ने रविवार की दोपहर थाना डाबा में खुद पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगा ली। गुरदीप के आग लगाते ही वहां मुलाजिमों में अफरा-तफरी मच गई। मुलाजिमों ने किसी तरह आग पर काबू पाया और उसे सिविल अस्पताल में दाखिल कराया। जहां से गुरदीप की गंभीर हालत को देखते हुए डीएमसी अस्पताल रेफर कर दिया गया है। सूचना के बाद पुलिस के आलाधिकारी थाना डाबा और डीएमसी अस्पताल पहुंच गए। बताया जा रहा है कि गुरदीप करीब 40 प्रतिशत झुलसा है।
जानकारी के अनुसार गुरदीप का बेटा अमन टैटू गैंगस्टर गतिविधियों में शामिल है। एक जुलाई 2021 को वह डाबा इलाके में स्थित प्रिंस गैलरी स्टोर में पहुंचा और मालिक रंजोत सिंह से वसूली करने लगा। वह दुकान पर हथियार लेकर पहुंचा तो अमन टैटू और रंजोत के बीच कहासुनी हुई। इसी दौरान अमन टैटू ने रिवाल्वर निकाली तो रंजोत ने पासफ में रखी रिवाल्वर भी चला दी।
दोनों के बीच करीब 10 गोलियां चलीं। एक गोली अमन टैटू के पेट के पास लगी। थाना डाबा की पुलिस ने अमन टैटू के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया और चार दिन बाद उसे पुलिस ने काबू भी कर लिया। इलाज के दौरान उसकी गोली भी बाहर नहीं निकाली गई। अमन के पिता गुरदीप ने आरोप लगाया कि सब इंस्पेक्टर ने दूसरे पक्ष से पैसे ले लिए हैं और रंजोत सिंह पर कोई कार्रवाई नहीं की। जबकि पहली गोली उसी ने चलाई थी और उस हथियार का रंजोत के पास कोई लाइसेंस भी नहीं है। इस बारे में पहले भी जांच हो चुकी है। वह अपना कोई लाइसेंस नहीं दिखा सका था। गुरदीप ने आरोप लगाया कि एसआई रंजीत सिंह ने ही डॉक्टरों को गोली नहीं निकालने दी और लिखवा दिया कि गोली सेफ जोन में पड़ी है, अगर उसे निकालने की कोशिश की जाएगी तो अमन टैटू की मौत भी हो सकती है।
गुरदीप ने जांच की मांग की
गुरदीप सिंह ने अदालत के साथ-साथ इसकी शिकायत पुलिस कमिश्नर के पास भी की। जिसके बाद एडीसीपी 2 बलविंदर सिंह सिद्धू की अगुवाई में एक टीम गठित की गई थी। गुरदीप सिंह का आरोप है कि शनिवार को उसे जांच के लिए बुलाया गया था, वहां सभी अधिकारियों के सामने एसआई रंजीत सिंह ने उस पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया। जब वह नहीं माना तो उसे थप्पड़ जड़ दिया। सभी अधिकारियों के सामने थप्पड़ पड़ने के बाद से ही गुरदीप काफी हताश था। वह रविवार सुबह घर में कहकर गया कि वह थाने में तेल डालकर आग लगाने जा रहा है। गुरदीप की पत्नी ने उसकी काफी तलाश की लेकिन गुरदीप का फोन बंद था। रविवार दोपहर गुरदीप थाना डाबा पहुंचा तो वहां उसने तेल डालकर खुद को आग लगा ली। वहां मौजूद सब इंस्पेक्टर जतिंदर सिंह ने किसी तरह से मुलाजिमों के साथ मिलकर आग बुझाई और अस्पताल पहुंचाया। जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। - बलविंदर सिंह सिद्धू, एडीसीपी-2