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प्राइवेट स्कूलों में मनमानी फीस वसूली पर रोक, पेरेंट्स का आंदोलन लाया रंग
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 12 Apr 2017 09:32 AM IST
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मनमानी फीस वसूली पर रोक
- फोटो : Demo Pic
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निजी स्कूलों में बेतहाशा फीस बढ़ोतरी पर रोक लग गई है, कई दिनों ने आंदोलन कर रहे पेरेंट्स का आंदोलन रंग ले आया। स्कूलों में इस साल नया सत्र शुरू होने के साथ ही फीस वृद्घि को लेकर शुरू हुआ पेरेंट्स का आंदोलन मंगलवार को मुकाम पर पहुंच गया। चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने माउंट कार्मल स्कूल सेक्टर-47 और सेंट जोसेफ सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-44सी की ओर से की गई बेतहाशा फीस बढ़ोतरी पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं। अदालत ने केस का अंतिम फैसला आने तक यह रोक लगाने के आदेश दिए हैं।
माउंट कार्मल स्कूल की ओर से 141 और सेंट जोसेफ स्कूल की ओर से पांच पेरेंट्स ने केस दाखिल किया था। हालांकि बाद में 33 अन्य पेरेंट्स ने भी सेंट जोसेफ के खिलाफ केस दाखिल किया था, इस पर बुधवार को सुनवाई होगी। मंगलवार को सुनाए आदेश में सीजेएम ने कहा कि दोनों स्कूल चाहे तो 2017-18 के अकेडमिक सेशन के लिए नया फीस स्ट्रक्चर बना सकते हैं।
लेकिन इसके लिए सीबीएसई की गाइडलाइन और नियमों का पालन करना होगा। वहीं इसमें पेरेंट्स की सहमति होनी जरूरी है। वहीं इसमें खास बात यह होगी कि स्कूलों को उन सभी पेरेंट्स की सहमति लेनी जरूरी है, जिन्होंने अदालत में यह केस दाखिल किया है। वहीं दोनों स्कूल जो भी फीस बढ़ाए, वह उसे साबित कर सकें कि इसे सही मद में और एक मात्रा में बढ़ाया गया है।
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माउंट कार्मल स्कूल की ओर से 141 और सेंट जोसेफ स्कूल की ओर से पांच पेरेंट्स ने केस दाखिल किया था। हालांकि बाद में 33 अन्य पेरेंट्स ने भी सेंट जोसेफ के खिलाफ केस दाखिल किया था, इस पर बुधवार को सुनवाई होगी। मंगलवार को सुनाए आदेश में सीजेएम ने कहा कि दोनों स्कूल चाहे तो 2017-18 के अकेडमिक सेशन के लिए नया फीस स्ट्रक्चर बना सकते हैं।
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लेकिन इसके लिए सीबीएसई की गाइडलाइन और नियमों का पालन करना होगा। वहीं इसमें पेरेंट्स की सहमति होनी जरूरी है। वहीं इसमें खास बात यह होगी कि स्कूलों को उन सभी पेरेंट्स की सहमति लेनी जरूरी है, जिन्होंने अदालत में यह केस दाखिल किया है। वहीं दोनों स्कूल जो भी फीस बढ़ाए, वह उसे साबित कर सकें कि इसे सही मद में और एक मात्रा में बढ़ाया गया है।
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माउंट कार्मल की याचिका में यह कहा गया था
अभिभावकों ने किया विरोध
- फोटो : Amar Ujala
माउंट कार्मल स्कूल प्रबंधन की ओर से बेतहाशा फीस बढ़ोतरी के विरोध में 141 पेरेंट्स ने जिला अदालत की शरण ली है। एडवोकेट बलजीत सिंह सैनी ने पेरेंट्स की ओर से दायर सिविल सूट में कहा था कि स्कूल प्रबंधन ने सरकारी नियमों के विपरीत जाकर लगभग दोगुनी फीस कर दी है। इस पर सुनवाई करते हुए सीजेएम कोर्ट ने प्रतिवादी पक्ष स्कूल प्रबंधन, सेक्रेटरी एजुकेशन, डीएसई और सीबीएसई को किया नोटिस जारी किया है।
साथ ही अभिभावकों की शिकायत पर स्कूल प्रबंधन को स्कूल के बैंक खातों की डिटेल जमा कराने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा बैंक की तीन साल की स्टेटमेंट पेश करने को कहा था, ताकि स्पष्ट हो सके कि अभिभावकों से वसूली जा रही फीस जायज है या नहीं। हालांकि मामले में अब तक स्कूल प्रबंधन की ओर से बैंक स्टेटमेंट दाखिल नहीं की गई है।
2700 से सीधा 4800 रुपये कर दी थी फीस
माउंट कार्मल स्कूल के खिलाफ दायर केस में पेरेंट्स का कहना था कि स्कूल पिछले साल तक चौथी से आठवीं क्लास के बच्चों से 2700 रुपये फीस लेता था, लेकिन इस साल नए सत्र से इसे 4800 से पांच हजार रुपये तक कर दिया है। जबकि, सरकारी नियमों के तहत एक साल में 8 फीसदी से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकते हैं।
साथ ही अभिभावकों की शिकायत पर स्कूल प्रबंधन को स्कूल के बैंक खातों की डिटेल जमा कराने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा बैंक की तीन साल की स्टेटमेंट पेश करने को कहा था, ताकि स्पष्ट हो सके कि अभिभावकों से वसूली जा रही फीस जायज है या नहीं। हालांकि मामले में अब तक स्कूल प्रबंधन की ओर से बैंक स्टेटमेंट दाखिल नहीं की गई है।
2700 से सीधा 4800 रुपये कर दी थी फीस
माउंट कार्मल स्कूल के खिलाफ दायर केस में पेरेंट्स का कहना था कि स्कूल पिछले साल तक चौथी से आठवीं क्लास के बच्चों से 2700 रुपये फीस लेता था, लेकिन इस साल नए सत्र से इसे 4800 से पांच हजार रुपये तक कर दिया है। जबकि, सरकारी नियमों के तहत एक साल में 8 फीसदी से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकते हैं।
यह था सेंट जोसेफ की याचिका में
मनमानी फीस वसूली पर रोक
- फोटो : Getty
सेंट जोसेफ सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-44सी के खिलाफ दाखिल सिविल सूट में पेरेंट्स का आरोप था कि स्कूल एनुअल फीस वसूलने के बावजूद, विविध शुल्क समेत अन्य फंड के नाम पर वसूली कर रहा है। पेरेंट्स की ओर से एडवोकेट विवेक मोहन शर्मा ने अदालत को बताया था कि स्कूल वार्षिक फीस के साथ ही 3-4 अन्य विविध खर्चों के नाम पर पेरेंट्स से मोटी रकम वूसल कर रहे हैं, जो कि सरासर तौर पर सीबीएसई के नियमों का उल्लंघन है।
सेंट जोसेफ का काउंटर क्लेम
नोटिस पर सेंट जोसेफ स्कूल की ओर से दाखिल जवाब में काउंटर क्लेम किया गया था। स्कूल की ओर से कहा गया था कि स्कूल में शिक्षा का माहौल खराब न हो इसके लिए अभिभावक स्कूल के दो सौ मीटर के दायरे के अंदर न आएं। यहां तक कि इस दायरे में वह किसी तरह का धरना-प्रदर्शन और शोर-शराबा न करें। उन्होंने कहा था कि अभिभावकों को बैनर, धरने, नारेबाजी से लेकर स्कूल की प्रक्रिया में बाधा डालने से भी रोका जाए।
शिक्षा विभाग और यूटी प्रशासन के निजी स्कूलों की मुनाफाखोरी पर रोक लगाने में नाकाम रहने के बाद हमने न्यायपालिका के पास आना पड़ा। मंगलवार को अदालत के आदेश से आखिरकार लंबे संघर्ष के बाद माउंट कार्मल और सेंट जोसेफ स्कूल के पेरेंट्स को आखिरकार न्याय मिल ही गया। अदालत ने पेरेंट्स को महत्वपूर्ण हितधारकों के रूप में पहचाना है, जिनके साथ स्कूल फीस में संशोधन करने से पहले परामर्श किया जाना चाहिए।
-नितिन गोयल, अध्यक्ष, चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन
सेंट जोसेफ का काउंटर क्लेम
नोटिस पर सेंट जोसेफ स्कूल की ओर से दाखिल जवाब में काउंटर क्लेम किया गया था। स्कूल की ओर से कहा गया था कि स्कूल में शिक्षा का माहौल खराब न हो इसके लिए अभिभावक स्कूल के दो सौ मीटर के दायरे के अंदर न आएं। यहां तक कि इस दायरे में वह किसी तरह का धरना-प्रदर्शन और शोर-शराबा न करें। उन्होंने कहा था कि अभिभावकों को बैनर, धरने, नारेबाजी से लेकर स्कूल की प्रक्रिया में बाधा डालने से भी रोका जाए।
शिक्षा विभाग और यूटी प्रशासन के निजी स्कूलों की मुनाफाखोरी पर रोक लगाने में नाकाम रहने के बाद हमने न्यायपालिका के पास आना पड़ा। मंगलवार को अदालत के आदेश से आखिरकार लंबे संघर्ष के बाद माउंट कार्मल और सेंट जोसेफ स्कूल के पेरेंट्स को आखिरकार न्याय मिल ही गया। अदालत ने पेरेंट्स को महत्वपूर्ण हितधारकों के रूप में पहचाना है, जिनके साथ स्कूल फीस में संशोधन करने से पहले परामर्श किया जाना चाहिए।
-नितिन गोयल, अध्यक्ष, चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन