नशीला पदार्थ सुंघाकर महिला सरपंच से 15 दिन किया था दुष्कर्म, दोषी को कठोर उम्रकैद
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घर से महिला सरपंच को अगवा कर उसके साथ 15 दिन तक दुष्कर्म करने के मामले में जगाधरी सदर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी आरोपी को दोषी करार देते हुए एडिशनल सेशन जज डॉ. अब्दुल माजिद की कोर्ट ने कठोर उम्रकैद की सजा सुनाई है।
दोषी को साढ़े 21 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। करीब दो साल तक कोर्ट में चली सुनवाई के दौरान 12 लोगों की गवाही हुई। जिसके बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए फैसला सुनाया।
कोर्ट ने कहा कि ऐसा अपराध समाज के लिए ठीक नहीं। दोषी ने पहले भी अपराध किया था। इसलिए सजा देना जरूरी है। पीड़ित के परिवार ने कोर्ट के फैसले को सराहनीय कदम बताते हुए न्यायालय पर भरोसा जताने की बात कही।
नशीला पदार्थ देकर अगवा करने व चाकू की नोंक पर दुष्कर्म करने का था आरोप : जिले के एक गांव की महिला सरपंच को 17 मार्च 2017 की रात को गांव का ही व्यक्ति अगवा कर ले गया था। 18 मार्च को महिला सरपंच के पति ने इसकी शिकायत पुलिस को दी थी। जिस पर पुलिस ने आरोपी व्यक्ति पर अगवा करने के आरोप में केस दर्ज किया था। शिकायत में सरपंच पति ने बताया था कि 15 दिन बाद महिला अपने घर आई थी।
महिला ने शिकायत में कहा था कि आरोपी उसे नशीला पदार्थ देकर अगवा करके कहीं ले गया था। जहां पर उसने कई बार दुष्कर्म किया। चाकू की नोंक पर 15 दिन तक लगातार उससे दुष्कर्म करता रहा। 15वें दिन वह किसी तरह आरोपी के चंगुल से निकली और अपने घर पहुंची। उसने परिजनों को आकर आपबीती बताई।
परिजन उसे थाने लेकर पहुंचे। जहां उसने आरोपी के खिलाफ शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी पर पहले से दर्ज अगवा करने के मामले में दुष्कर्म समेत कई और धाराओं को जोड़ दिया था। तभी से मामला कोर्ट में चल रहा था। अब कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए उसे दोषी ठहराया है और कठोर उम्रकैद व साढे़ 21 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। दोषी को एक अन्य मामले में पहले ही सजा हो चुकी है।
रात तीन बजे बच्ची रोती हुई मिली थी : सरपंच पति ने शिकायत में बताया था 17-18 मार्च की रात करीब तीन बजे उसकी सात माह की बेटी कमरे में रो रही थी। उसके रोने की आवाज सुनकर वह कमरे में गया। लेकिन वहां से उसकी पत्नी गायब थी। शिकायत में सरपंच पति ने बताया था कि 17 मार्च की शाम को उसने दोषी को उसके घर के पास खेतों में घूमते हुए देखा था। जिससे उसका शक उस पर गया था। आरोपी अक्तूबर 2016 में भी महिला को अगवा करके ले गया था। लेकिन तब मामला पंचायत में सुलझ गया था।