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अदालत से पहले दे दी क्लीन चिट
ब्यूरो, अमर उजाला/मोगा
Updated Thu, 09 Oct 2014 10:33 PM IST
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पुलिस चौकी नत्थूवाला गरबी से पिछले साल बरामद नशीले पदार्थ और नकदी मामले में नामजद हवलदार दविंदर सिंह को मौत के बाद क्लीन चिट मिल गई है। इस मामले में बर्खास्त तत्कालीन चौकी इंचार्ज और मुंशी को भी विभाग ने बहाल करने की तैयारी कर ली है।
जिला पुलिस प्रमुख जतिंदर सिंह खैहरा ने बताया कि हवलदार दविंदर सिंह मौके पर नहीं था, इसलिए उसे क्लीन चिट दी गई है। दविंदर कैंसर का मरीज था और करीब 3 माह पहले उसकी मौत हो चुकी है।
पिछले साल छह सितंबर को पुलिस चौकी नत्थूवाला गरबी में पड़े बेड में छुपाकर बेचने के लिए रखी 1.68 क्विंटल भुक्की, 66 बोतलें व्हिस्की और इनकी सेल के 46 हजार रुपये मुंशी के ट्रंक से बरामद किए गए थे। तत्कालीन जिला पुलिस प्रमुख कमलजीत सिंह ढिल्लों ने पद संभालते ही मामले में अहम तस्करों से संबंधों का भी दावा किया था। इस मामले में चौकी इंचार्ज जरनैल सिंह और मुंशी जसवीर सिंह को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया था। हवलदार दविंदर सिंह को नामजद कर उसी दिन तीनों को नौकरी से बर्खास्त भी कर दिया गया था। वीरवार को हवलदार दविंदर सिंह को मामले में क्लीन चिट दे दी गई है।
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इस मामले में पुलिस विभाग ने अदालती केस का सामना कर रहे बर्खास्त तत्कालीन चौकी इंचार्ज जरनैल सिंह और मुंशी जसबीर सिंह को बचाने के लिए पहले ही अदालत में आरोप पत्र पेश नहीं किया जिस कारण अदालत ने उनकी जमानत मंजूर कर ली थी। नियमों के अनुसार तस्करी कानून के अंतर्गत छह माह के अंदर आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र देना होता है। इस मामले में बेगुनाह दिए गए हवलदार दविंदर सिंह की पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इसी वर्ष 24 फरवरी को अग्रिम जमानत भी रद्द कर दी थी।
दूसरी तरफ बर्खास्त एएसआई जरनैल सिंह ने नौकरी पर फिर से बहाली के लिए फिरोजपुर रेंज के डीआईजी के पास अपील दायर की हुई है। उसने इस केस को झूठा बताते उसकी शानदार सेवा बदले विभाग की तरफ से उसे दिए ग्रेड-1, 2 और 3 के 168 प्रशंसा पत्र का भी जिक्र किया है। पंजाब सरकार की तरफ से नशे के खिलाफ शुरू की गई मुहिम के कारण तत्कालीन चौकी इंचार्ज की बहाली लटक गई थी।
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जिला पुलिस प्रमुख जतिंदर सिंह खैहरा ने बताया कि हवलदार दविंदर सिंह मौके पर नहीं था, इसलिए उसे क्लीन चिट दी गई है। दविंदर कैंसर का मरीज था और करीब 3 माह पहले उसकी मौत हो चुकी है।
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पिछले साल छह सितंबर को पुलिस चौकी नत्थूवाला गरबी में पड़े बेड में छुपाकर बेचने के लिए रखी 1.68 क्विंटल भुक्की, 66 बोतलें व्हिस्की और इनकी सेल के 46 हजार रुपये मुंशी के ट्रंक से बरामद किए गए थे। तत्कालीन जिला पुलिस प्रमुख कमलजीत सिंह ढिल्लों ने पद संभालते ही मामले में अहम तस्करों से संबंधों का भी दावा किया था। इस मामले में चौकी इंचार्ज जरनैल सिंह और मुंशी जसवीर सिंह को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया था। हवलदार दविंदर सिंह को नामजद कर उसी दिन तीनों को नौकरी से बर्खास्त भी कर दिया गया था। वीरवार को हवलदार दविंदर सिंह को मामले में क्लीन चिट दे दी गई है।
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इस मामले में पुलिस विभाग ने अदालती केस का सामना कर रहे बर्खास्त तत्कालीन चौकी इंचार्ज जरनैल सिंह और मुंशी जसबीर सिंह को बचाने के लिए पहले ही अदालत में आरोप पत्र पेश नहीं किया जिस कारण अदालत ने उनकी जमानत मंजूर कर ली थी। नियमों के अनुसार तस्करी कानून के अंतर्गत छह माह के अंदर आरोपियों के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र देना होता है। इस मामले में बेगुनाह दिए गए हवलदार दविंदर सिंह की पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इसी वर्ष 24 फरवरी को अग्रिम जमानत भी रद्द कर दी थी।
दूसरी तरफ बर्खास्त एएसआई जरनैल सिंह ने नौकरी पर फिर से बहाली के लिए फिरोजपुर रेंज के डीआईजी के पास अपील दायर की हुई है। उसने इस केस को झूठा बताते उसकी शानदार सेवा बदले विभाग की तरफ से उसे दिए ग्रेड-1, 2 और 3 के 168 प्रशंसा पत्र का भी जिक्र किया है। पंजाब सरकार की तरफ से नशे के खिलाफ शुरू की गई मुहिम के कारण तत्कालीन चौकी इंचार्ज की बहाली लटक गई थी।