फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Court convicted Akali leader and two policemen in Jamalpur fake encounter case

जमालपुर फर्जी एनकाउंटर: अकाली नेता और दो पुलिसवालों को कोर्ट ने ठहराया दोषी, 10 अक्तूबर को सुनाई जाएगी सजा

Thu, 06 Oct 2022 09:07 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Thu, 06 Oct 2022 09:07 PM IST
सार

जमालपुर की आहलुवालिया कालोनी में सितंबर 2014 में माछीवाड़ा के बोहापुर गांव के रहने वाले अनुसूचित जाति के दो सगे भाइयों हरिंदर सिंह (23) और जतिंदर सिंह(25) को खन्ना पुलिस ने फर्जी एनकाउंटर में मार दिया था।

विज्ञापन
Court convicted Akali leader and two policemen in Jamalpur fake encounter case
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

लुधियाना के जमालपुर इलाके की आहलुवालिया कालोनी में सितंबर 2014 में फर्जी एनकाउंटर में दो सगे भाइयों की हत्या के मामले में गुरुवार को एडिशनल सेशंस जज राजकुमार की अदालत ने अकाली नेता और दो पुलिस मुलाजिमों को दोषी करार दे दिया है, जबकि एक व्यक्ति को बरी कर दिया गया है। अदालत 10 अक्तूबर को तीनों आरोपियों की सजा सुनाएगी।

विज्ञापन

 
जमालपुर की आहलुवालिया कालोनी में सितंबर 2014 में माछीवाड़ा के बोहापुर गांव के रहने वाले अनुसूचित जाति के दो सगे भाइयों हरिंदर सिंह (23) और जतिंदर सिंह(25) को खन्ना पुलिस ने फर्जी एनकाउंटर में मार दिया था। इस मामले में अदालत ने अकाली नेता गुरजीत सिंह, पंजाब पुलिस के कांस्टेबल यादविंदर सिंह और होमगार्ड के जवान अजीत को दोषी करार दे दिया है, जबकि इस मामले में पंजाब होमगार्ड के जवान बलदेव सिंह को बरी कर दिया गया है। 
विज्ञापन


लेकिन इस मामले में नामजद थाना माछीवाड़ा के तत्कालीन एसएचओ इंस्पेक्टर मनजिंदर सिंह और उनके रीडर कांस्टेबल सुखबीर सिंह का सात साल बीतने के बाद भी कुछ पता नहीं चल पाया है। सात साल की लंबी लड़ाई के बाद परिवार को इंसाफ मिला है। अब अदालत 10 अक्तूबर को तीनों आरोपियों की सजा पर फैसला सुनाएगी। तीनों को हत्या, आर्म्स एक्ट और साजिश रचने का दोषी पाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
यह था मामला
सितंबर 2014 में जमालपुर की आहलुवालिया कालोनी स्थित एक महिला के पीजी में चार युवक मौजूद थे। इनमें माछीवाड़ा के गांव बोहापुर के रहने वाले सगे भाई हरिंदर सिंह और जतिंदर सिंह अपने दो साथियों के साथ मौजूद थे। उनके खिलाफ थाना माछीवाड़ा में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज था लेकिन अधिकारियों ने जांच के कारण गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी थी। 


मगर अकाली नेता गुरजीत सिंह के दबाव के कारण माछीवाड़ा थाने के पूर्व एसएचओ इंस्पेक्टर मनजिंदर सिंह टीम के साथ वहां पहुंचे और घर में घुसकर दोनों सगे भाइयों को फर्जी एनकाउंटर में मार गिराया। इस दौरान पुलिस टीम के साथ अकाली नेता गुरजीत सिंह भी था। उस समय दोनों भाइयों के परिवार वालों ने कई आरोप लगाए थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed