फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Corruption case in Chandigarh CBI court against two army officers

सेना में फर्जीवाड़ा: दो आर्मी ऑफिसर के खिलाफ CBI कोर्ट में चलेगा केस, बिग्रेडियर और लेफ्टिनेंट कर्नल बने गवाह

Mon, 17 Feb 2025 01:05 PM IST
अंकेश ठाकुर हरीश कोचर, चंडीगढ़
हरीश कोचर, चंडीगढ़ Published by: अंकेश ठाकुर Updated Mon, 17 Feb 2025 01:05 PM IST
सार

लगभग दो साल पुराने मामले में भारतीय सेना के दो अधिकारियों के खिलाफ चंडीगढ़ की सीबीआई कोर्ट में भ्रष्टाचार का केस चलेगा। दोनों अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई ने अदालत में चार्जशीट दायर कर दी है। 

विज्ञापन
Corruption case in Chandigarh CBI court against two army officers
सैन्य अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का केस। - फोटो : एएनआई

विस्तार

राजस्थान के दक्षिणी कमांड की यूनिट में ऑर्डर सप्लाई का कांट्रेक्ट लेने व बिल पास के फर्जीवाड़े में नामजद सेना अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सीबीआई ने दर्ज रिश्वत के मामले में नामजद सेना अधिकारी संदीप सिंह राजपूत और देव कुमार वर्मा के खिलाफ चंडीगढ़ सीबीआई कोर्ट में भ्रष्टाचार का केस चलेगा। इनके खिलाफ केस चलाने के लिए सेना मुख्यालय ने मंजूरी दे दी है। साथ ही मामले में आरोपी अधिकारियों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड सहित सीएफएसएल की रिपोर्ट भी आ गई है, जिसके आधार पर सीबीआई ने सेना के बिग्रेडियर से लेकर लेफ्टिनेंट कर्नल तक के अधिकारियों को सरकारी गवाह भी बना दिया है। यह मामला जून, 2023 में चंडीगढ़ सीबीआई द्वारा दर्ज किया गया था।

विज्ञापन


दरअसल, इस मामले में सीबीआई को एक गुप्त सूत्र से सूचना मिली थी कि जेएस एमएलएस एमके एजेंसीज-4 आनंद कॉम्पलेक्स सेक्टर-17ए चंडीगढ़ के जतिंद्र सिंह बेदी राजस्थान यूनिट में ऑर्डर सप्लाई के लिए कांट्रेक्ट ले रहे हैं। उक्त फर्म संचालक द्वारा जैम के नियमों को दरकिनार कर टेंडर के बिलों को बिना आपत्ति के भुगतान करवाया गया है। इस काम के लिए उमा शंकर प्रसाद कुशवाहा (आईडीएएस:1998) एकीकृत वित्तीय सलाहकार (आईएफए) प्रताप नगर खातीपुरा रोड दक्षिण पश्चिमी कमान जयपुर को रिश्वत दी जा रही है।
विज्ञापन


इस खेल में अधिकारी कुशवाहा को रिश्वत देने के लिए जेएस बेदी बीकानेर में तैनात सेना अधिकारी संदीप राजपूत और देव कुमार वर्मा के संपर्क में थे। इसके अलावा बेदी कभी-कभी विजय नामा जूनियर ट्रांसलेटर पीसीडीए दक्षिण पश्चिमी कमान जयपुर के जरिए संपर्क करता है। कांट्रेक्ट व बिल पास करने की फाइल को एकीकृत वित्तीय सलाहकार उमा शंकर प्रसाद कुशवाहा से मंजूरी मिलनी थी। कुशवाहा ने इसे पास कर दिया जिसकी एवज में एक निजी बैंक खाते में 19 सितंबर 2022 को 20 हजार रुपये बतौर रिश्वत ट्रांसफर भी किए गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रिश्वत मिलने के बाद टेंडर की फाइल से हटाई गईं आपत्तियां
सूत्रों ने बताया कि 21 सितंबर 2022 को कांट्रेक्टर को सूचना मिली कि उनके मामले में 6 माह की जगह टेंडर की मात्र तीन माह की स्वीकृति दी गई है और उन्होंने इस बारे में विजय नामा को अवगत करवाते हुए नाराजगी व्यक्त की। इसके तुरंत बाद टेंडर को छह माह के लिए स्वीकृति दी गई। बताया गया कि पहले अधिकारी कुशवाहा ने फाइल पर कुछ आपत्तियां लगा दी थी लेकिन बाद में दोबारा फाइल मंगवाकर उन आपत्तियों को हटाया गया। इनके द्वारा कोडवर्ड में बातचीत की गई जिसमें बताया गया कि मामला 365 को मंजूरी दे दी गई है और उन्हें पार्टी से अवैध कापियां एकत्र करने का निर्देश दिया है यानि यूनिट की फाइल को अप्रूव करके कांट्रेक्टर से बचे हुए रिश्वत के पैसे लेने के लिए कहा गया। कांट्रेक्टर की ओर से तीन किस्तों में सेना अधिकारी संदीप सिंह राजपूत और देव कुमार वर्मा के खातों में 49500 रुपये रिश्वत के ट्रांसफर किए गए थे। इस मामले में सीबीआई ने 7, 7ए, 8, 12 और 120बी के तहत 21 जून, 2023 को गुप्त सूचना के आधार पर मामला दर्ज किया था।

कोर्ट में चार्जशीट हो चुकी दायर
इस मामले में सीबीआई कुछ महीने पहले ही भारतीय रक्षा लेखा सेवा (आईडीएएस) के एकीकृत वित्तीय सलाहकार अधिकारी उमा शंकर प्रसाद कुशवाहा, जूनियर ट्रांसलेटर विजय नामा, सेना अधिकारी संदीप राजपूत और देव कुमार शर्मा, राजस्थान के जयपुर में तनुश्री सर्विसेज चलाने वाले राजेंद्र सिंह और चंडीगढ़ में सीसीटीवी कैमरे और मेटल डिटेक्टर समेत सुरक्षा उपकरणों की आपूर्ति करने वाले जेएस बेदी के खिलाफ चार्जशीट भी दायर हो चुकी है। इसी मामले में अब सेना अधिकारी संदीप सिंह राजपूत और देव कुमार वर्मा के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी मिली है। सीबीआई द्वारा मामले में अब ब्रिगेडियर कमांडेंट आशीष भारद्वाज, लेफ्टिनेंट कर्नल मार्कंडेय, बिग्रेडियर राजीव चौहान, लेफ्टिनेंट कर्नल रिजितवन रे (स्वीकृति प्राधिकारी) और सहायक निदेशक एवं वैज्ञानिक-सीआरबी भोसले को गवाह बनाने का आवेदन किया था जिसे कोर्ट ने भी मंजूरी दे दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed