{"_id":"5f0426d38ebc3e42ea61156e","slug":"coronavirus-reached-in-government-offices-of-chandigarh","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कोरोनाः चंडीगढ़ के सरकारी दफ्तरों में पहुंची महामारी, शिक्षा विभाग बंद और इंजीनियरिंग विभाग खुला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोनाः चंडीगढ़ के सरकारी दफ्तरों में पहुंची महामारी, शिक्षा विभाग बंद और इंजीनियरिंग विभाग खुला
Tue, 07 Jul 2020 01:10 PM IST
खुशबू गोयल
रिशु राज सिंह, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 07 Jul 2020 01:10 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना संक्रमण अब चंडीगढ़ के सरकारी दफ्तरों में भी पहुंच गया है। शिक्षा विभाग में संक्रमित मरीज मिले और इंजीनियरिंग विभाग भी उसी के पास है। रविवार को कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद सेक्टर-9 स्थित एडिशनल डीलक्स बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर पर शिक्षा विभाग के सभी दफ्तरों को बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए। सोमवार को अन्य फ्लोर पर भी स्थित शिक्षा विभाग के सभी दफ्तरों को बंद कर दिया गया, लेकिन उसी फ्लोर पर इंजीनियरिंग विभाग के कर्मचारी जान खतरे में डाल कर अभी भी काम करने को मजबूर हैं।
बिल्डिंग में कोरोना वायरस का पॉजिटिव केस मिलने के बाद से कर्मचारियों में दहशत का माहौल है। सोमवार को जैसे ही कर्मचारियों के बीच यह खबर फैली, कई से कर्मचारी शाम 5 बजे से पहले ही घर चले गए। यह सिलसिला पूरे दिन जारी रहा, लेकिन इंजीनियरिंग विभाग की तरफ से न तो 50 प्रतिशत कर्मचारी बुलाने का कोई आदेश जारी हुआ, न ही घर से काम करने की अनुमति दी गई। एडिशनल डीलक्स बिल्डिंग के कई फ्लोर पर इंजीनियरिंग विभाग के दफ्तर शिक्षा विभाग के दफ्तरों के साथ ही हैं।
बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर, फर्स्ट फ्लोर, सेकेंड फ्लोर का पूरा हिस्सा, थर्ड फ्लोर व फोर्थ फ्लोर पर भी इंजीनियरिंग विभाग के कई दफ्तर मौजूद हैं। यहां पर कुल मिलाकर करीब 300 कर्मचारी काम करते हैं। इन फ्लोर पर पब्लिक हेल्थ डिवीजन 3 और 8 के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर व उनके सबडिवीजन, इलेक्ट्रिकल डिवीजन 1 और 2 के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर व उनके सबडिवीजन, सिविल डिवीजन 1, 4 और 6 के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर व उनके सबडिवीजन के दफ्तर स्थित हैं।
विज्ञापन
इस संबंध में चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद ने कहा कि ऑफिस इंचार्ज को कहा गया है कि कम से कम स्टाफ को बुलाया जाए। जब तक एडिशनल डीलक्स बिल्डिंग में सैनिटाइजेशन का काम होता है, तब तक वहां के कर्मचारी दूसरी बिल्डिंग में बैठ सकते हैं।
विज्ञापन
बिल्डिंग में कोरोना वायरस का पॉजिटिव केस मिलने के बाद से कर्मचारियों में दहशत का माहौल है। सोमवार को जैसे ही कर्मचारियों के बीच यह खबर फैली, कई से कर्मचारी शाम 5 बजे से पहले ही घर चले गए। यह सिलसिला पूरे दिन जारी रहा, लेकिन इंजीनियरिंग विभाग की तरफ से न तो 50 प्रतिशत कर्मचारी बुलाने का कोई आदेश जारी हुआ, न ही घर से काम करने की अनुमति दी गई। एडिशनल डीलक्स बिल्डिंग के कई फ्लोर पर इंजीनियरिंग विभाग के दफ्तर शिक्षा विभाग के दफ्तरों के साथ ही हैं।
विज्ञापन
बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर, फर्स्ट फ्लोर, सेकेंड फ्लोर का पूरा हिस्सा, थर्ड फ्लोर व फोर्थ फ्लोर पर भी इंजीनियरिंग विभाग के कई दफ्तर मौजूद हैं। यहां पर कुल मिलाकर करीब 300 कर्मचारी काम करते हैं। इन फ्लोर पर पब्लिक हेल्थ डिवीजन 3 और 8 के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर व उनके सबडिवीजन, इलेक्ट्रिकल डिवीजन 1 और 2 के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर व उनके सबडिवीजन, सिविल डिवीजन 1, 4 और 6 के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर व उनके सबडिवीजन के दफ्तर स्थित हैं।
विज्ञापन
इस संबंध में चीफ इंजीनियर मुकेश आनंद ने कहा कि ऑफिस इंचार्ज को कहा गया है कि कम से कम स्टाफ को बुलाया जाए। जब तक एडिशनल डीलक्स बिल्डिंग में सैनिटाइजेशन का काम होता है, तब तक वहां के कर्मचारी दूसरी बिल्डिंग में बैठ सकते हैं।
यूटी सचिवालय भी पास, दिनभर दोनों बिल्डिंगों में घूमती हैं फाइलें
एडिशनल डीलक्स बिल्डिंग, यूटी सचिवालय के बिल्कुल साथ है। ऐसे में बहुत से विभागों के कर्मचारियों का पूरे दिन दोनों बिल्डिंगों में आना जाना लगा रहता है। इसके अलावा दोनों बिल्डिंगों में फाइल और डाक की मूवमेंट भी दिन भर होती रहती है। ऐसे में अंदेशा जताया जा रहा है कि कोरोना का संक्रमण यूटी सचिवालय भी पहुंच सकता है।
सचिवालय के गेट पर स्क्रीनिंग नाममात्र है। यहां पर रोजाना कई लोग अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचते हैं। अनलॉक 1.0 के बाद से लोगों की मूवमेंट भी काफी बढ़ गई है। सचिवालय में कई दफ्तर छोटे हैं और उनमें बैठने वाले कर्मचारियों की संख्या ज्यादा है, ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को पूरा करना भी असंभव है।
संक्रमण का खतरा सभी को है। इंजीनियरिंग विभाग के बहुत से दफ्तर बिल्डिंग में मौजूद हैं, जहां पर ठेकेदार के अलावा बहुत से लोग भी कई तरह के कामों के लिए आते हैं। नगर निगम के भी कुछ दफ्तर हैं, जहां पर पानी के बिल व अन्य समस्याओं को लेकर लोग पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन को ग्राउंड फ्लोर पर एक हेल्प डेस्क बनाना चाहिए। इंजीनियरिंग विभाग के सभी कर्मचारियों को बुलाया जा रहा है, जोकि संक्रमण को न्यौता देने जैसा है।
- बलविंदर सिंह, प्रेसिडेंट, चंडीगढ़ सब-ऑर्डिनेट सर्विसेज फेडरेशन(यूटी)
सचिवालय के गेट पर स्क्रीनिंग नाममात्र है। यहां पर रोजाना कई लोग अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचते हैं। अनलॉक 1.0 के बाद से लोगों की मूवमेंट भी काफी बढ़ गई है। सचिवालय में कई दफ्तर छोटे हैं और उनमें बैठने वाले कर्मचारियों की संख्या ज्यादा है, ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को पूरा करना भी असंभव है।
संक्रमण का खतरा सभी को है। इंजीनियरिंग विभाग के बहुत से दफ्तर बिल्डिंग में मौजूद हैं, जहां पर ठेकेदार के अलावा बहुत से लोग भी कई तरह के कामों के लिए आते हैं। नगर निगम के भी कुछ दफ्तर हैं, जहां पर पानी के बिल व अन्य समस्याओं को लेकर लोग पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन को ग्राउंड फ्लोर पर एक हेल्प डेस्क बनाना चाहिए। इंजीनियरिंग विभाग के सभी कर्मचारियों को बुलाया जा रहा है, जोकि संक्रमण को न्यौता देने जैसा है।
- बलविंदर सिंह, प्रेसिडेंट, चंडीगढ़ सब-ऑर्डिनेट सर्विसेज फेडरेशन(यूटी)