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हरियाणाः एसआईटी करेगी सोनीपत शराब घोटाले की जांच, तस्करी रोकने को मुख्यमंत्री ने संभाला मोर्चा
Thu, 07 May 2020 09:54 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 07 May 2020 09:54 AM IST
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बैठक लेते सीएम मनोहर लाल
- फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा के सोनीपत शराब घोटाले की जांच तीन सदस्यीय एसआईटी करेगी। वहीं शराब की तस्करी रोकने को मुख्यमंत्री ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। गृह मंत्री अनिल विज ने गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को एसआईटी गठित करने के निर्देश दे दिए हैं। एसआईटी में एक वरिष्ठ आईएएस, एक एडीजीपी स्तर के अधिकारी व एक आबकारी एवं कराधान विभाग का अधिकारी शामिल होगा। कमेटी जांच कर 20 दिन में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
गृह मंत्री विज ने कहा है कि सोनीपत शराब घोटाले के लिए जल्द ही एसआईटी का गठन हो जाएगा। एसआईटी की कमान किसी वरिष्ठ पुलिस अफसर के हाथों में होगी। यह बहुत बड़ा घोटाला है, जिसके तार अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि डीजीपी को यह आदेश जारी किए गए हैं कि वह मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज करें। इस मामले में अब तक दो पुलिस एसएचओ को लाइन हाजिर किया जा चुका है। विज ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान शराब की बिक्री बंद थी।
सोनीपत शराब घोटाले से लगता है कि शराब माफिया ने पुलिस व आबकारी विभाग को प्रभाव में लेकर प्रदेश में अन्य स्थानों पर भी तस्करी की होगी। डीजीपी ने मंगलवार को ही सोनीपत का मामला उनके संज्ञान में लाया था। जिस पर उन्होंने तुरंत कड़ी कार्रवाई के निर्देश दे दिए थे। बता दें कि मंगलवार को ही कैबिनेट बैठक में भी यह मामला उठा था। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने मामले को उठाते हुए गृह मंत्री से एसआईटी गठित करने की मांग की थी।
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गृह मंत्री विज ने कहा है कि सोनीपत शराब घोटाले के लिए जल्द ही एसआईटी का गठन हो जाएगा। एसआईटी की कमान किसी वरिष्ठ पुलिस अफसर के हाथों में होगी। यह बहुत बड़ा घोटाला है, जिसके तार अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि डीजीपी को यह आदेश जारी किए गए हैं कि वह मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज करें। इस मामले में अब तक दो पुलिस एसएचओ को लाइन हाजिर किया जा चुका है। विज ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान शराब की बिक्री बंद थी।
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सोनीपत शराब घोटाले से लगता है कि शराब माफिया ने पुलिस व आबकारी विभाग को प्रभाव में लेकर प्रदेश में अन्य स्थानों पर भी तस्करी की होगी। डीजीपी ने मंगलवार को ही सोनीपत का मामला उनके संज्ञान में लाया था। जिस पर उन्होंने तुरंत कड़ी कार्रवाई के निर्देश दे दिए थे। बता दें कि मंगलवार को ही कैबिनेट बैठक में भी यह मामला उठा था। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने मामले को उठाते हुए गृह मंत्री से एसआईटी गठित करने की मांग की थी।
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अंतरराज्यीय सीमा के आसपास शराब तस्करी पर कसेगा शिकंजा
हरियाणा में शराब तस्करों की अब खैर नहीं है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने तस्करी पर अंकुश लगवाने के लिए खुद मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने डीसी व एसपी को निर्देश दिए हैं कि वे प्रदेश में अवैध शराब की तस्करी पर शिकंजा कसें। विशेषकर अंतरराज्यीय सीमा वाले क्षेत्रों में अंकुश लगाने के लिए जिला स्तर पर मजिस्ट्रेट की अगुवाई में पुलिस व आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों की विशेष टीमों का गठन करें। डिस्टीलरी से ठेकों तक बिना ड्यूटी की अदायगी वाली शराब की आपूर्ति पर भी रोक लगाई जाए।
मुख्यमंत्री वीडियो कांफ्रेंसिंग से डीसी व एसपी के साथ बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन अवधि के दौरान कोरोना वायरस फैलने से रोकने के लिए उठाए गए कदमों के लिए सभी के कार्य की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने डीसी, एसपी को डिस्टलरीज में तत्काल फलोमीटर लगवाने और इनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षकों को आदेश दिए कि वे अपने-अपने जिलों में शराब के अवैध गोदामों का पता लगाएं।
जब्त की गई शराब की भी इन्वेंटरी तैयार की जानी चाहिए। खनन सामग्री वाले जिन वाहनों के पास वैध ई-रवाना स्लिप है, उन्हें अनाश्यक रूप से न रोकें। अवैध खनन गतिविधियों में लगे 400 से 500 वाहनों को जब्त किया गया है, जो अधिकतर सोनीपत, अंबाला, पंचकूला, फरीदाबाद, नारनौल और पलवल जिलों से हैं।
मुख्यमंत्री वीडियो कांफ्रेंसिंग से डीसी व एसपी के साथ बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन अवधि के दौरान कोरोना वायरस फैलने से रोकने के लिए उठाए गए कदमों के लिए सभी के कार्य की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने डीसी, एसपी को डिस्टलरीज में तत्काल फलोमीटर लगवाने और इनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षकों को आदेश दिए कि वे अपने-अपने जिलों में शराब के अवैध गोदामों का पता लगाएं।
जब्त की गई शराब की भी इन्वेंटरी तैयार की जानी चाहिए। खनन सामग्री वाले जिन वाहनों के पास वैध ई-रवाना स्लिप है, उन्हें अनाश्यक रूप से न रोकें। अवैध खनन गतिविधियों में लगे 400 से 500 वाहनों को जब्त किया गया है, जो अधिकतर सोनीपत, अंबाला, पंचकूला, फरीदाबाद, नारनौल और पलवल जिलों से हैं।
घर जाने के इच्छुक प्रवासी अब हरियाणा में ही रहें
मुख्यमंत्री ने इन जिलों के डीसी से कहा कि यदि कोई वाहन मालिक अपने वाहन को नहीं छुड़वाता है तो उचित बोली प्रक्रिया अपनाकर ऐसे वाहनों की नीलामी की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासी मजदूर अपने गृह जिलों में जाने को उत्सुक हैं, फिर भी डीसी को प्रयास करना चाहिए कि वे हरियाणा में ही रहें, क्योंकि अब राज्य में लॉकडाउन अवधि के दौरान ही चरणबद्ध तरीके से औद्योगिक एवं अन्य गतिविधियां संचालित हो गई हैं।
बुधवार को ही राज्य सरकार ने प्रवासी मजदूरों के लिए हिसार से बिहार के कटिहार तक विशेष रेलगाड़ी रवाना की है। अगले एक-दो दिन में आठ विशेष रेलगाड़ियां विभिन्न गंतव्य स्थलों पर भेजी जाएंगी। उत्तर प्रदेश जाने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए बसों के विशेष प्रबंध किए हैं। असंगठित क्षेत्र के मजदूर, जिनके पास कोई राशन कार्ड नहीं है, उनके लिए मई एवं जून महीने के डिस्ट्रेस राशन की आपूर्ति की जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि ऐसा कोई व्यक्ति राज्य में भूखा न रहे।
बुधवार को ही राज्य सरकार ने प्रवासी मजदूरों के लिए हिसार से बिहार के कटिहार तक विशेष रेलगाड़ी रवाना की है। अगले एक-दो दिन में आठ विशेष रेलगाड़ियां विभिन्न गंतव्य स्थलों पर भेजी जाएंगी। उत्तर प्रदेश जाने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए बसों के विशेष प्रबंध किए हैं। असंगठित क्षेत्र के मजदूर, जिनके पास कोई राशन कार्ड नहीं है, उनके लिए मई एवं जून महीने के डिस्ट्रेस राशन की आपूर्ति की जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि ऐसा कोई व्यक्ति राज्य में भूखा न रहे।