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कोरोना वॉरियर्सः बेटी की देखभाल करने के साथ पति और पत्नी निभा रहे फर्ज, भाई-भाभी भी तैनात
Wed, 15 Apr 2020 11:45 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 15 Apr 2020 11:45 AM IST
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कोरोना वॉरियर जयवीर और उनकी पत्नी
- फोटो : अमर उजाला
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कोरोना महामारी से जंग में देशभर के डॉक्टर, पैरा मेडिकल स्टाफ के अलावा अस्पताल का अन्य स्टाफ जी जान से जुटा हुआ है। अपनी जान की परवाह न कर ये लोग मरीजों के इलाज और सेवा में लगे हुए हैं। कई डॉक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ तो ऐसा है जो 15 दिनों से घर तक नहीं जा रहा। वहीं, कुछ ऐसे भी हैं जो अपने बच्चों और परिवार का मोह छोड़कर कोरोना के मरीजों के इलाज में दिन-रात एक किए हुए हैं।
ऐसे ही एक कोरोना कमांडो हैं पीजीआई चंडीगढ़ में नर्सिंग ऑफिसर जयवीर व उनकी पत्नी इंद्रावती। दोनों की चार साल की एक बेटी है। जयवीर की ड्यूटी इस समय पीजीआई के कोरोना डेडिकेटेड हॉस्पिटल की आईसीयू में लगी है। वहीं, उनकी पत्नी इंद्रावती चाइल्ड केयर लीव लेकर बेटी की देखभाल कर रही हैं। बेटी की देखभाल के लिए दोनों बारी-बारी से नौकरी करते हैं ताकि माता पिता के फर्ज के साथ कोरोना को हराया जा सके।
जयवीर उनकी पत्नी के अलावा उनके बड़े भाई और भाभी भी पीजीआई में तैनात हैं। जयवीर व उनकी पत्नी अलग-अलग दिनों में ड्यूटी कर रहे हैं। जयवीर का कहना है कि परिवार में हम दोनों भाई और हमारी पत्नियां पीजीआई में सालों से मरीजों की सेवा कर रहे हैं। जयवीर ने बताया कि उनकी सात दिनों की आईसीयू ड्यूटी के बाद वो 14 दिन तक होम क्वारंटीन रहेंगे। उस समय इंद्रावती वापस ड्यूटी पर जाएंगी।
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जयवीर बताते हैं कि अन्य वार्ड में ड्यूटी करने की बजाय आईसीयू में काम मुश्किल है। वहां पलक भी झपकाना मुश्किल होता है। उस पर अगर रात की ड्यूटी हो तो चौकसी और ज्यादा रहती है क्योंकि यहां गंभीर मरीज होते हैं। ऐसे में उनकी पल-पल की गतिविधि देखनी पड़ती है। हम अपनी सुरक्षा की व्यवस्था करके शाट प्रतिशत ड्यूटी के दिए समर्पित रहने वालों में से हैं।
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ऐसे ही एक कोरोना कमांडो हैं पीजीआई चंडीगढ़ में नर्सिंग ऑफिसर जयवीर व उनकी पत्नी इंद्रावती। दोनों की चार साल की एक बेटी है। जयवीर की ड्यूटी इस समय पीजीआई के कोरोना डेडिकेटेड हॉस्पिटल की आईसीयू में लगी है। वहीं, उनकी पत्नी इंद्रावती चाइल्ड केयर लीव लेकर बेटी की देखभाल कर रही हैं। बेटी की देखभाल के लिए दोनों बारी-बारी से नौकरी करते हैं ताकि माता पिता के फर्ज के साथ कोरोना को हराया जा सके।
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जयवीर उनकी पत्नी के अलावा उनके बड़े भाई और भाभी भी पीजीआई में तैनात हैं। जयवीर व उनकी पत्नी अलग-अलग दिनों में ड्यूटी कर रहे हैं। जयवीर का कहना है कि परिवार में हम दोनों भाई और हमारी पत्नियां पीजीआई में सालों से मरीजों की सेवा कर रहे हैं। जयवीर ने बताया कि उनकी सात दिनों की आईसीयू ड्यूटी के बाद वो 14 दिन तक होम क्वारंटीन रहेंगे। उस समय इंद्रावती वापस ड्यूटी पर जाएंगी।
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जयवीर बताते हैं कि अन्य वार्ड में ड्यूटी करने की बजाय आईसीयू में काम मुश्किल है। वहां पलक भी झपकाना मुश्किल होता है। उस पर अगर रात की ड्यूटी हो तो चौकसी और ज्यादा रहती है क्योंकि यहां गंभीर मरीज होते हैं। ऐसे में उनकी पल-पल की गतिविधि देखनी पड़ती है। हम अपनी सुरक्षा की व्यवस्था करके शाट प्रतिशत ड्यूटी के दिए समर्पित रहने वालों में से हैं।