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पंजाब आते ही श्रद्धालुओं को कोरोना कैसे हो गया, सिखों को बदनाम करने की साजिश: अकाल तख्त प्रमुख

Sat, 02 May 2020 09:15 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला, अमृतसर
अमर उजाला, अमृतसर Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 02 May 2020 09:15 AM IST
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Coronavirus, Lockdown, Curfew, Akal Takht Jathedar Giani Harpreet Singh Statement on Sikh Pilgrims from Nanded
Harpreet Singh
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा है कि हैरानी की बात है कि हजूर साहिब में तीन बार हुए टेस्ट में निगेटिव रिपोर्ट आने के बावजूद श्रद्धालु पंजाब में पॉजिटिव कैसे हो गए। उन्होंने तख्त श्री हजूर साहिब के जत्थेदार भाई राम सिंह से बात की है। पूरे नांदेड़ साहिब में मात्र तीन कोरोना पॉजिटिव केस हैं। श्रद्धालु सवा महीने से सरायों में थे और सेवा में रहे। 25 अप्रैल को श्रद्धालु पंजाब आते हैं। 27 को सरकार उन्हें घर से लाकर टेस्ट करती है। यह सिखों को बदनाम करने की साजिश है। सरकार कोरोना के टेस्ट की विश्वसनीयता के बारे में स्पष्ट करे।
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पंजाब सरकार की बड़ी लापरवाही, बिना जांच के श्रद्धालुओं को भेजा घर     
पंजाब में वीरवार को बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमितों के मिलने और उनमें बड़ी संख्या नांदेड़ साहिब से लौटे श्रद्धालुओं की होने के बाद कई सवाल उठने लगे हैं। इसमें सबसे बड़ा सवाल यह है कि जो श्रद्धालु नांदेड़ साहिब में दौरान निगेटिव पाए गए, वे पंजाब पहुंचते ही कैसे पॉजिटिव हो गए। तख्त श्री हजूर साहिब में एक महीने तक रुके तीन हजार श्रद्धालुओं के तीन बार हुए कोरोना टेस्ट हुए। कोई लक्षण न मिलने और नांदेड़ साहिब प्रशासन द्वारा इन सभी को क्लीन चिट दे दी गई।
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सफर के दौरान ही कोरोना का अटैक हुआ लगता है

तख्त हजूर साहिब के संत बाबा बलविंदर सिंह द्वारा जारी एक वीडियो में बताया गया है कि इन सभी श्रद्धालुओं को सरायों में ठहराया गया था। जहां सरकार द्वारा निर्धारित नियमों की पालना की जाती थी। नांदेड़ साहिब के स्वास्थ्य अधिकारी इन श्रद्धालुओं की जांच करते थे। जांच में कोई ही श्रद्धालु कोरोना से पीड़ित नहीं मिला था। सभी यात्रियों की जांच गुरुद्वारा साहिब की सरायों में हुई थी।

नांदेड़ साहिब निगम के डॉ. बिसेन के अनुसार मेडिकल टीमों ने गुरुद्वारा साहिब में जा कर एक-एक श्रद्धालु की जांच की थी। सभी की रिपोर्ट निगेटिव थी। ऐसे में इन यात्रियों पर सफर के दौरान ही कोरोना का अटैक हुआ लगता है। जानकारी के अनुसार, इन श्रद्धालुओं को इंदौर में लंगर छकाया गया था। एक श्रद्धालु ने इंदौर के गांव सिमरोल में लंगर का प्रबंध किया हुआ था।

बस के साथ गए पीआरटीसी के ड्राइवरों के अनुसार बस के भीतर ही इन श्रद्धालुओं को लंगर दिया गया था। इसके अलावा बस कहीं और नहीं रुकी। वहीं पूरे मामले में पंजाब सरकार की भी बड़ी लापरवाही सामने आई है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पहुंचे इन श्रद्धालुओं को बिना जांच के घर भेज दिया गया। इसके बाद यह श्रद्धालु अपने परिवार के सदस्यों के साथ घुल-मिल गए थे।   
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