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हरियाणा: दिल्ली में कोरोना से रोहतक की महिला की मौत, पांच नए मामले आए, अब कुल 44 मरीज
Sat, 04 Apr 2020 09:14 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 04 Apr 2020 09:14 AM IST
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हरियाणा में कोरोना वायरस
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हरियाणा के रोहतक निवासी एक महिला की दिल्ली में मौत हो गई है। संबंधित महिला कोरोना वायरस से ग्रस्त बताई गई है। इसके अलावा प्रदेश में कोरोना के पांच नए मामले भी सामने आए हैं। इनमें तीन मामले नूंह व एक-एक मामला करनाल और गुरुग्राम का है। जिसके बाद प्रदेश में कोरोनाग्रस्त मरीजों की संख्या 44 हो गई है। गत दिवस भी अंबाला निवासी एक बुजुर्ग की इसी वायरस से मौत हो गई थी।
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अब तक कोरोना वायरस के गुरुग्राम में 15, फरीदाबाद में 6, पानीपत में 4, सिरसा में 3, पंचकूला में 2, अंबाला में 3, हिसार में 1, पलवल में 4, नूंह में 3 और सोनीपत, करनाल, रोहतक में एक-एक मामला सामने आ चुका है। इसी के साथ 17106 लोगों को मेडिकल सर्विलांस के दायरे में रखा गया है। जिनकी संख्या गत दिवस की अपेक्षाकृत बहुत ज्यादा बढ़ गई है।
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427 लोग कोरोना पॉजिटिव मरीजों के संपर्क में सीधे आए हैं। कुल 1325 सैंपल में से 938 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है। जबकि 343 लोगों की सैंपल रिपोर्ट का इंतजार है। 383 संदिग्ध मरीज ऐसे हैं, जिनको अस्पताल में भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है। इसके साथ ही कुल कोरोना वायरस मरीजों में से 14 लोग ठीक भी हो चुके हैं।
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स्वास्थ्य महकमे के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा अपनाई गई बहुआयामी रणनीति के परिणामस्वरूप, हम अभी तक राज्य में कोविड-19 के स्टेज-3 (सामुदायिक प्रसारण) की स्थिति को रोकने में सफल रहे हैं। वर्तमान में हम स्टेज-2 में हैं, जिसमें अब तक 44 मामले राज्य में पॉजिटिव पाए गए हैं और इनमें से ज्यादातर मामले ऐसे हैं, जिनका यात्रा इतिहास है या वे किसी नॉवेल कोरोना पॉजिटिव मरीज के संपर्क में आए हैं।
दिल्ली में उपचाराधीन रोहतक की वृद्धा की मौत, बेटे की रिपोर्ट निगेटिव
नॉवेल कोरोना वायरस वुहान स्टेन कोविड-19 की पॉजिटिव साईं दास कॉलोनी निवासी महिला ने शुक्रवार दिल्ली में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया है। महिला की मौत के साथ ही रोहतक के आंकड़ों में पहली संक्रमित मौत का आंकड़ा दर्ज हो गया है। वहीं राहत की खबर यह है कि महिला के साथ रह रहे उसके बेटे की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है और स्वास्थ्य विभाग ने घर में रह रही बेटी को 31 मार्च से 14 दिन तक क्वारंटीन किया है। मरीज की मौत की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन ने साईं दास कॉलोनी को एहतियात के तौर पर सैनिटाइज करवा दिया है।
साईं दास कॉलोनी की रहने वाली 72 साल की बुजुर्ग महिला 27 फरवरी को शहर के मान अस्पताल में किडनी की समस्या से दाखिल हुई थी। तबीयत बिगड़ने पर 10 मार्च को उसे दिल्ली के अग्रसेन अस्पताल रेफर किया गया। दावा किया जा रहा है कि महिला दिल्ली में ही कोविड-19 के संक्रमण की चपेट में आई। महिला को 30 मार्च को गंगाराम अस्पताल भेजा गया, यहां उसका कोविड-19 सैंपल पॉजिटिव मिला। 31 मार्च को ही दिल्ली में महिला के साथ रह रहे उसके 52 वर्षीय बेटे के सैंपल लिए गए, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है।
महिला के पॉजिटिव होने की खबर के बाद विभाग की टीम ने साईं दास जाकर उसकी 39 वर्षीय बेटी का स्वास्थ्य जांच घर में ही क्वारंटीन कर दिया। गौरतलब है कि महिला के घर पर सिर्फ उसका बेटा और बेटी ही रहते हैं। महिला की मौत की सूचना पर जिला प्रशासन ने पूरी कॉलोनी को सैनिटाइज करवा दिया है। बताया जा रहा है कि महिला का बेटा बैंक में काम करता है, लेकिन वह कई दिनों से मां के साथ ही रह रहा था। वहीं, बेटी का कहना है कि वह एक-दो बार दिल्ली गई है, लेकिन मां से नहीं मिल पाई।
रोहतक की महिला की दिल्ली में उपचार के दौरान मौत हो गई है, उसे कोविड पॉजिटिव था। वह दस मार्च को ही रोहतक से जा चुकी है। उसके साथ सिर्फ उसका बेटा रहता है, उसकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। महिला का शव रोहतक नहीं आएगा। उसकी बेटी को घर में ही क्वारंटीन किया गया है। बाकी दिल्ली से कागजात आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। महिला को गुर्दे की समस्या के साथ अन्य कई समस्या भी थी।
- डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन
साईं दास कॉलोनी की रहने वाली 72 साल की बुजुर्ग महिला 27 फरवरी को शहर के मान अस्पताल में किडनी की समस्या से दाखिल हुई थी। तबीयत बिगड़ने पर 10 मार्च को उसे दिल्ली के अग्रसेन अस्पताल रेफर किया गया। दावा किया जा रहा है कि महिला दिल्ली में ही कोविड-19 के संक्रमण की चपेट में आई। महिला को 30 मार्च को गंगाराम अस्पताल भेजा गया, यहां उसका कोविड-19 सैंपल पॉजिटिव मिला। 31 मार्च को ही दिल्ली में महिला के साथ रह रहे उसके 52 वर्षीय बेटे के सैंपल लिए गए, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है।
महिला के पॉजिटिव होने की खबर के बाद विभाग की टीम ने साईं दास जाकर उसकी 39 वर्षीय बेटी का स्वास्थ्य जांच घर में ही क्वारंटीन कर दिया। गौरतलब है कि महिला के घर पर सिर्फ उसका बेटा और बेटी ही रहते हैं। महिला की मौत की सूचना पर जिला प्रशासन ने पूरी कॉलोनी को सैनिटाइज करवा दिया है। बताया जा रहा है कि महिला का बेटा बैंक में काम करता है, लेकिन वह कई दिनों से मां के साथ ही रह रहा था। वहीं, बेटी का कहना है कि वह एक-दो बार दिल्ली गई है, लेकिन मां से नहीं मिल पाई।
रोहतक की महिला की दिल्ली में उपचार के दौरान मौत हो गई है, उसे कोविड पॉजिटिव था। वह दस मार्च को ही रोहतक से जा चुकी है। उसके साथ सिर्फ उसका बेटा रहता है, उसकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। महिला का शव रोहतक नहीं आएगा। उसकी बेटी को घर में ही क्वारंटीन किया गया है। बाकी दिल्ली से कागजात आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। महिला को गुर्दे की समस्या के साथ अन्य कई समस्या भी थी।
- डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन
हरजीत सिंह को 31 मार्च की रात पीजीआई चंडीगढ़ लाया गया था
टिंबर मार्केट अंबाला छावनी में रहने वाले रिटायर्ड बैंक कर्मी 67 वर्षीय हरजीत सिंह कोहली की कोरोना से पीजीआई चंडीगढ़ में मौत हो गयी। ऐहतियात के तौर पर परिजनों ने उनका चंडीगढ़ में ही अंतिम संस्कार कर दिया। फिलहाल अंबाला स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मृतक हरजीत सिंह की पत्नी, उनकी पुत्र वधू और पौत्री सहित उनके घर में रहने वाले किरायेदारों को छावनी नागरिक अस्पताल में जांच के बाद घर पर ही क्वारंटीन कर दिया गया है।
इन सभी के सैंपल पीजीआई चंडीगढ़ भेज दिए गए हैं। टिंबर मार्केट को भी पुलिस ने पूरी तरह से सील कर दिया है ताकि उस एरिया में कोई भी प्रवेश न कर सके, न ही यहां से कोई बाहर निकल सके। साथ ही पूरे एरिया को सैनिटाइज भी कर दिया गया। विदित हो कि हरजीत सिंह की बेटी कनाडा में है, हालांकि परिजनों के अनुसार हाल फिलहाल में वहां कोई नहीं आया-गया था।
रात 11 बजकर 45 मिनट पर आई रिपोर्ट, हो चुकी थी मौत
हरजीत सिंह को 31 मार्च की रात पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती करवाया गया था, क्योंकि उनकी कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं थी न ही वह किसी विदेशी के संपर्क में आए थे, इसीलिए 31 मार्च को पीजीआई में उनका सैंपल नहीं लिया गया, लेकिन एक अप्रैल को जब पीजीआई में उनकी हालत ज्यादा बिगड़ने लगी तो दोपहर को करीब सवा एक बजे उनका सैंपल लिया गया। एक अप्रैल को रात 11 बजकर 45 मिनट पर पीजीआई में जब रिपोर्ट आई तब पता चला कि उन्हें कोरोना था, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
हो चुकी थी बाईपास सर्जरी
हरजीत सिंह की बाईपास सर्जरी हो चुकी थी। इसके अतिरिक्त किडनी की गंभीर बीमारी, शुगर और बीपी की समस्या से भी वह जूझ रहे थे। 2017 में उन्हें स्वाइन फ्लू भी हुआ था, इसीलिए पहले उनकी मौत को डाक्टरों ने प्राकृतिक ही बताया लेकिन जैसे ही बुधवार रात 11 बजकर 45 मिनट पर कोरोना की रिपोर्ट आई तो खुलासा हुआ कि वह कोरोना पॉजिटिव थे। परिजनों को भी बाद में इसकी जानकारी दी गई।
पुत्रवधू एसबीआई में डील करती है एनआरआई खाते
हरजीत सिंह की पुत्रवधू एसबीआई पंजाब के पटियाला में कार्यरत हैं। वह एनआरआई खाते डील करती हैं। 21 मार्च तक उन्होंने यह खाते डील भी किए। वहीं इससे पहले 26 फरवरी को टिंबर मार्केट स्थिति इस घर में कार्यक्रम भी हुआ था जिसमें काफी भीड़ जुटी थी।
26 मार्च तक जाते रहे गुरुद्वारे
इसी बीच एक बड़ी लापरवाही यह भी सामने आई है कि हरजीत सिंह लॉक डाउन से पहले 26 मार्च तक लगातार गुरुद्वारे भी जाते रहे, इसीलिए गुरुद्वारे में कौन-कौन उनके संपर्क में आया, सभी की जांच शुरू कर दी गई है। इतना ही नहीं गुरुद्वारा में सैनिटाइजेशन का काम भी शुरू कर दिया गया है।
हरजीत सिंह की पीजीआई चंडीगढ़ में मौत हो गई है। उन्हें कोरोना पॉजीटिव पाया गया था। हरजीत सिंह के परिवार की कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। उनकी बाईपास सर्जरी हो चुकी थी। साथ ही गुर्दे की बीमारी से भी जूझ रहे थे। इसके बावजूद वह 26 मार्च तक गुरुद्वारे जाते रहे। अभी परिवार के चार और घर में किराये पर रह रहे चार सदस्यों को क्वारंटीन कर दिया गया है। परिजनों के सैंपल लेकर पीजीआई भेज दिए गए हैं।
- डॉ कुलदीप कुमार, सीएमओ अंबाला
इन सभी के सैंपल पीजीआई चंडीगढ़ भेज दिए गए हैं। टिंबर मार्केट को भी पुलिस ने पूरी तरह से सील कर दिया है ताकि उस एरिया में कोई भी प्रवेश न कर सके, न ही यहां से कोई बाहर निकल सके। साथ ही पूरे एरिया को सैनिटाइज भी कर दिया गया। विदित हो कि हरजीत सिंह की बेटी कनाडा में है, हालांकि परिजनों के अनुसार हाल फिलहाल में वहां कोई नहीं आया-गया था।
रात 11 बजकर 45 मिनट पर आई रिपोर्ट, हो चुकी थी मौत
हरजीत सिंह को 31 मार्च की रात पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती करवाया गया था, क्योंकि उनकी कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं थी न ही वह किसी विदेशी के संपर्क में आए थे, इसीलिए 31 मार्च को पीजीआई में उनका सैंपल नहीं लिया गया, लेकिन एक अप्रैल को जब पीजीआई में उनकी हालत ज्यादा बिगड़ने लगी तो दोपहर को करीब सवा एक बजे उनका सैंपल लिया गया। एक अप्रैल को रात 11 बजकर 45 मिनट पर पीजीआई में जब रिपोर्ट आई तब पता चला कि उन्हें कोरोना था, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
हो चुकी थी बाईपास सर्जरी
हरजीत सिंह की बाईपास सर्जरी हो चुकी थी। इसके अतिरिक्त किडनी की गंभीर बीमारी, शुगर और बीपी की समस्या से भी वह जूझ रहे थे। 2017 में उन्हें स्वाइन फ्लू भी हुआ था, इसीलिए पहले उनकी मौत को डाक्टरों ने प्राकृतिक ही बताया लेकिन जैसे ही बुधवार रात 11 बजकर 45 मिनट पर कोरोना की रिपोर्ट आई तो खुलासा हुआ कि वह कोरोना पॉजिटिव थे। परिजनों को भी बाद में इसकी जानकारी दी गई।
पुत्रवधू एसबीआई में डील करती है एनआरआई खाते
हरजीत सिंह की पुत्रवधू एसबीआई पंजाब के पटियाला में कार्यरत हैं। वह एनआरआई खाते डील करती हैं। 21 मार्च तक उन्होंने यह खाते डील भी किए। वहीं इससे पहले 26 फरवरी को टिंबर मार्केट स्थिति इस घर में कार्यक्रम भी हुआ था जिसमें काफी भीड़ जुटी थी।
26 मार्च तक जाते रहे गुरुद्वारे
इसी बीच एक बड़ी लापरवाही यह भी सामने आई है कि हरजीत सिंह लॉक डाउन से पहले 26 मार्च तक लगातार गुरुद्वारे भी जाते रहे, इसीलिए गुरुद्वारे में कौन-कौन उनके संपर्क में आया, सभी की जांच शुरू कर दी गई है। इतना ही नहीं गुरुद्वारा में सैनिटाइजेशन का काम भी शुरू कर दिया गया है।
हरजीत सिंह की पीजीआई चंडीगढ़ में मौत हो गई है। उन्हें कोरोना पॉजीटिव पाया गया था। हरजीत सिंह के परिवार की कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं है। उनकी बाईपास सर्जरी हो चुकी थी। साथ ही गुर्दे की बीमारी से भी जूझ रहे थे। इसके बावजूद वह 26 मार्च तक गुरुद्वारे जाते रहे। अभी परिवार के चार और घर में किराये पर रह रहे चार सदस्यों को क्वारंटीन कर दिया गया है। परिजनों के सैंपल लेकर पीजीआई भेज दिए गए हैं।
- डॉ कुलदीप कुमार, सीएमओ अंबाला