{"_id":"5e7b15188ebc3e78b86415ca","slug":"coronavirus-haryana-deeo-refused-to-distribute-mid-day-meal-ration","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कोरोना का खौफ: हरियाणा में घर जाकर मिड डे मील का राशन बांटने में डीईईओ ने खड़े किए हाथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना का खौफ: हरियाणा में घर जाकर मिड डे मील का राशन बांटने में डीईईओ ने खड़े किए हाथ
Wed, 25 Mar 2020 01:54 PM IST
खुशबू गोयल
यशपाल शर्मा, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 25 Mar 2020 01:54 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा में स्कूली बच्चों को मिड डे मील के राशन का वितरण टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों को घर पर राशन पहुंचाने में असमर्थ हैं। चूंकि, शिक्षकों ने बच्चों के घर जाकर राशन सामग्री देने से मना कर दिया है।
शिक्षा निदेशालय ने इसे देखते हुए अब सभी जिलों के डीसी से राशन वितरित करवाने के लिए मदद मांगी है। मौलिक शिक्षा निदेशक कार्यालय ने डीसी से मैनपावर मुहैया कराने को कहा है ताकि बच्चों के घर पर राशन व राशि पहुंचाई जा सके। निदेशालय ने अपने पत्र में राशन वितरण को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए फैसले का भी हवाला दिया है।
साथ ही कहा है कि हर दिन बहुत महत्वपूर्ण है। कोरोना के चलते धारा-144 व बंद लागू है। इसलिए स्कूली बच्चों को छुट्टियों के दौरान घर पर राशन व कुकिंग राशि मुहैया करानी है। मुख्यमंत्री भी इसके निर्देश दे चुके हैं। डीईईओ कार्यालयों को सामग्री पहुंचाने में कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिक्षा निदेशालय ने इसे देखते हुए अब सभी जिलों के डीसी से राशन वितरित करवाने के लिए मदद मांगी है। मौलिक शिक्षा निदेशक कार्यालय ने डीसी से मैनपावर मुहैया कराने को कहा है ताकि बच्चों के घर पर राशन व राशि पहुंचाई जा सके। निदेशालय ने अपने पत्र में राशन वितरण को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए फैसले का भी हवाला दिया है।
विज्ञापन
साथ ही कहा है कि हर दिन बहुत महत्वपूर्ण है। कोरोना के चलते धारा-144 व बंद लागू है। इसलिए स्कूली बच्चों को छुट्टियों के दौरान घर पर राशन व कुकिंग राशि मुहैया करानी है। मुख्यमंत्री भी इसके निर्देश दे चुके हैं। डीईईओ कार्यालयों को सामग्री पहुंचाने में कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
शिक्षक संगठनों को वायरस फैलने का डर
शिक्षक संगठन राशन वितरण से इसलिए मना कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें इससे भी वायरस फैलने का डर सता रहा है। यूनियन नेताओं ने सरकार से यह फैलना वापस लेने का आग्रह किया था, लेकिन सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को आधार बनाकर राशन वितरित कराने का निर्णय लिया है। फैसले का विरोध करने वाले शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी है।
ये है मिड डे मील में प्रावधान
प्राइमरी के बच्चों को 3 किलो गेहूं व चावल के साथ मसाले, दाल और 134.40 रुपये भी दिए जाएंगे। छठी कक्षा से ऊपर के बच्चों को साढ़े चार किलो गेहूं, चावल, दाल, मसाले व 230 रुपये दिए जाएंगे।
ये है मिड डे मील में प्रावधान
प्राइमरी के बच्चों को 3 किलो गेहूं व चावल के साथ मसाले, दाल और 134.40 रुपये भी दिए जाएंगे। छठी कक्षा से ऊपर के बच्चों को साढ़े चार किलो गेहूं, चावल, दाल, मसाले व 230 रुपये दिए जाएंगे।