कोरोना अलर्ट: यमुनानगर में चीनी इंजीनियर निगरानी में, अमृतसर में स्वाइन फ्लू से हुई थी बच्ची की मौत
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चीन से फैले कोरोना वायरस को लेकर सीमावर्ती यमुनानगर जिला हाई अलर्ट पर है। इसी बीच शुक्रवार को दीनबंधु सर छोटूराम थर्मल प्लांट में मशीनरी ठीक करने पहुंचे चीन के इंजीनियर को कोरोना के संदेह में स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पताल ले आई। उसे जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में खास निगरानी में रखा गया और डॉ. वागीश गुटेन के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने इंजीनियर की जांच की।
स्क्रीनिंग के बाद उसे थर्मल प्लांट भेजा गया। वह स्वास्थ्य विभाग की टीम की निगरानी में रहेगा। जब तक यह चीनी इंजीनियर यहां रहेंगे, तब तक इसकी स्क्रीनिंग लगातार की जायेगी। इससे पूर्व भी एयरपोर्ट पर भी इस इंजीनियर की स्क्रीनिंग की गई। यहां पर थर्मल प्लांट में चीन से इंजीनियरों की टीम टरबाइन मशीनरी की मेंटिनेंस के लिए आती रहती है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से पहले ही थर्मल के अधिकारियों को बताया गया था कि कोई भी इंजीनियर पहुंचे तो इसकी सूचना जरूर दें।
उद्योगों को अलर्ट किया
कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय ने जिला मुख्यालयों को एडवाइजरी जारी कर निर्देश दिए हैं कि चीन से आने वाले लोगों पर निगरानी रखें। अगर उसमें लक्षण दिखते हैं तो सैंपल लेकर पुणे लैब भेजे जाएं। यदि कोई व्यक्ति चीन से प्रदेश के किसी जिले में आता है तो उस पर निगरानी रखें। अगर उसमें लक्षण दिखते हैं तो इसकी सूचना सिविल सर्जन कार्यालय व स्वास्थ्य विभाग निदेशालय को देनी होगी।
चीन से आने व जाने वाले लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। यदि उनमें खांसी, बुखार या जुकाम के लक्षण हैं तो उसके विशेष इंतजाम है। इसके लिए छछरौली में स्पेशल वार्ड बनाया गया है। साथ ही एक एंबूलेंस को रिजर्व रखा गया है। एक चीनी इंजीनियर की स्क्रीनिंग भी की गई है। हालांकि उसकी रिपोर्ट नोर्मल है। -डॉ. कुलदीप सिंह, सिविल सर्जन।
अमृतसर: कनाडा से लौटे बच्चे के परिजनों के सैंपल पुणे भेजे
श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पिछले हफ्ते आई तीन साल के बच्चे की मौत हो गई थी, उसे स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि हुई है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात के तौर पर उसके परिजनों के सैंपल लिए हैं। ये सैंपल शुक्रवार देर रात हवाई मार्ग के जरिए नेशनल वायरोलॉजी लैब पुणे भेज दिए गए हैं। इस बच्चे के परिजन पिछले सप्ताह कनाडा से भारत लौटे थे। जिस एयरलाइंस से वह भारत आए थे, वह चीन के शंघाई एयरपोर्ट पर छह घंटे रुका था।
अमृतसर स्थित श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पहुंचते ही बच्चे की हालत बिगड़ गई थी। उसे तत्काल निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया, जहां उसकी मौत हो गई थी। उस वक्त यह संभावना जताई जा रही थी कि बच्चा कोरोना वायरस का शिकार हो गया है। इसकी पुष्टि के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बच्चे का रक्त और गले से थ्रोट स्वैब को जांच के लिए नेशनल वायरोलॉजी लैब पुणे भेजा है।
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि पुणे से आई रिपोर्ट में बच्चे को स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई, वह कोरोना वायरस की चपेट में नहीं था। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने बच्चे के माता-पिता को शुक्रवार देर शाम सिविल अस्पताल बुलाया और उनके रक्त एवं थ्रोट स्वैब के सैंपल लिए। हालांकि विभाग का दावा है कि परिजनों में कोरोना वायरस का कोई लक्षण नहीं है। सिविल सर्जन डॉ. प्रभदीप कौर जौहल के अनुसार हम सिर्फ एहतियात के तौर पर टेस्ट करवा रहे हैं।
चीन से आने वाले हर नागरिक के सैंपल लिए जाएंगे
चीन से उपजा कोरोना वायरस वैश्विक स्तर पर खौफ का पर्याय बन चुका है। चीन में इस वायरस से लगातार मौतें हो रही हैं। ऐसी सूरत में स्वास्थ्य विभाग ने अमृतसर एयरपोर्ट पर चीन से आने वाले हर उस नागरिक के सैंपल लेने का फैसला लिया है जो 15 जनवरी तक चीन में रहा हो।
यह हैं लक्षण
गले में दर्द, जुकाम, खांसी, बुखार आना कोरोना वायरस के शुरुआती लक्षण माने जाते हैं। इसके अलावा सिर दर्द रहना पूरे दिन, नाक बहना, तेज खांसी आना, अस्वस्थ महसूस करना, छाती में दर्द होना एवं सांस लेने में दिक्कत होना भी इसके लक्षण हैं।
ये बरते सावधानी
- कोल्डड्रिंक, कुल्फी खाने से बचें।
- डिब्बा बंद भोजन, पुराना बर्फ का गोला न खाएं।
- हाथों को साबुन या गर्म पानी से धाएं।
- छींकते समय नाक पर कपड़ा रखें।