{"_id":"5e7b17e18ebc3e775269b51b","slug":"coronavirus-affected-haryana-government-development-projects","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हरियाणाः विकास कार्यों को लगा कोरोना का ग्रहण, काम छोड़ घर निकल गए मज़दूर, कामकाज ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणाः विकास कार्यों को लगा कोरोना का ग्रहण, काम छोड़ घर निकल गए मज़दूर, कामकाज ठप
Wed, 25 Mar 2020 02:06 PM IST
खुशबू गोयल
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 25 Mar 2020 02:06 PM IST
विज्ञापन
Monahar Lal Khattar
- फोटो : Twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों पर अब कोरोना वायरस का ग्रहण लगने लगा है। अधिकतर विकास कार्य ठप हो गए हैं, क्योंकि इन कार्यों में लगे मजदूरों ने एहतियातन काम करना छोड़ दिया है। वायरस के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए अधिकतर मजदूर या तो अपने पैतृक घरों को निकल लिए हैं। जबकि कई मजदूरों ने खुद को यहीं अपने स्थानीय ठिकानों में कैद कर लिया है। स्वास्थ्य हालात सामान्य होने के बाद ही अब ये विकास कार्य शुरू हो पाएंगे। हरियाणा में विभिन्न विभागों के अंतर्गत छोटी-बड़ी कई परियोजनाओं पर काम चल रहा हैं।
शहरी स्थानीय निकाय, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, पंचायत विभाग और पीडब्ल्यूडी बीएंडआर ये ऐसे विभाग हैं, जिनकी निगरानी में शहरों और गांवों में विभिन्न विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के एक अफसर ने बताया कि फिलहाल इन विकास कार्यों की रफ्तार कम हो गई है। उन्होंने बताया कि जिन ठेकेदारों के मार्फत यह विकास कार्य चल रहे थे, उन्हें निर्देश दिए गए थे कि वे अपने मजदूरों के लिए स्वास्थ्य संबंधी गाइडलाइन का पालन करेंगे। सभी मजदूरों को सैनिटाइजर व मास्क उपलब्ध करवाए जाएंगे।
मगर मजदूरों ने इस वायरस के प्रभाव के मद्देनजर फिलहाल काम करना ही बंद कर दिया है। अधिकृत कांट्रेक्टर राजबीर सिंह ने बताया कि ठेकेदार तो मजदूरों से संबंधित स्वास्थ्य गाइडलाइंस का पालन करने को तैयार थे। मगर इस वायरस का खौफ इतना ज्यादा है कि अधिकतर मजदूर काम करने को तैयार नहीं है। उन्होंने बताया कि कंस्ट्रक्शन कामों में लगे अधिकतर मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार व राजस्थान राज्यों के हैं। बहुत से मजदूर रेल सेवाएं बहाली के समय ही अपने पैतृक घरों को निकल गए थे।
विज्ञापन
जबकि अब चूंकि रेल व बस सेवाएं बाधित हैं, इसलिए कई मजदूरों ने खुद को यहीं अपने स्थानीय घरों में ही सीमित कर लिया। लिहाजा पूरे प्रदेश भर में अधिकतर विकास कार्य ठप पड़े हैं। जन स्वास्थ्य अभियंत्रिकी विभाग के एक आला अफसर के अनुसार प्रदेश में कुछेक परियोजनाएं ऐसी चल रही हैं, जो कि बहुत जरूरी है। मगर अब इन कामों के लिए भी अब पर्याप्त मजदूर नहीं मिल पा रहे हैं। अभी नए विकास कार्य शुरू नहीं किए जा रहा हैं। हालात सामान्य होने पर ही ये काम आगे बढ़ पाएंगे।
विज्ञापन
शहरी स्थानीय निकाय, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, पंचायत विभाग और पीडब्ल्यूडी बीएंडआर ये ऐसे विभाग हैं, जिनकी निगरानी में शहरों और गांवों में विभिन्न विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के एक अफसर ने बताया कि फिलहाल इन विकास कार्यों की रफ्तार कम हो गई है। उन्होंने बताया कि जिन ठेकेदारों के मार्फत यह विकास कार्य चल रहे थे, उन्हें निर्देश दिए गए थे कि वे अपने मजदूरों के लिए स्वास्थ्य संबंधी गाइडलाइन का पालन करेंगे। सभी मजदूरों को सैनिटाइजर व मास्क उपलब्ध करवाए जाएंगे।
विज्ञापन
मगर मजदूरों ने इस वायरस के प्रभाव के मद्देनजर फिलहाल काम करना ही बंद कर दिया है। अधिकृत कांट्रेक्टर राजबीर सिंह ने बताया कि ठेकेदार तो मजदूरों से संबंधित स्वास्थ्य गाइडलाइंस का पालन करने को तैयार थे। मगर इस वायरस का खौफ इतना ज्यादा है कि अधिकतर मजदूर काम करने को तैयार नहीं है। उन्होंने बताया कि कंस्ट्रक्शन कामों में लगे अधिकतर मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार व राजस्थान राज्यों के हैं। बहुत से मजदूर रेल सेवाएं बहाली के समय ही अपने पैतृक घरों को निकल गए थे।
विज्ञापन
जबकि अब चूंकि रेल व बस सेवाएं बाधित हैं, इसलिए कई मजदूरों ने खुद को यहीं अपने स्थानीय घरों में ही सीमित कर लिया। लिहाजा पूरे प्रदेश भर में अधिकतर विकास कार्य ठप पड़े हैं। जन स्वास्थ्य अभियंत्रिकी विभाग के एक आला अफसर के अनुसार प्रदेश में कुछेक परियोजनाएं ऐसी चल रही हैं, जो कि बहुत जरूरी है। मगर अब इन कामों के लिए भी अब पर्याप्त मजदूर नहीं मिल पा रहे हैं। अभी नए विकास कार्य शुरू नहीं किए जा रहा हैं। हालात सामान्य होने पर ही ये काम आगे बढ़ पाएंगे।
हाईवे प्रोजेक्ट भी प्रभावित
हरियाणा में राष्ट्रीय और राजमार्गों से जुड़ी कुछ परियोजनाओं पर काम चल रहा है। मगर पिछले कुछ दिनों से अचानक यह बड़ी परियोजनाएं भी बंद हो गई है, क्योंकि इन परियोजनाओं पर कार्यरत प्रवासी मजदूरों ने भी मौजूदा हालातों को देखते हुए अपने घरों का रुख कर लिया है। इसके अलावा गांव में भी पंचायत विभाग के माध्यम से होने वाले विकास कार्यों पर भी फिलहाल ब्रेक लगा हुआ है।
फसल कटाई से पहले मजदूर गायब, चिंता में किसान
प्रदेश में गेहूं की फसल भी पकने को तैयार है। रबी सीजन में सूबे के किसानों की ये मुख्य फसल है। अप्रैल के पहले सप्ताह के बाद गेहूं की फसल की कटाई शुरू हो जाएगी। मगर कटाई से पहले किसानों को चिंता यह सता रही है इस काम के लिए मजदूर कहां से आएंगे। किसान नेता अच्छर सिंह व कुलवंत सिंह बताते हैं कि खेतों में काम के लिए इस वक्त मजदूर भी उपलब्ध नहीं है। यही हालात रहे तो गेहूं की कटाई में बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
किसान नेता शीशपाल चौहान के अनुसार बहुत से किसान ऐसे हैं जो कटाई कार्यों में कंबाइन मशीन का इस्तेमाल नहीं कर पाते। ऐसे किसान मजदूरों पर ही आश्रित रहते हैं, लेकिन इस वायरस के डर की वजह से पहले ही मजदूर अपने पैतृक घरों को निकल लिए हैं। कटाई शुरू होने से पहले यदि मजदूर वापस आ जाते हैं, तो ठीक है। वरना इस काम में बड़ी बाधा आने वाली है।
फसल कटाई से पहले मजदूर गायब, चिंता में किसान
प्रदेश में गेहूं की फसल भी पकने को तैयार है। रबी सीजन में सूबे के किसानों की ये मुख्य फसल है। अप्रैल के पहले सप्ताह के बाद गेहूं की फसल की कटाई शुरू हो जाएगी। मगर कटाई से पहले किसानों को चिंता यह सता रही है इस काम के लिए मजदूर कहां से आएंगे। किसान नेता अच्छर सिंह व कुलवंत सिंह बताते हैं कि खेतों में काम के लिए इस वक्त मजदूर भी उपलब्ध नहीं है। यही हालात रहे तो गेहूं की कटाई में बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
किसान नेता शीशपाल चौहान के अनुसार बहुत से किसान ऐसे हैं जो कटाई कार्यों में कंबाइन मशीन का इस्तेमाल नहीं कर पाते। ऐसे किसान मजदूरों पर ही आश्रित रहते हैं, लेकिन इस वायरस के डर की वजह से पहले ही मजदूर अपने पैतृक घरों को निकल लिए हैं। कटाई शुरू होने से पहले यदि मजदूर वापस आ जाते हैं, तो ठीक है। वरना इस काम में बड़ी बाधा आने वाली है।