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समाज सेवियों का यह कैसा सम्मान? अधिकारी कहते हैं- अपना सर्टिफिकेट दफ्तर आकर ले जाना
Tue, 18 Aug 2020 02:09 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 18 Aug 2020 02:09 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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यूटी प्रशासन ने लॉकडाउन के दौरान किए कार्यों को देखते हुए शहर के 10 नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित करने के लिए चुना। कोरोना के चलते प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने उन्हें खुद से सम्मानित न कर विभाग के प्रमुखों को आदेश दिए कि वह उन्हें सम्मानित करें, लेकिन अब विभाग के कर्मचारी फोन कर अपना सर्टिफिकेट ले जाने को कॉल कर रहे हैं। इससे चयनित लोगों ने खुद का अपमान बताया है।
कहा कि मान-सम्मान के साथ सर्टिफिकेट मिलेगा, तो ही स्वीकार करेंगे। प्रशासन के विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के अलावा 10 नॉन-ऑफिशियल लोगों को भी सम्मानित करने के लिए चुना है। इनमें पूजा बख्शी, विनोद कुमार उर्फ सोनू, करण गिल्होत्रा, कमलजीत सिंह पंक्षी, रविंदर सिंह, सुनील शर्मा, नीना तिवारी, गरिमा शर्मा, चंद्र शेखर और देवी प्रसाद खंडेलिया शामिल हैं।
मान-सम्मान से मिले अवार्ड: नीना तिवारी
40 वर्षों से समाजसेवा में जुड़ी नीना तिवारी ने कहा कि उन्हें सोमवार शाम करीब 5 बजे सोशल वेलफेयर विभाग से फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने कहा कि मंगलवार को सुबह 10 से शाम 5 बजे के बीच अपना सर्टिफिकेट ले जाएं। उन्होंने पूछा कि क्या उन्हें सोशल वेलफेयर विभाग की डायरेक्टर नवजोत कौर के हाथों सर्टिफिकेट मिलेगा, इस पर फोन करने वाले व्यक्ति ने इंकार कर दिया।
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नीना तिवारी ने कहा कि प्रशासन ने उन्हें इस अवार्ड के लिए चुना है और वह चाहतीं है कि उन्हें यह अवार्ड पूरे मान-सम्मान के साथ मिले। नगर निगम में भी मेयर और कमिश्नर अपने कर्मचारियों को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित कर रहे हैं तो उनके साथ ऐसा क्यों किया जा रहा है। वहीं, अन्य चयनित लोगों ने भी नाम न छापने की शर्त पर कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग के साथ प्रशासन के किसी बड़े अधिकारी से ही उन्हें सर्टिफिकेट मिलना चाहिए।
कोरोना वॉरियर्स का सम्मान नहीं, अपमान कर रहा प्रशासन
चंडीगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने कहा कि भाजपा नेताओं व प्रशासन के कुछ अधिकारियों ने भेदभाव करके सिर्फ अपने चहेतों को कोरोना वॉरियर्स का सम्मान दिलाया। इस चयन में किसी भी तरह का कोई मापदंड नहीं रखा गया, सिर्फ अपने चहेतों को खुश किया गया। यही नहीं, सोशल वेलफेयर विभाग के कर्मचारी लोगों को फोन कर कोरोना वॉरियर्स का सर्टिफिकेट ले जाने को कह रहे हैं, ये कैसा सम्मान है। छाबड़ा ने कहा कि इससे बड़ा अपमान किसी भी स्टेट अवार्डी का क्या हो सकता है।
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कहा कि मान-सम्मान के साथ सर्टिफिकेट मिलेगा, तो ही स्वीकार करेंगे। प्रशासन के विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के अलावा 10 नॉन-ऑफिशियल लोगों को भी सम्मानित करने के लिए चुना है। इनमें पूजा बख्शी, विनोद कुमार उर्फ सोनू, करण गिल्होत्रा, कमलजीत सिंह पंक्षी, रविंदर सिंह, सुनील शर्मा, नीना तिवारी, गरिमा शर्मा, चंद्र शेखर और देवी प्रसाद खंडेलिया शामिल हैं।
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मान-सम्मान से मिले अवार्ड: नीना तिवारी
40 वर्षों से समाजसेवा में जुड़ी नीना तिवारी ने कहा कि उन्हें सोमवार शाम करीब 5 बजे सोशल वेलफेयर विभाग से फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने कहा कि मंगलवार को सुबह 10 से शाम 5 बजे के बीच अपना सर्टिफिकेट ले जाएं। उन्होंने पूछा कि क्या उन्हें सोशल वेलफेयर विभाग की डायरेक्टर नवजोत कौर के हाथों सर्टिफिकेट मिलेगा, इस पर फोन करने वाले व्यक्ति ने इंकार कर दिया।
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नीना तिवारी ने कहा कि प्रशासन ने उन्हें इस अवार्ड के लिए चुना है और वह चाहतीं है कि उन्हें यह अवार्ड पूरे मान-सम्मान के साथ मिले। नगर निगम में भी मेयर और कमिश्नर अपने कर्मचारियों को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित कर रहे हैं तो उनके साथ ऐसा क्यों किया जा रहा है। वहीं, अन्य चयनित लोगों ने भी नाम न छापने की शर्त पर कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग के साथ प्रशासन के किसी बड़े अधिकारी से ही उन्हें सर्टिफिकेट मिलना चाहिए।
कोरोना वॉरियर्स का सम्मान नहीं, अपमान कर रहा प्रशासन
चंडीगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने कहा कि भाजपा नेताओं व प्रशासन के कुछ अधिकारियों ने भेदभाव करके सिर्फ अपने चहेतों को कोरोना वॉरियर्स का सम्मान दिलाया। इस चयन में किसी भी तरह का कोई मापदंड नहीं रखा गया, सिर्फ अपने चहेतों को खुश किया गया। यही नहीं, सोशल वेलफेयर विभाग के कर्मचारी लोगों को फोन कर कोरोना वॉरियर्स का सर्टिफिकेट ले जाने को कह रहे हैं, ये कैसा सम्मान है। छाबड़ा ने कहा कि इससे बड़ा अपमान किसी भी स्टेट अवार्डी का क्या हो सकता है।