कोरोना वायरस: हरियाणा में धारा-144 लागू, इकट्ठा नहीं होंगे 20 से ज्यादा लोग, जनता कर्फ्यू जरूरी
- सिर्फ गुरुग्राम और फरीदाबाद में 5 से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर बैन।
- केंद्र सरकार से की गई हरियाणा में जांच के लिए लैब की संख्या बढ़ाने की मांग।
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हरियाणा सरकार ने वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए पूरे राज्य में एहतियात तौर पर आपराधिक प्रक्रिया संहिता के तहत धारा-144 लगा दी है। इसके तहत 20 या इससे अधिक व्यक्तियों को एक स्थान पर एकत्रित होने पर प्रतिबंध रहेगा।
गुरुग्राम तथा फरीदाबाद में यह संख्या पांच तक रहेगी। शुक्रवार को कोरोना वायरस की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने यह फैसला लिया है। बैठक में उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज भी उपस्थित रहे।
बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के आह्वान का भी पालन किया जाएगा। कोरोना वायरस के मद्देनजर हरियाणा परिवहन यात्रियों की संख्या को देखते हुए इंट्रा सिटी, इंटर स्टेट व इंट्रा स्टेट के अपने रूटों पर बसों के चक्र कम कर सकता है। गुरुग्राम में सिटी बस सेवा आगामी आदेश तक बंद रहेगी। सभी कोचिंग केंद्रों को 31 मार्च तक बंद करने के आदेश दिए गए हैं।
बैठक में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास ने मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि विभाग ने आवश्यक वस्तु अधिनियम की पालना के तहत 25 आवश्यक वस्तुओं की सूची तैयार की है। जिसकी उपलब्धता करवाना सुनिश्चित किया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया कि गुरुग्राम, फरीदाबाद और पंचकूला के बड़े प्राइवेट अस्पताल अपने संस्थानों में कोरोना वायरस के आइसालेटिड वार्ड के रूप में उपलब्ध करवाए।
जिलों के उपायुक्त अस्पताल प्रबंधकों को आवश्यक निर्देश देंगे
इसके लिए संबंधित जिलों के उपायुक्त अस्पताल प्रबंधकों को आवश्यक निर्देश देंगे। स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा को कोरोना वायरस की मॉनिटरिंग एवं निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। किसी भी विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने से पहले नोडल अधिकारी की स्वीकृति लेनी अनिवार्य होगी।
कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल, महाराज अग्रसेन कॉलेज अग्रोहा, शहीद हसन मेवाती मेडिकल कॉलेज नल्हड़ नूंह, पीजीआई रोहतक के लिए दूसरी लैब तथा पंचकूला के सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल के लिए कोरोना वायरस जांच लैब के लिए केंद्र सरकार से मांग की गई है। बैठक में निर्णय लिया गया कि कोरोना वायरस के मद्देनजर केंद्र सरकार की ओर से जारी एडवाजरी को पूरे राज्य के लिए लागू किया गया है।
सरकारी कर्मचारी कोरोना वायरस से निपटने के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगे। लोगों में इस वायरस से लड़ने के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने में सरकारी कर्मचारियों की मुख्य भूमिका रहेगी। गुरुग्राम और फरीदाबाद के ईएसआई अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने के लिए केंद्रीय श्रम मंत्रालय से अनुरोध किया जाएगा।
24 घंटे ड्यूटी को तैयार रहें एनएचएम कर्मी
एनएचएम कर्मचारी एसोसिएशन हरियाणा ने सुबह में अपने सभी स्टाफ को 24 घंटे ड्यूटी के लिए तैयार रहने की अपील की है। एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष रेहान रजा ने बताया कि पूरे हरियाणा में एनएचएम स्वास्थ्य कर्मचारी इस परिस्थिति में 24 घंटे ड्यूटी के लिए तैयार हैं। इसके लिए कर्मचारी न तो किसी अतिरिक्त भत्ते की मांग करेंगे और न ही ओवरटाइम की। रेहान रजा ने अपील की संकट की इस घड़ी में जनता के लिए सभी स्वास्थ्य कर्मचारी सरकार के इस बाबत सभी निर्देशों और हिदायत ओं की पालना करें।
सफाई कर्मचारियों को अब तक नहीं मिले सुरक्षा उपकरण
उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न विभागों, निगम, बोर्ड, यूनिवर्सिटी व गांव में लगे लगभग 50 हजार से अधिक सफाई कर्मचारियों के जीवन के साथ सरकार खिलवाड़ कर रही है। 6 मार्च, 2020 को सरकार व सभी निगम आयुक्तों, कार्यकारी अधिकारियों व पालिका सचिवों को पत्र लिखकर सफाई कर्मचारियों व सीवरमैनों को कोरोना वायरस से बचाव के लिए मास्क, गलब्ज, सैनिटाइजर, डिटॉल आदि उपलब्ध करवाने की मांग की थी, लेकिन शहरी स्थानीय निकाय व अन्य विभागों के अधिकारियों ने सफाई कर्मचारियों को यह वस्तुएं उपलब्ध नहीं कराईं गईं। सुरक्षा उपकरण केवल रोहतक, फरीदाबाद, पुन्हाना, फिरोजपुर झिरका, धारूहेड़ा, बावल, नारनौल, नांगल चौधरी, भिवानी, रोहतक, अंबाला शहर, अंबाला कैंट, नारायणगढ़, फतेहाबाद में ही वितरित किए गए हैं।
नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रमेश तुषामड, महासचिव मांगेराम तिगरा, उप महासचिव शिवचरण व सुनील चिंडालिया व अग्निशमन विभाग आउटसोर्सिंग एसोसिएशन के राज्य प्रधान राजेंद्र सिनद ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अभी तक 70 स्थानीय निकायों में कर्मचारियों को कोरोना वायरस से बचाव के लिए जरूरी उपकरण मुहैया नहीं कराए गए हैं। इससे प्रदेश के सफाई कर्मचारियों में आक्रोश है। बावजूद इसके वे जनहित को ध्यान में रखते हुए दिन रात मेहनत कर हरियाणा प्रदेश की जनता को इस महामारी से बचाने के लिए जी जान से मेहनत कर रहे हैं।