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रेवाड़ीः कोरोना वायरस ने प्राचीन हनुमान मंदिर में लगवा दिया ताला, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
Tue, 17 Mar 2020 04:36 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, रेवाड़ी
अमर उजाला, रेवाड़ी
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 17 Mar 2020 04:36 PM IST
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मंदिर पर जड़ा ताला
- फोटो : अमर उजाला
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सबसे प्राचीन हनुमान मंदिर पर मंगलवार को प्रबंधन ने कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए ताला लगाकर नोटिस चिपका दिया। लेकिन श्रद्धा ने कोरोना को भी मात दी है। श्रद्धालुओं ने मंदिर के मुख्य गेट पर ही खड़े होकर पूजा-अर्चना की। गेट पर लगाए गए नोटिस का भी असर नहीं दिखाई दिया। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए मंदिर कमेटी ने भी दान पात्र व प्रसाद चढ़ाने के लिए पात्रों को भी मंदिर के मुख्य द्वार के सामने रखवा दिया।
भंडारे की स्टाल पर भी भारी भीड़ रही। मंगलवार को मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर कमेटी ने मुख्य गेट को बंद कर ताला लगा दिया, इसके बाद किसी भी श्रद्धालु को मंदिर के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। लेकिन बालाजी में भारी आस्था के चलते श्रद्धालुओं ने मंदिर के मुख्य गेट के सामने ही दीप जलाकर एवं प्रसाद चढ़ाकर परिवार के मंगल की मनोकामना की।
स्वास्थ्य विभाग की हिदायत पर लगाया नोटिस
सोमवार को ही एडीसी ने धार्मिक व सामाजिक संगठनों की बैठक बुलाकर 200 से से ज्यादा भीड़ एकत्रित नहीं होने देने के लिए दिए थे निर्देश दिए थे। निर्देशों का पालन करते हुए कमेटी द्वारा भी मंदिर के मुख्य द्वार के साथ-साथ बाहरी दिवारों पर नोटिस चस्पा किए गए थे।
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भंडारे की स्टाल पर भी भारी भीड़ रही। मंगलवार को मंदिर में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर कमेटी ने मुख्य गेट को बंद कर ताला लगा दिया, इसके बाद किसी भी श्रद्धालु को मंदिर के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। लेकिन बालाजी में भारी आस्था के चलते श्रद्धालुओं ने मंदिर के मुख्य गेट के सामने ही दीप जलाकर एवं प्रसाद चढ़ाकर परिवार के मंगल की मनोकामना की।
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स्वास्थ्य विभाग की हिदायत पर लगाया नोटिस
सोमवार को ही एडीसी ने धार्मिक व सामाजिक संगठनों की बैठक बुलाकर 200 से से ज्यादा भीड़ एकत्रित नहीं होने देने के लिए दिए थे निर्देश दिए थे। निर्देशों का पालन करते हुए कमेटी द्वारा भी मंदिर के मुख्य द्वार के साथ-साथ बाहरी दिवारों पर नोटिस चस्पा किए गए थे।
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प्रदेशभर से आते हैं श्रद्धालु
प्राचीन बालाजी मंदिर में रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, झज्जर, भिवानी, गुरूग्राम, फरीदाबाद सहित प्रदेश के अनेक जिलों से श्रद्धालु पहुंचकर प्रसाद चढ़ाकर परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं। अनेक श्रद्धालुओं द्वारा भंडारा लगाकर प्रसाद भी वितरण किया जाता है।
भंडारे के स्टालों पर रही भीड़
श्रद्धालुओं ने कोरोने के भय को मात देते हुए भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। अधिकांश श्रद्धालु मास्क लगाकर बालाजी के दर्शन करने पहुंचे थे। हजारों की संख्या में भंडारे में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर के बाहर ही अपने ईष्ट के हाथ जोड़कर मन्नतें मांगी।
जिला प्रशासन के आदेशों पर हुए कपाट बंद
मंदिर के महंत सतीश कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के आदेशानुसार मंदिर के कपाट बंद किए गए हैं। प्रशासन के आदेशों के अनुसार 200 लोग एक जगह एकत्रित नहीं हो सकते। मंदिर में अधिक भीड़भाड़ न हो इसके लिए प्रसाद व दान पात्रों को बाहर रखवाया गया था।
भंडारे के स्टालों पर रही भीड़
श्रद्धालुओं ने कोरोने के भय को मात देते हुए भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। अधिकांश श्रद्धालु मास्क लगाकर बालाजी के दर्शन करने पहुंचे थे। हजारों की संख्या में भंडारे में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। मंदिर के बाहर ही अपने ईष्ट के हाथ जोड़कर मन्नतें मांगी।
जिला प्रशासन के आदेशों पर हुए कपाट बंद
मंदिर के महंत सतीश कुमार ने बताया कि जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के आदेशानुसार मंदिर के कपाट बंद किए गए हैं। प्रशासन के आदेशों के अनुसार 200 लोग एक जगह एकत्रित नहीं हो सकते। मंदिर में अधिक भीड़भाड़ न हो इसके लिए प्रसाद व दान पात्रों को बाहर रखवाया गया था।