{"_id":"5f6e43f78ebc3e9b7c13ad3e","slug":"corona-syndicate-meetings-online-corona-spreading-rapidly-officials-adopting-online-terms-security-chandigarh-news-pkl3890178199","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना के कारण सिंडिकेट की बैठके ऑनलाइन होंगी, पीयू में तेजी से फैल रहा कोरोना, अधिकारी सुरक्षा के दृष्टि से ऑनलाइन अपना रहे हैं रास्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना के कारण सिंडिकेट की बैठके ऑनलाइन होंगी, पीयू में तेजी से फैल रहा कोरोना, अधिकारी सुरक्षा के दृष्टि से ऑनलाइन अपना रहे हैं रास्ता
विज्ञापन
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय की सिंडिकेट की बैठकें ऑनलाइन होंगी। इसमें सिंडिकेट सदस्यों को उपस्थित रहना अनिवार्य होगा। पीयू में कोरोना तेजी से फैल रहा है। पीयू के अधिकारी सुरक्षा के दृष्टिगत ऐसा कर रहे हैं।
पिछले दिनों सिंडिकेट की दो बैठकें ऑनलाइन हुई थीं, लेकिन इसमें तमाम सदस्य उपस्थित नहीं हो पाए थे। कुछ ने मांग रखी थी कि पीयू के सीनेट हाल में सिंडिकेट की बैठक शारीरिक रूप से उपस्थित होकर की जा सकती थी। क्योंकि उसमें सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन हो सकता है। वहीं, पीयू के अधिकारियों ने कहा था कि ऑनलाइन बैठक आसानी से और सुरक्षित ढंग से हो सकती है, इसलिए सदस्य शामिल हों, लेकिन सदस्य नहीं पहुंचे। इस वजह से निर्णय नहीं लिए जा सके।
सूत्रों का कहना है कि पीयू प्रशासन दिसंबर तक सिंडिकेट की बैठकें ऑनलाइन ही आयोजित करेगा ताकि लोग सुरक्षित रह सकें। वहीं, दूसरी ओर एक पक्ष चाहता है कि शारीरिक रूप से उपस्थित होकर बैठक आयोजित की जानी चाहिए। इस प्रक्रिया में कुछ प्रस्ताव अटके हुए हैं, जो सिंडिकेट के जरिये ही होने हैं। छात्रों से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल हैं। यह प्रस्ताव भी बैठकों का इंतजार कर रहे हैं। अगले माह सिंडिकेट की बैठक फिर करने की तैयारी चल रही है। तमाम शिक्षकों ने भी कहा है कि जब ऑनलाइन पढ़ाई हो सकती है, वेबिनार हो सकते हैं तो सिंडिकेट की बैठक क्यों नहीं। सिंडिकेट में महज 15 लोग हैं। ऑनलाइन बैठक बेहतर ढंग से हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले दिनों सिंडिकेट की दो बैठकें ऑनलाइन हुई थीं, लेकिन इसमें तमाम सदस्य उपस्थित नहीं हो पाए थे। कुछ ने मांग रखी थी कि पीयू के सीनेट हाल में सिंडिकेट की बैठक शारीरिक रूप से उपस्थित होकर की जा सकती थी। क्योंकि उसमें सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन हो सकता है। वहीं, पीयू के अधिकारियों ने कहा था कि ऑनलाइन बैठक आसानी से और सुरक्षित ढंग से हो सकती है, इसलिए सदस्य शामिल हों, लेकिन सदस्य नहीं पहुंचे। इस वजह से निर्णय नहीं लिए जा सके।
विज्ञापन
सूत्रों का कहना है कि पीयू प्रशासन दिसंबर तक सिंडिकेट की बैठकें ऑनलाइन ही आयोजित करेगा ताकि लोग सुरक्षित रह सकें। वहीं, दूसरी ओर एक पक्ष चाहता है कि शारीरिक रूप से उपस्थित होकर बैठक आयोजित की जानी चाहिए। इस प्रक्रिया में कुछ प्रस्ताव अटके हुए हैं, जो सिंडिकेट के जरिये ही होने हैं। छात्रों से जुड़े प्रस्ताव भी शामिल हैं। यह प्रस्ताव भी बैठकों का इंतजार कर रहे हैं। अगले माह सिंडिकेट की बैठक फिर करने की तैयारी चल रही है। तमाम शिक्षकों ने भी कहा है कि जब ऑनलाइन पढ़ाई हो सकती है, वेबिनार हो सकते हैं तो सिंडिकेट की बैठक क्यों नहीं। सिंडिकेट में महज 15 लोग हैं। ऑनलाइन बैठक बेहतर ढंग से हो सकती है।
विज्ञापन