चंडीगढ़ में टीकाकरण दिवस पर हुआ कोरोना नियमों का उल्लंघन, बच्चों के साथ परेशान दिखीं माएं
- मौलीजागरां हेल्थ सेंटर पर टीकाकरण दिवस पर दिखी अजीब स्थिति
- सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाकर चलाया गया अभियान
- सुबह 8 बजे से आए लोगों को 12 बजे तक करना पड़ा इंतजार
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एक तरफ स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन लोगों को कोरोना से बचाव की पूर्ण व्यवस्था करने का दावा कर रहा है तो दूसरी ओर अस्पतालों और हेल्थ सेंटरों पर उस व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। शनिवार को इसका जीता जागता नजारा देखने को मिला मौलीजागरां के हेल्थ सेंटर पर। यहां आए लोगों में सोशल डिस्टेंसिंग गायब नजर आई। महिलाओं का आरोप है कि जब उन्होंने इस बाबत शिकायत करने को कहा तो स्टाफ ने चेतावनी दे डाली। स्टाफ का कहना था कि जिसने भी शिकायत की उसके बच्चे को अगला टीका यहां नहीं लगेगा।
आलम यह था कि माताएं अपने बच्चों को गोद मे छिपाए अपना नंबर आने का इंतजार करते नजर आईं। गर्मी के कारण बच्चे रो रहे थे। माताएं उन्हें पंखा करती और पसीना पोंछती नजर आ रही थीं। लोगों का कहना था कि इस तरह की अव्यवस्था में टीकाकरण के लिए बुलाकर सभी को कोरोना संक्रमित करने का काम किया जा रहा है।
महिलाएं बोलीं- नवजात को कैसे मास्क पहनाएं
केंद्र पर ठसाठस भीड़ थी। कोरोना से बचाव के लिए केंद्र पर आई माताओं ने खुद तो मास्क लगाया था लेकिन उनके बच्चे बिना मास्क के थे। महिलाओं का कहना था कि छोटे बच्चे को मास्क पहनाना संभव नहीं। स्थिति ये थी कि महिलाएं अपने बच्चों को लिए बिल्कुल पास-पास बैठी हुई थी। जो भी महिला टीकाकरण के लिए जल्दी करने को कहती उसे डांटकर बैठा दिया जा रहा था।
टूटी दीवार बनी मच्छरों का अड्डा
केंद्र पर टूटी दीवार के पास ईंटें फैली हुई थीं, उसके पास पानी जमा था। वहां मच्छरों की भरमार थी। महिलाएं अपने बच्चों को मच्छरों से बचने के लिए अलग थलग बैठी हुई थी। उनका कहना था कि अगर पता होता इतनी परेशानी होगी तो वो अपने बच्चों को लेकर यहां कभी नहीं आती।
केंद्र पर व्याप्त अव्यवस्था के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। इस संबंध में संबंधित व्यक्ति से बात कर वहां की व्यवस्था को ठीक करवाया जाएगा। - डॉ. वीके नागपाल, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जीएमएसएच-16