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सरकारी अस्पताल का हाल: हवा हो रहे कोरोना के दिशा निर्देश, एक बेड पर दो महिलाएं और दो नवजात
Tue, 07 Sep 2021 12:37 PM IST
निवेदिता वर्मा
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 07 Sep 2021 12:37 PM IST
सार
कोरोना संक्रमण से बचाव के चलते अब तक अस्पताल की ओपीडी सीमित संख्या में चलाई जा रही है। टेली मेडिसिन और फिजिकल ओपीडी में एक दिन में एक विभाग में 40 से 50 मरीज देखे जा रहे हैं।
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जीएमसीएच 32 में एक बेड पर दो नवजात।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
एक ही बेड पर दो प्रसूताएं और उनके नवजात लेटे हैं। पास ही परिजन तीमारदारी में लगे हैं। न मास्क न सामाजिक दूरी। यह हाल चंडीगढ़ के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शुमार सेक्टर 32 के सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल का है। तीसरी लहर की आशंका के बीच इस तरह की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
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चंडीगढ़ में कोरोना संक्रमण की दर फिर से बढ़ रही है। इसे देखते हुए यूटी प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पीजीआई के विशेषज्ञ सावधानियां बरतने की सलाह दे रहे हैं। बाहर निकलते समय मास्क और सामाजिक दूरी का कड़ाई से पालन करने की नसीहत है। यही वजह है कि अभी तक पीजीआई और जीएमसीएच में ओपीडी सेवा सुचारु नहीं हो पाई है। लेकिन ये तमाम नसीहतें जीएमसीएच 32 पर लागू नहीं होतीं।
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यहां एक ही बेड पर दो दो प्रसूताएं अपने नवजात बच्चों के साथ भर्ती हैं। संक्रमण से बचने के कोई उपाय यहां नजर नहीं आते। न मास्क के प्रति गंभीरता दिखी न कोई उन्हें जागरूक करता दिखाई दिया। सवाल यह है कि एक तरफ तो प्रशासन ओपीडी में मरीजों की कोरोना जांच करा रहा है जबकि वार्ड में एक ही बेड पर दो मरीजों को भर्ती कर खुद ही संक्रमण को न्योता दे रहा है। यही नहीं, वार्ड में अव्यवस्था का आलम यह है कि दिन भर मरीजों के परिजनों, नर्सिंग ऑफिसर, वार्ड आया और सफाई कर्मचारियों का आना जाना लगा रहता है। उनमें से इक्का-दुक्का लोग ही मास्क लगाए दिखते हैं। परिजन अपने मरीज को कहीं दूसरी जगह ले जा नहीं सकते, इसलिए किसी से शिकायत भी नहीं करते।
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बिना कोरोना जांच के ओपीडी में जाने की अनुमति नहीं
कोरोना संक्रमण से बचाव के चलते अब तक अस्पताल की ओपीडी सीमित संख्या में चलाई जा रही है। टेली मेडिसिन और फिजिकल ओपीडी में एक दिन में एक विभाग में 40 से 50 मरीज देखे जा रहे हैं। ओपीडी में आने वाले प्रत्येक मरीज की पहले कोरोना जांच होती है। रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही ओपीडी में जाने की अनुमति है।
क्या कहते हैं मानक
क्या कहते हैं मानक
- दूसरों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें, भले ही वे बीमार न हों।
- सार्वजनिक स्थानों पर मास्क लगाएं, खास तौर पर जब सार्वजनिक स्थान पर शारीरिक दूरी बनाना संभव न हो
- बंद जगहों के बजाय खुली, हवादार जगह चुनें। अगर किसी इमारत के भीतर हैं, तो खिड़कियां खोलें
- हाथों को बार-बार धोएं। साबुन और पानी या अल्कोहल वाला हैंड रब इस्तेमाल करें
- खांसने या छींकने पर अपनी नाक और मुंह को कोहनी या रुमाल से ढक लें
अस्पताल प्रशासन संक्रमण से बचाव के लिए प्रत्येक स्तर पर प्रयास कर रहा है। स्त्री एवं प्रसूति रोग के वार्ड की मौजूदा स्थिति के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। अगर एक बेड पर दो महिलाओं और नवजात को भर्ती किया जा रहा है तो इसे तत्काल चेक करवाकर सुधार किया जाएगा। -डॉ. सुधीर गर्ग, चिकित्सा अधीक्षक जीएमसीएच 32