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चंडीगढ़ : नाइट कर्फ्यू और अन्य प्रतिबंध के बाद भी कोरोना के मामले बढ़ते हैं तो लॉकडाउन ही एकमात्र विकल्प
Mon, 12 Apr 2021 10:15 PM IST
सुशील कुमार कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Mon, 12 Apr 2021 10:15 PM IST
सार
चंडीगढ़ प्रशासन के सलाहकार मनोज परिदा ने कहा कि नाइट कर्फ्यू और सार्वजनिक कार्यों समेत अन्य प्रतिबंधों से कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। यदि मामले बढ़ते हैं तो लॉकडाउन के विकल्प को खारिज नहीं किया जा सकता है।
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चंडीगढ़ प्रशासन के सलाहकार मनोज परिदा।
- फोटो : ट्विटर ANI
विस्तार
बेकाबू हो रहे कोरोना के मामले ने लॉकडाउन की तरफ इशारा करने लगा है। ऐसा माने जाना लगा है कि पूर्ण लॉकडाउन ही अंतिम उपाय है। पिछले साल लॉकडाउन के बाद उत्पन्न स्थिति को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन के सलाहकार मनोज परिदा ने कहा कि इससे लोगों की जीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
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उन्होंने कहा कि नाइट कर्फ्यू और सार्वजनिक कार्यों समेत अन्य प्रतिबंधों से कोरोना संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। हम बॉर्डर को सील नहीं कर सकते, क्योंकि लोग यहां दिल्ली, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से आते हैं। लोगों को कोविड प्रोटोकॉल और टीकाकरण का पालन करना चाहिए।
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Night curfew & other restrictions on gatherings & public functions can help certainly in some aspects. We can't seal borders because people come from Delhi, Haryana & Himachal Pradesh. People must follow COVID protocol&vaccination: Manoj Parida, Advisor, Chandigarh Admin#Punjab pic.twitter.com/gVdRnRFScJ
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) April 12, 2021
साथ ही उन्होंने कहा कि लॉकडाउन अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर देता है। यह आजीविका को प्रभावित करता है। विशेषज्ञों के साथ चर्चा के बाद ही हम इस तरह के कोई निर्णय ले सकते हैं। हम अपने पड़ोसी राज्यों को भी देख रहे हैं। यदि मामले बढ़ते हैं तो लॉकडाउन के विकल्प को खारिज नहीं किया जा सकता है।