विरोध के बाद ‘पीके’ के विवादित दृश्य पर चली कैंची
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्री भगवान परशुराम सेना के जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने सोमवार को दी चेतावनी के अनुसार मंगलवार को शिराज मल्टीप्लेक्स जाकर पीके फिल्म बंद करवाने की मांग की। उनकी मांग पर शिराज मल्टीप्लेक्स के प्रबंधकों ने ‘पीके’ बंद कर दी। बाद में कुछ गणमान्य के हस्तक्षेप के बाद फिल्म से कुछ सीन काटकर दोबारा चलाया गया।
आशुतोष शर्मा ने आरोप लगाया कि सेंसर बोर्ड अपनी मनमर्जी लोगों पर थोप रहा है। थियेटर प्रबंधकों की ओर से सीन काटे जाने पर सेंसर बोर्ड को सबक मिला है। उन्होंने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से मांग की कि सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष को बर्खास्त कर कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने बताया कि सेंसर बोर्ड की शिकायत ह्यमन राइट कमीशन और प्रधानमंत्री को भी भेजी जाएगी। इस दौरान फिल्म के पोस्टरों पर कालिख भी पोती गई।
उन्होंने कहा कि जब भी सेंसर बोर्ड ऐसी फिल्मों को लाएगा इसी तरह कार्रवाई की जाएगी। चाहे वह देश के किसी भी कोने में हो। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगली बार बल पूर्वक थियेटर मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसकी जिम्मेदारी प्रशासन, सेंसर बोर्ड और थियेटर मालिक की होगी। सोमवार को उन्होंने इस संबंध में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को एसडीएम के माध्यम से ज्ञापन सौंपा था।
पीके का पुतला फूंककर जताया विरोध
उध्ार जालंधर में पीके का विरोध मंगलवार को भी जारी रहा। हिंदू समाज सेवक उमेश बत्रा व उनके साथियों ने मकसूदां चौक पर आमिर खान का पुतला फूंककर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की।
उमेश बत्रा ने आरोप लगाया कि पीके में हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया गया है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसपर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।
उन्होंने आमिर खान और फिल्म के प्रोड्यूसर को गिरफ्तार करने की मांग की। इस मौके पर वाल्मीकि सेना के प्रधान सोमराज, राकेश विजैगुरदयाल भट्टी, एलबर्ट सरपंच, सुंदर गिल, प्रदीप अवस्थी, कुनाल मौजूद थे।