'आप' सांसद के तीखे तेवर, केजरीवाल पर बड़ा बयान
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अपने हलके के ही पार्टी लीडरों व वर्करों की ओर से बगावत छेड़ने से गुस्साए आप सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी ने भी अपने तेवर तीखे कर लिए हैं। डॉ. गांधी ने कहा कि वह जल्द ही दिल्ली के मुख्यमंत्री एवं पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से मिलेंगे।
अगर केजरीवाल ने उनकी बात न सुनी, तो वह इसके बाद कोई फैसला ले सकते हैं। वह रविवार बाद दोपहर अपने कैंपस आफिस में मीडिया से बात कर रहे थे। इस मौके पर उनके साथ जिले भर से पहुंचे आप के वर्कर भी थे।
डॉ. गांधी ने कहा कि पार्टी में हरेक लीडर से लेकर वर्कर तक सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, इसलिए उन्होंने आप की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से योगेंद्र यादव व प्रशांत भूषण को बाहर करने के फैसले पर केजरीवाल का विरोध किया है। इसके लिए उनके पुतले फूंकना ठीक नहीं है।
'पार्टी अब अपने सिद्धांतों से अब भटक चुकी है'
गांधी ने कहा कि उनको सांसद पांच लाख लोगों ने चुना है और वह अपने वोटरों के प्रति जवाबदेह हैं और हलके के विकास कार्यों के लिए वचनबद्ध हैं।
उन्होंने अपने हलके के लोगों को विश्वास दिलाया कि पार्टी में सिद्धांतों के लिए चल रहे संघर्ष दौरान वह भी उनका भरोसा नहीं तोड़ेंगे और आगे से भी ईमानदारी, प्रतिबद्धता और जोश के साथ अधूरे पड़े विकास कार्यों को पूरा कराएंगे। अपनी जिम्मेदारियों से भागना उनकी फितरत में नहीं है।
पार्टी के कुछ वर्करों व नेताओं की ओर से उनका इस्तीफा मांगने पर डॉ. गांधी ने कहा कि पार्टी में उनके खिलाफ साजिश चल रही है। इसमें दिल्ली के कुछ पार्टी नेताओं का हाथ है।
कहा, अगर पार्टी इसी तरह से सच की आवाज उठाने वालों को दबाती रही, उनके खिलाफ कार्रवाई करती रही, तो आप का नाम इतिहास के पन्नों में खो कर रह जाएगा। सच की वकालत करने के आधार पर उनसे इस्तीफा मांगना गलत है। डॉ. गांधी ने आरोप लगाया कि पार्टी जिन सिद्धांतों को लेकर बनी थीं, उनसे अब भटक चुकी है।