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किसानों की दुर्दशा पर कृषि मंत्री का फिर विवादित बयान

Sat, 02 May 2015 11:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, डबवाली, सिरसा(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, डबवाली, सिरसा(हरियाणा) Updated Sat, 02 May 2015 11:58 AM IST
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controversial statement of agriculture minister of bjp government

किसानों की खुदकुशी पर विवादित टिप्पणी करने वाले कृषि मंत्री ने किसानों के आगे हाथ जोड़े और पैर भी पकड़े लेकिन एक बार फिर विवादित बयान दे गए। दरअसल हरियाणा के सिरसा के डबवाली में बारिश और ओलावृष्टि से खराब हुई फसल के कारण हुई 50 किसानों की मौत के बाद सरकार ने मुआवजा वितरण शुरू किया।

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प्रदेश भर में शुक्रवार को राज्य सरकार के मंत्रियों और केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह सहित अन्य प्रतिनिधियों ने जिला मुख्यालयों पर किसानों को मुआवजे के चेक बांटे।
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आत्म हत्या करने वाले किसानों को कायर और अपराधी कहने वाले कृषि मंत्री ने डबवाली में मुआवजा वितरण के दौरान एक बार फिर विवादित बयान दिया। प्रदेश में बड़ी समस्या से जूझ रहे किसानों का उपहास उड़ाते हुए उन्होंने कहा कि मुआवजे से प्रदेश के किसान मालामाल हो गए हैं। उन्हें अब मौज करनी चाहिए और पार्टी मनानी चाहिए। मेरा भी मन किसानों के साथ भांगड़ा करने का कर रहा है।
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देखी है कभी इतनी मुआवजा राशि: कृषि मंत्री यहां करीब दो घंटे लेट 12.30 बजे डबवाली स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में पहुंचे। मुआवजा राशि का चेक लेने के लिए गांव पन्नीवाला मोरिकां के किसान गुरदीप सिंह को आवाज लगाई गई। जैसे ही दो लाख 24 हजार रुपये की मुआवजा राशि का चेक मंत्री के हाथ में आया तो वे आश्चर्यचकित रह गए।

वह तीन बार बोले दो लाख चौबीस हजार। उन्होंने किसानों से कहा कि इतनी मुआवजा राशि कभी देखी है। ढाई रुपये के चेक मुआवजे के रूप में किसानों को बंटते देखें हैं। धनखड़ ने कहा कि बैठे बिठाए किसानों की लॉटरी लग गई। कई किसानों को तो मुआवजा राशि ने लखपति बना दिया। हुण तां खुश हो जाओ।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर इशारों में साधा निशाना

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उन्होंने कहा कि मेरे से एक पत्रकार ने किसानों की आत्महत्या के बारे में सवाल पूछा। मैंने कहा आत्महत्या करना कमजोरी है। दफा 309 के तहत भी आत्महत्या जुर्म है। मैं किसान को कायर तथा अपराधी कैसे कह सकता हूं। मैं खुद किसान का बेटा हूं। किसान मेरे लिए आराध्य हैं। लेकिन नींबू के छिलके को मीडिया में प्रस्तुत किया जा रहा है। जबकि रस को सामने नहीं लाया जा रहा।

मैं आरएसएस की बदौलत मंत्री हूं: धनखड़
प्रदेश में आत्म हत्या करने वाले किसानों को कायर कहने पर विवादों में आए कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को यह कहकर आइना दिखाया है कि वह आरएसएस के बदौलत मंत्री है, किसी की कृपा या स्कूल से नहीं। कृषि मंत्री का बयान ऐसे समय में आया है, जब भाजपा उनसे किनारा कर रही है। राष्ट्रीय अध्यक्ष किसान विरोधी बयान से पल्ला झाड़ चुके हैं।

कृषि मंत्री बना रहूं, कह दो तुसीं: हरियाणा में खुदकुशी करने वाले किसानों को कायर तथा अपराधी बताने वाले कृषि एवं पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने शुक्रवार को डबवाली में मुआवजा राशि बांटते हुए किसानों के पैर पकड़ लिए और बोले कि मैं कृषि मंत्री बना रहूं, कह दो तुसीं।

तो अंबानी नहीं चंद्रशेखर का आदर करेंगे लोग

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डबवाली में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान द्वारा शुरू की गई सरस्वती शिशु वाटिका का शुभारंभ करने के बाद कृषि मंत्री ने कहा कि अगर चंद्रशेखर की तस्वीर के साथ मुकेश अंबानी की तस्वीर लटका दी जाए तो लोग चंद्रशेखर का आदर करेंगे। इसलिए नहीं कि चंद्रशेखर ने पिस्तौल लटका रखी है।

बल्कि इसलिए कि उनमें संस्कार भरे हुए थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के स्कूलों में संस्कार युक्त शिक्षा देने का सिस्टम नहीं है। यूनान, मिस्र, रोम जैसे देश संस्कृति खत्म होने से समाप्त हो गए। धनखड़ के अनुसार भारत में धर्म के साथ ज्ञान दिया जाता है। जबकि ईसाई चर्च को पीछे छोड़ यूनिवर्सिटी में शिक्षा देने लगे। ऐसी यूनिवर्सिटी के अध्यापक शराब पीते हैं, सिगरेट पीते हैं। फिर विद्यार्थियों में भी वैसे ही संस्कार जाएंगे। ऐसा ही मदरसों में हुआ। मस्जिदों से आगे मदरसे निकल गए। संस्कार वहां भी नहीं।

अंग्रेजों ने नौकर बनाने की शिक्षा लागू की
धनखड़ ने कहा कि उसे ब्रिटिश तथा लार्ड काले की शिक्षा पद्धति से बेहद चिढ़ है। अंग्रेजों ने भारतीय शिक्षा की गुरुकुल परंपरा को तोड़ते हुए नौकर बनने की शिक्षा लागू की। वेस्ट बेस्ट नहीं है।

ओल्ड इज गोल्ड है। उन्होंने कहा कि मैं आज मंत्री हूं तो सिर्फ आरएसएस की बदौलत, किसी कृपा या फिर स्कूल की वजह से नहीं। धनखड़ ने अपने निजी कोष से 11 लाख रुपये की सहायता विद्यालय को दी।

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