ठेकेदार ने किया बड़ा खुलासा: मंत्री के नाम पर सिंगला को 20 लाख रुपये देते ही मिल गया करोड़ों का ठेका
तेलूराम ने बताया कि उसकी बात खाद्य आपूर्ति विभाग के डिप्टी डायरेक्टर आरके सिंगला से हुई थी और ठेका देने के लिए 30 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। बकौल तेलूराम उससे सिंगला ने कहा था कि मंत्री जी के पास 20 लाख रुपये जाएंगे तो काम हो जाएगा।
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अनाज मंडी ट्रांसपोर्टेशन घोटाले में गिरफ्तार कांग्रेस सरकार में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री रहे भारत भूषण आशु की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस मामले में गिरफ्तार ठेकेदार तेलूराम ने विजिलेंस पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। ठेकेदार के मुताबिक मंत्री के नाम पर विभाग के डिप्टी डायरेक्टर आरके सिंगला को 20 लाख रुपये देने के बाद करोड़ों का ठेका मिल गया था। दावा यह है कि रिश्वत की रकम मिलने पर मंत्री ने अफसरों को फोन पर आदेश दिया कि ठेका तेलूराम को ही दिया जाए।
ठेकेदार तेलूराम का कहना है कि उसे ठेका 2019-20 का मिला था, जिसे कोरोना के कारण तीन साल के लिए बढ़ा दिया गया। तेलूराम ने बताया कि उसकी बात खाद्य आपूर्ति विभाग के डिप्टी डायरेक्टर आरके सिंगला से हुई थी और ठेका देने के लिए 30 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था। बकौल तेलूराम उससे सिंगला ने कहा था कि मंत्री जी के पास 20 लाख रुपये जाएंगे तो काम हो जाएगा।
तेलूराम ने मंत्री जी की राशि कम करने के लिए कहा तो डिप्टी डायरेक्टर का जवाब था कि वे एक पैसा कम नहीं लेंगे। सिंगला व आशु के बीच की कड़ी मीनू मल्होत्रा था। बचे 10 लाख रुपये अधिकारियों ने आपस में बांट लिए और हनी कुमार का टेंडर रद्द कर तेलूराम को दे दिया गया।
इसके बाद खाद्य आपूर्ति विभाग में तेलूराम का सिक्का जम गया था। आरएस को-ऑपरेटिव श्रम और निर्माण सभा नवांशहर के प्रधान हनी कुमार ने 2020-21 में नवांशहर व राहो क्लस्टर और पीजी गोदाम नवांशहर में केवल लेबर के टेंडर बेसिक रेट पर डाले थे लेकिन विभाग ने इन्हें बगैर किसी आधार के रद्द कर दिए।
नवांशहर क्लस्टर के ये टेंडर ठेकेदार तेलूराम को 71 फीसदी अधिक और अन्य राहो क्लस्टर को 72 फीसदी अधिक रेट पर यशपाल व अजय को दिए गए। इसके बाद साल 2022-23 के टेंडरों में हनी कुमार ने सभा की तरफ से लेबर के काम के लिए राहो क्लस्टर और नवांशहर क्लस्टर में बेसिक रेट पर टेंडर डाले लेकिन जिला अलॉटमेंट समिति द्वारा हनी के टेंडरों को रद्द कर ठेकेदार अजयपाल को नवांशहर क्लस्टर में लेबर कार्यों के लिए 73 फीसदी अधिक और राहो क्लस्टर में 72 फीसदी अधिक रेट पर टेंडर दिए गए।
बच्चों के आधार कार्ड इस्तेमाल कर ले लिया ठेका
टेंडर भरते समय ठेकेदारों द्वारा मुहैया करवाए गए मजदूरों के आधार कार्ड की फोटो कॉपी कई बच्चों की निकली। इसमें कई आधार कार्ड नाबालिग बच्चों, कई 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के हैं। अधिकारियों ने इसकी जांच ही नहीं की और तेलूराम ने जो कहा उसी पर मोहर लगती चली गई। जिला टेंडर समिति को संबंधित ठेकेदारों की तकनीकी बिड खारिज करनी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं किया गया।