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कैट का आदेश नहीं माना, डीजीपी और एसएसपी को अवमानना नोटिस
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 25 Apr 2017 09:32 AM IST
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- फोटो : Demo Pic
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केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) ने यूटी पुलिस के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) तेजिंदर सिंह लूथरा और सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसएसपी) ईश सिंघल को अवमानना नोटिस जारी किया है। मामला ट्रिब्यूनल के फरवरी 2017 में दिए आदेश का अनुपालन नहीं करने से जुड़ा है। ट्रिब्यूनल ने मामले में दोनों को 25 मई को जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
अवमानना नोटिस वायरलेस टेक्निशियन बाल कृष्ण शर्मा की ओर से दाखिल अवमानना याचिका पर जारी किया गया है। कैट में दाखिल याचिका में शर्मा ने कहा था कि वह पुलिस हेडक्वार्टर सेक्टर-9 में बतौर वायरलेस टेक्निशियन पद पर कार्यरत है। याचिकाकर्ता ने मार्च 2016 को जारी किए गए आदेश को चुनौती दी थी। इसमें उन्हें एएसआई रैंक से हेड कांस्टेबल कर दिया गया था। साथ ही उनकी जगह अजय कुमार को उनकी जगह प्रमोट कर दिया गया था।
याचिकाकर्ता के अनुसार यह सरासर गलत और अवैध था। क्योंकि प्रतिवादी अजय कुमार के पास उसकी योग्यता ही नहीं थी और न ही उसके पास इसका कोई कार्य अनुभव था। याचिका पर सुनवाई करने के बाद ट्रिब्यूनल ने 8 फरवरी 2016 को आदेश दिया कि अजय कुमार की नियुक्ति गलत तरीके से हुई है। साथ ही बाल कृष्ण को 2010 से एएसआई के पद पर प्रमोट किया जाए। ट्रिब्यूनल ने इसके लिए यूटी प्रशासन और पुलिस को दो महीने का वक्त दिया था। इस समय अवधि में ट्रिब्यूनल के आदेश का पालन नहीं होने पर याचिकाकर्ता ने अवमानना याचिका दाखिल की थी। इस पर डीजीपी और एसएसपी को नोटिस हुआ है।
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अवमानना नोटिस वायरलेस टेक्निशियन बाल कृष्ण शर्मा की ओर से दाखिल अवमानना याचिका पर जारी किया गया है। कैट में दाखिल याचिका में शर्मा ने कहा था कि वह पुलिस हेडक्वार्टर सेक्टर-9 में बतौर वायरलेस टेक्निशियन पद पर कार्यरत है। याचिकाकर्ता ने मार्च 2016 को जारी किए गए आदेश को चुनौती दी थी। इसमें उन्हें एएसआई रैंक से हेड कांस्टेबल कर दिया गया था। साथ ही उनकी जगह अजय कुमार को उनकी जगह प्रमोट कर दिया गया था।
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याचिकाकर्ता के अनुसार यह सरासर गलत और अवैध था। क्योंकि प्रतिवादी अजय कुमार के पास उसकी योग्यता ही नहीं थी और न ही उसके पास इसका कोई कार्य अनुभव था। याचिका पर सुनवाई करने के बाद ट्रिब्यूनल ने 8 फरवरी 2016 को आदेश दिया कि अजय कुमार की नियुक्ति गलत तरीके से हुई है। साथ ही बाल कृष्ण को 2010 से एएसआई के पद पर प्रमोट किया जाए। ट्रिब्यूनल ने इसके लिए यूटी प्रशासन और पुलिस को दो महीने का वक्त दिया था। इस समय अवधि में ट्रिब्यूनल के आदेश का पालन नहीं होने पर याचिकाकर्ता ने अवमानना याचिका दाखिल की थी। इस पर डीजीपी और एसएसपी को नोटिस हुआ है।
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