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3 साल का दावा, फिर भी घर में लगी दीमक, कंपनी भरेगी मुआवजा
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Sun, 20 Mar 2016 04:04 PM IST
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दावा किया गया कि घर में तीन साल तक दीमक नहीं लगेगी, लेकिन वह लग गई। मामले में कंपनी सेवा में कोताही की दोषी करार दी गई। घर को दीमक से मुक्त करवाने के लिए मोहाली निवासी करमजीत ने पेस्ट कंट्रोल ट्रीटमेंट करवाई। तीन साल तक दीमक न लगने का दावा किया गया, फिर भी दीमक लग गई। कंपनी ने व्यक्ति से तीन साल की गारंटी देकर पांच हजार रुपये वसूले, लेकिन एक साल बाद ही कंपनी के दावों की पोल खुल गई।
घर के कई हिस्सों को दीमक ने अपना शिकार बना लिया। व्यक्ति ने कंपनी को कई बार सूचित किया। इसके बाद कंपनी ने कई बार नए सिरे से काम भी किया। लेकिन, स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। आखिर में व्यक्ति ने जिला उपभोक्ता फोरम में केस दायर किया। फोरम ने चंडीगढ़ के सेक्टर-45बी स्थित बीके पेस्ट कंट्रोल कंपनी को सेवा में कोताही का दोषी करार देते हुए 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
वहीं, उपभोक्ता के घर में दोबारा से पेस्ट कंट्रोल ट्रीटमेंट करने को कहा है। इस संबंध में फोरम में केस फेज-3बी2 निवासी करमजीत सिंह रूद्रा ने दायर किया था शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने अपने घर को कीटों से बचाने के लिए 19 अक्तूबर 2013 को उक्त कंपनी से पेस्ट कंट्रोल ट्रीटमेंट करवाया था। इसके लिए उन्होंने कंपनी को 5200 रुपये का भुगतान किया था।
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वहीं, पेस्ट कंट्रोल करते समय कंपनी ने तीन साल घर में दीमक नहीं लगने की गारंटी ली थी। लेकिन, ठीक एक साल बाद 13-8-2014 को उसने देखा कि उसके बाथरूम में कुछ हिस्से में दीमक थी। इसके बाद उसने कंपनी को जानकारी दी। 14 अगस्त 2014 कंपनी ने दोबारा से पेस्ट कंट्रोल ट्रीटमेंट की। वहीं, पांच महीने के बद 19 जनवरी 2015 को फिर से यह समस्या पैदा हो गई।
इस दौरान उनके दरवाजे को दीमक ने काफी नुकसान पहुंचा दिया था। यह तीसरा मौका था जब उन्होंने कंपनी वालों को अपने घर पर बुलाया था। 13 जुलाई 2015 को उन्होंने पाया कि कंपनी की तरफ से पेस्ट बढ़िया तरीके से नहीं कर रहा है। जिससे उनके घर को कीड़ों से मुक्ति नहीं मिल रही है। दीमक ने लड़की को पूरी तरह से खोखला कर दिया था। हालांकि, ऊपर से कोई निशान दिखाई नहीं दे रहा था। इसी चीज को आधार बनाकर उन्होंने यह केस दायर किया था।
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घर के कई हिस्सों को दीमक ने अपना शिकार बना लिया। व्यक्ति ने कंपनी को कई बार सूचित किया। इसके बाद कंपनी ने कई बार नए सिरे से काम भी किया। लेकिन, स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। आखिर में व्यक्ति ने जिला उपभोक्ता फोरम में केस दायर किया। फोरम ने चंडीगढ़ के सेक्टर-45बी स्थित बीके पेस्ट कंट्रोल कंपनी को सेवा में कोताही का दोषी करार देते हुए 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
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वहीं, उपभोक्ता के घर में दोबारा से पेस्ट कंट्रोल ट्रीटमेंट करने को कहा है। इस संबंध में फोरम में केस फेज-3बी2 निवासी करमजीत सिंह रूद्रा ने दायर किया था शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने अपने घर को कीटों से बचाने के लिए 19 अक्तूबर 2013 को उक्त कंपनी से पेस्ट कंट्रोल ट्रीटमेंट करवाया था। इसके लिए उन्होंने कंपनी को 5200 रुपये का भुगतान किया था।
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वहीं, पेस्ट कंट्रोल करते समय कंपनी ने तीन साल घर में दीमक नहीं लगने की गारंटी ली थी। लेकिन, ठीक एक साल बाद 13-8-2014 को उसने देखा कि उसके बाथरूम में कुछ हिस्से में दीमक थी। इसके बाद उसने कंपनी को जानकारी दी। 14 अगस्त 2014 कंपनी ने दोबारा से पेस्ट कंट्रोल ट्रीटमेंट की। वहीं, पांच महीने के बद 19 जनवरी 2015 को फिर से यह समस्या पैदा हो गई।
इस दौरान उनके दरवाजे को दीमक ने काफी नुकसान पहुंचा दिया था। यह तीसरा मौका था जब उन्होंने कंपनी वालों को अपने घर पर बुलाया था। 13 जुलाई 2015 को उन्होंने पाया कि कंपनी की तरफ से पेस्ट बढ़िया तरीके से नहीं कर रहा है। जिससे उनके घर को कीड़ों से मुक्ति नहीं मिल रही है। दीमक ने लड़की को पूरी तरह से खोखला कर दिया था। हालांकि, ऊपर से कोई निशान दिखाई नहीं दे रहा था। इसी चीज को आधार बनाकर उन्होंने यह केस दायर किया था।